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jamshedpur-bonus-जमशेदपुर की कंपनियों में चल रही बोनस की सुगबुगाहट, बोनस पर पड़ सकता है कोरोना का असर, जानिये, टाटा मोटर्स, तार कंपनी, टिनप्लेट समेत सभी कंपनियों में बोनस की क्या रहेगी स्थिति, क्या कह रहे है यूनियन के अध्यक्ष

राशिफल

जमशेदपुर : कोरोना को लेकर अर्थ व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है. वही मजदूरों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि इसका विपरीत असर कही उनके बोनस पर न पड़ जाये. बोनस की राशि मजदूरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है जिसका सभी लोगों को वर्ष भर इंतजार रहता है. खासकर गृहिणी को इसका बेसब्री से इंतजार रहता है. बोनस को लेकर मजदूरों के बीच चल रहे असमंजस के विषय मे मजदूर नेताओं ने अपनी राय रखी.

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महासचिव आरके सिंह.

टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स में पिछले साल 12.9 प्रतिशत बोनस मिला था. बोनस समझौते के तहत कर्मचारियों को न्यूनतम 19000 रुपये तथा अधिकतम 49001 रुपये मिला था. टाटा मोटर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि अभी तो उनके यहां बोनस पर बात शुरू नही हुआ है इसलिए कुछ कहना जल्दबाजी होगा. उन्होंने कहा कि वैसे तो पूरा विश्व की अर्थव्यवस्था ही ही कोरोना से प्रभावित है इससे किसी को इंकार नही है.

लाफार्ज यूनियन के महामंत्री विजय खां.

नुवोको विस्तास कॉर्प (लाफार्ज सीमेंट)
नुवोको विस्तास कॉर्प पूर्व नाम लाफार्ज में पिछले वर्ष 19 प्रतिशत बोनस मिला था. बोनस की न्यूनतम राशि 40479 व अधिकतम 154230 रुपये थी. लाफार्ज यूनियन के महामंत्री विजय खान ने कहा कि कोरोना से इस वर्ष के बोनस पर कोई असर नही पड़ेगा क्योंकि यह बोनस तो अप्रैल 2019 से मार्च 2020 तक का है, जिससे कोरोना को कोई लेना देना नही है. उन्होने कहा कि वैसे प्रबन्धन अपनी ओर से तो बोलेगी ही जो अक्सर बोलती है.

टाटा कमिंस यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एहसान अहमद सिराजी

टाटा कमिंस
टाटा कमिंस में पिछले वर्ष 18.75 प्रतिशत बोनस मिला था। बोनस की न्यूनतम राशि 24800 व अधिकतम 79022 रुपये थी. टाटा कमिंस यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एहसान अहमद सिराजी ने कहा कि बाजार में आये स्लो डाउन से उद्योग जगत जूझ ही रह था ऐसे में कोरोना की मार भी पर गयी. कोरोना का इस बोनस पर डायरेक्ट कोई असर तो नही होगा पर वार्ता में यह सामने तो आएगा.

टीएसडीपीएल यूनियन के महामंत्री अमन सिंह

टीएसपीडीएल
टीएसडीपीएल पूर्व नाम टाटा रायसन (अब टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम कंपनी) में पिछले वर्ष 18 प्रतिशत बोनस मिला था. ग्रेड के साथ बोनस को लेकर यूनियन ने प्रयास किया था पर 20 प्रतिशत को लेकर बोनस अटक गया जो बाद में 18 फीसदी पर समझौता हुआ. टीएसडीपीएल यूनियन के महामंत्री अमन सिंह ने कहा कि बोनस पर इसका असर पड़ना स्वभाविक है. उन्होंने कहा कि उनके यहां वार्ता शुरू तो नही हुई है पर इसका साइड इफेक्ट तो पड़ेगा ही. उन्होंने कहा कि बोनस तो पिछले वर्ष के आधार पर मिलना है पर इससे कम्पनी पर अभी तो असर पर रहा है.

मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय.

टिनप्लेट
टिनप्लेट कम्पनी में पिछले वर्ष 17.50 प्रतिशत बोनस मिला था। बोनस की राशि न्यूनतम 24560 व अधिकतम 55796 रुपये थी. यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने बताया कि अभी कंपनी में बातचीत का रास्ता खुला हुआ है. बेहतर बोनस कराने की कोशिश होगी. कोरोना 2020 में आयी है, 2019 का बोनस मिलना है, इस कारण काफी ज्यादा खराब पड़ेगा, यह नहीं कहा जा सकता है. वैसे इसको लेकर कोशिश की जायेगी.

तार कम्पनी
तार कम्पनी आईएसडब्लूपी में पिछले वर्ष 20 प्रतिशत बोनस मिला था. बोनस की राशि न्यूनतम 18300 रुपये व अधिकतम 58800 रुपये थी. तार कंपनी यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने बताया कि अभी वार्ता शुरू होगी. बेहतर बोनस मिले, यह यूनियन की कोशिशें होती है. इस कोशिश को जारी रखी जायेगी.

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