Demonstration-of-trade-unions-in-Jamshedpur : केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर एक मंच पर आये विभिन्न ट्रेड यूनियन, साकची में किया धरना-प्रदर्शन, कहा-केंद्र की नीतियों के कारण असंगठित मजदूरों का जीवन व आजीविका हाशिए पर, मजदूर व किसानों को कार्पोरेट्स का गुलाम बनाने में लगी है सरकार

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Jamshedpur : केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए विभन्न श्रमिक संगठन बुधवार को एक मंच पर दिखे. उन्होंने केंद्रीय श्रम संगठनों का संयुक्त मंच के बैनर तले विरोध दिवस मनाते हुए साकची गोलचक्कर पर धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान इंटक नेता रघुनाथ पांडेय, राकेश्वर पांडेय समेत अन्य नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण कोल्हान में भी नियोक्ताओं ने तालाबंदी, छंटनी, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, वेतन कटौती, डीए फ्रीज, पीएफ विसंगतियां, काम के घंटे में वृद्धि जैसे कई हमले कर रहे हैं. इस कारण विशेष रूप से असंगठित मजदूरों के जीवन व आजीविका की स्थित हाशिए पर चली गयी है. दूसरी ओर असमान्य जल्दबाजी के साथ संसद में पारित किये गये तीनों श्रम कोड के कारण 74 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक श्रमिक और 70 प्रतिशथ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में मजदूरों के कानूनी आधिकार, सामाजिक न्याय व सामाजिक सुरक्षा कौ रौंद दिया जायेगा.

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नेताओं ने कहा कि कानूनों में एकतरफा परिवर्तन के कारण अब ट्रेड यूनियनों का गठन भी बेहद मुश्किल होगा. कर्मचारियों की हड़ताल और यहां तक कि उनकी शिकायतों और मांगों पर सामूहिक रूप से आंदोलन करने के अधिकार भी लगभग छीन लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी कोर्पोरेट आकांक्षाओं को संतुष्ट करने के लिए मजदूर और किसान दोनों को, जो वास्तव में देश के लिे जीडीपी का उत्पादन करता है, उन्हें हर तरीके से कार्पोरेट्स का गुलाम बनाने में लगी हुई है. नेताओं ने बताया कि आनेवाले दिनों में मजदूर वर्ग आक्रामक कार्रवाई के माध्यम से अपने अधिकार व हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र व संयुक्त संघर्ष करेंगे, जिसका शंखनाद हो चुका है. मजदूर अब आगे ही बढ़ेंगे. धरना-प्रदर्शन में इंटर, सूटी, एटक, एकटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी आदि ट्रेड यूनियनों के नेता व कार्यकर्ता शामिल थे.

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