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jamshedpur-historical-news-जमशेदपुर में तैयार की गयी थी द्वितीय विश्वयुद्ध में इस्तेमाल में लाये गये आरमर्ड कार, जो किसी बंकर से भी ज्यादा शक्तिशाली थी, जानें क्या है इसका इतिहास

राशिफल

टाटा स्टील द्वारा टाटा मोटर्स के सहयोग से तैयार की गयी टाटानगर आरमर्ड कार.

जमशेदपुर : जमशेदपुर और टाटानगर समेत टाटा स्टील से जुड़ी कई ऐसे इतिहास है, जो आपको गौरांवित करते है. ऐसी ही एक जानकारी को हम साझा कर रहे है. जमशेदपुर के टाटा स्टील में पहली बार टाटा मोटर्स के सहयोग से टाटानगर आरमर्ड कार बनाया गया है. पहला और एकमात्र यह आरमर्ड कार भारत में बनाया गया था, जिसका इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध में अफ्रीका के एक्सिस पावर द्वारा इस्तेमाल में लाया गया था. वर्ष 1942 में टाटा स्टील की ओर से आरमर्ड प्लेट्स बनाने वाला प्लांट स्थापित किया गया था ताकि भारत को सुरक्षा और सामरिक तौर पर मदद की जा सके, अगर किसी तरह की युद्ध की स्थिति हुई तो. (नीचे देखे पूरी खबर)

आरमर्ड कार, जिसको गोपाल मैदान में लगाया गया था.

इसमें स्पेशल क्वालिटी के स्टील शीट बनाये जाते थे, जिसमें एलॉय स्टील, सीलीकॉन को मिलाकर तैयार किया जाता था और बुलेट प्रुफ आरमर प्लेट लगाया जाता था, जिसकी मोटाई 4 एमएम से 14 एमएम तक थी, जिसका इस्तेमाल आरमर्ड कार में की जाती थी. एक युद्ध में लड़ने वाले सैन्य पदाधिकारी ने कहा था कि टाटानगर में बने आरमर्ड कार किसी तरह के बंकर से भी ज्यादा सुरक्षित थे, जो जल्दी बरबाद नहीं होते थे जब तक सीधे तौर पर बम से हमला नहीं कर दिया गया हो. इस तरह की कार का डिस्प्ले टाटा स्टील वकर्स में भी रखा गया है जबकि एक मॉडल को टाटा मोटर्स में भी रखा गया है. टाटा स्टील विंटेज और क्लासिक कार व बाइक रैली में इसी साल इसका प्रदर्शन भी किया गया था.

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