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jamshedpur-ucil-यूसिल के तकनीकी निदेशक का पदभार राजेश कुमार ने लिया, पदभार संभालते ही सारे खदानों की ली जानकारी

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जादूगोड़ा : भारत सरकार की उपक्रम यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) के नए तकनीकी निदेशक राजेश कुमार ने मंगलवार को अपना पद ग्रहण किया. नये तकनीकी निदेशक का चयन भारत सरकार के पर्सनल एंड ट्रेंनिग विभाग पब्लिक इंटरप्राइज सलेक्शन बोर्ड द्वारा पांच अगस्त 2020 को ही कर दिया गया था, किसी तकनीकी कारण के लिए उनका लेटर रुक गया था. 10 महीने के लंबे समय तक यब पद खाली रहा. जिसका पदभार ग्रहण राजेश कुमार ने किया. उनका यूसिल में 30 साल का अनुभव है. पदभार ग्रहण करते ही वे मंगलवार की शाम यूसिल के वरीय अधिकारियों के संघ बैठक किया व जरूरी दिशा निर्देश दिया इस दौरान अधिकारियों ने राजेश कुमार को गुलदस्ता देकर बधाई दिया. वह इससे पूर्व में उसी संगठन में महाप्रबंधक (भंडार और खरीद / मिल सुरक्षा) के रूप में कार्यरत थे. उन्हें यूसिल के निदेशक (तकनीकी) के पद के लिए सात उम्मीदवारों की सूची में से अनुशंसित किया गया था, जिनका चयन पैनल द्वारा साक्षात्कार किया गया था. सूची में कुल चार उम्मीदवार थे जो यूसिल से थे, दो उम्मीदवार एनएमडीसी लिमिटेड से थे और एक उम्मीदवार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण इंजीनियरिंग सेवा से था. यूसिल के निदेशक (तकनीकी) के रूप में, राजेश कंपनी के तकनीकी प्रभाग का नेतृत्व करेंगे और खानों और संयंत्रों के संचालन और परियोजनाओं के निष्पादन के लिए भी जिम्मेदार होंगे. वह कंपनी के कुशल और लाभदायक संचालन के लिए वैधानिक और कॉर्पोरेट जिम्मेदारियों का प्रयोग करेंगे और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे. ”भारतीय यूरेनियम निगम (यूसिल)” भारतीय यूरेनियम निगम (यूसिल) यूरेनियम खनन और यूरेनियम प्रसंस्करण के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत एक केंद्रीय स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) है. निगम की स्थापना 1967 में हुई थी और यह भारत में यूरेनियम अयस्क के खनन और मिलिंग के लिए जिम्मेदार है. यूसिल झारखंड राज्य में छह भूमिगत खदानें (बगजाता, जादूगोड़ा, भटिन, नरवापहाड़, तुरामडीह और मोहुलडीह) और एक ओपन-पिट खदान (बंदुहुरंग) संचालित करती है. इन खदानों से उत्पादित अयस्क को जादूगोड़ा और तुरामडीह स्थित दो प्रक्रिया संयंत्रों में संसाधित किया जाता है.

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