cii-jharkhand-सीआइआइ झारखंड ने श्रम कानूनों को लेकर उद्यमियों और व्यवसायियों को दी जानकारी, डीएलसी ने कहा-29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया है, कानून का पालन करना सबसे अनिवार्य

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जमशेदपुर : भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की ओर से जमशेदपुर के रुसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंड ऑडिटोरियम में नये लेबर लॉ कोड 2020 और उद्योग पर इसके प्रभाव विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. इसका मुख्य विषय था श्रम मंत्रालय द्वारा 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया है, जिसमें मजदूरों पर कोड, सामाजिक सुरक्षा कोड, औद्योगिक संबंध कोड और व्यवसायिक, सुरक्षा, स्वास्थ्य के साथ काम करने की स्थिति का कोड शामिल है. इसको लेकर आयोजित परिचर्चा में मुख्य वक्ता के तौर पर जमशेदपुर के उपश्रमायुक्त (डीएलसी) राजेश प्रसाद मौजूद थे. श्री प्रसाद ने वहां मौजूद लोगों को बताया कि लेबर कोड में कई बदलाव आये है, जिससे कामगारों से लेकर नियोक्ताओं को भी आसान हो सकेगा. इस दौरान उन्होंने वेज कोड और इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड पर विस्तार से अपना प्रेजेंटेशन भी दिया. उन्होंने सारे उद्यमियों और व्यवसायियों को कहा कि श्रम कानूनों को लागू करना सबसे ज्यादा जरूरी है और कानून का पालन करना सबसे अनिवार्य है. इस मौके पर सीआइआइ झारखंड के चेयरमैन सह हाइको इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के तापस साहू ने कहा कि कंपनियों को रोजगार मॉडल की समीक्षा करने, नीतियों और प्रक्रियाओं को बदलने, कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करने और वित्तीय प्रभाव का निर्धारण करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. बदलावों को भी देखना है. उन्होंने कहा कि भारत के 50 करोड़ श्रमिकों में से 90 फीसदी से अधिक असंगठित क्षेत्र में कामगार हैं और इन नए कोड के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उन सभी को न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित श्रम कानूनों का लाभ मिले. इस मौके पर सीआइआइ झारखंड की एचआरएंडआइआर पैनल के संयोजक और चीफ पीपल ऑफिसर शिल्पी शिवांगी ने सत्र के दौरान थीम की जानकारी लोगो को दी. उन्होंने यहां प्रतिभागियों को कार्यशाला के आयोजन की आवश्यकता को बताया. जेमिपोल की बिजनेस एक्सीलेंस प्रमुख और सीआइआइ झारखंड की संयोजक आर संतोषी ने धन्यवाद और समापन संबोधन दिया. इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

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