Jharkhand-INTUC-Meeting : झारखंड प्रदेश इंटक कार्यकारिणी समिति की जूम मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी ने कहा-ट्रेड यूनियन के समक्ष आज कई चुनौतियां, प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने कहा-सभी साथियों को मिलकर मजदूर हित में करना होगा काम

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Ranchi/Jamshedpur : झारखंड प्रदेश इन्टक के कार्यकारिणी की जूम मीटिंग शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पान्डेय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में इन्टक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी सन्जीवा रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम दिवंगत नेताओं प्रदेश इन्टक के पूर्व अध्यक्ष स्व राजेन्द्र प्रसाद सिंह, स्व अजब लाल शर्मा एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति स्व प्रणव मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में इन्टक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रेड्डी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किए जाने पर बधाई दी गई।

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आने वाले समय में बेरोजगारी और बढ़ेगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने अपने सम्बोधन में कहा कि ट्रेड यूनियन के समक्ष आज कई चुनौतियां हैं। जहां एक ओर उद्योगों से कर्मचारियों की छटनी हो रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा की केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को पूंजी पतियों के हाथों में बेचने का काम कर रही है। जिससे आने वाले समय में बेरोजगारी और बढ़ेगी। उन्होंने नई कमेटी को बधाई देते हुए कहा कि अभी इन्टक के साथियों को ग्रामीण क्षेत्रों में एवं असंगठित क्षेत्र में अधिक काम करने की आवश्यकता है।

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सभी साथियों को मिलकर मजदूर हित में काम करना है:
प्रदेश इंटक के अध्यक्ष राकेश्वर पान्डेय जी ने कहा कि आज कोरोना के इस कालखन्ड में जहां एक ओर महामारी ने अपना भयावह स्वरूप ले लिया है‌। हमारे बीच के बहुत सारे साथी इस महामारी के शिकार हो गये।वहीं दूसरी ओर पूरे प्रदेश में सभी गतिविधियां शिथिल हो गयी हैं। इन विपरीत परिस्थितियों में काम करना एक बड़ी चुनौती है। जो भी साथी इन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, वे धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी साथियों को मिलकर मजदूर हित में काम करना है।

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इन्होंने भी रखे अपने विचार
बैठक में मुख्य रूप से राणा संग्राम सिंह, ओपी लाल, कुमार जय मंगल सिंह, एके झा, ललन चौबे, रघुनाथ पान्डेय, संतोष महतो, बीरेन्द्र नाथ चौबे, गुरमीत सिंह तोते, आर.रवि प्रसाद, शहनवाज आलम, राज राजेन्द्र प्रताप सिंहदेव, जवाहर लाल सिन्हा, आभा सिन्हा, लीलाधर सिंह, आरके सिंह, विजय खां, महेन्द्र मिश्र, अरविन्द पाण्डेय, विनोद राय, शैलेश पान्डेय, मनोज सिंह, परविन्दर सिंह, देविका सिंह, गुंजन सिंह, अशोक सिंह, श्रीकान्त सिंह, पंकज सिंह, बीपी अम्बष्ठा, सुरेश चन्द्र झा, नूरजहां खान वारसी, संजीव श्रीवास्तव, उषा सिंह, शिखा चौधरी, मीरा तिवारी, एसएस जमां,अंबुज कुमार व अन्य ने अपने विचार रखे।

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