tata-motors-bonus-टाटा मोटर्स में बोनस को लेकर वार्ता, समझौता होने की ओर वार्ता, स्थायीकरण का पेंच फंसा

राशिफल

जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में बोनस को लेकर बुधवार को वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन और प्रबंधन के बीच बोनस जल्द कराने के प्रयास से एक ही दिन में दो बैठक आयोजित की गई. सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक शाम को 3:00 बजे से 5:00 बजे तक बैठक हुई. गुरुवार को भी बैठक होना तय हुआ है. बैठक में पूर्णरूपेण समझौता पूर्ण वातावरण नहीं होने के कारण गुरुवार को फिर से बैठने का निर्णय लिया गया. दोनों पक्षों से यह तय है की बोनस जल्द करना है. बीच की समस्याओं का निदान करने के लिए युद्धस्तर पर वार्ता चल रही है. बैठक में प्रबंधन की ओर से आईआर हेड दीपक कुमार और यूनियन की ओर से अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते एवं महामंत्री आरके सिंह सम्मिलित हुए. इस बैठक के दौरान मुख्य तौर पर वार्ता समझौता की ओर तो बढ़ रहा है, लेकिन स्थायीकरण का पेंच फंस गया है. बताया जाता है कि कारोबार का हवाला देते हुए स्थायीकरण का पेंच फंस गया है. मैनेजमेंट स्थायीकरण करना नहीं चाहती है जबकि बोनस की राशि को लेकर भी जीच है. टाटा मोटर्स में भी बोनस के साथ स्थायीकरण की परिपाटी रही है. कई बार कंपनी की ओर से ब्लॉक क्लोजर लिया जा चुका है. इससे कारोबार की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. टाटा मोटर्स में घाटा हो रहा है, ऐसे में स्थायीकरण के साथ बोनस की राशि बढ़ाना बड़ी चुनौती है. वर्ष 2019-2020 के कारोबार के लिहाज से 2020 में टाटा मोटर्स के कर्मचारियों को 10 फीसदी बोनस हुआ जबकि अधिकतम 46001 और औसतन 32900 रुपये मिले थे. समझौता के तहत 2009 और 2010 बैच के 221 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने पर भी सहमति बन गयी थी. करीब 300 लोगों को सुपरन्यूएशन स्कीम का लाभ दिया गया था. कंपनी के अस्थायी कर्मचारियों को कार्य दिवस के मुताबिक, 8.33 फीसदी बोनस दिया गया था. पिछले साल 5600 स्थायी कर्मचारी थे जबकि 3700 अस्थायी कर्मचारी थे.
टाटा मोटर्स में पांच साल का बोनस एक नजर में :
वित्तीय वर्ष——-फीसदी——-न्यूनतम और अधिकतम राशि————स्थायीकरण

2014-2015——–10———14135 और 30221 रुपये——————–321
2015-2016——–12———16200 और 33150 रुपये—————–250
2016-2017——–10——–17893 और 36018 रुपये——————-301
2017-2018——-12.2—–23231 और 46321 रुपये——————305
2018-2019——-12.9——-19000 और 49

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