कंपनी एंड ट्रेड यूनियनटाटा मोटर्स कांवाई चालक : एक्सग्रेशिया की मांग पर चालको का धरना...
spot_img

टाटा मोटर्स कांवाई चालक : एक्सग्रेशिया की मांग पर चालको का धरना तीसरे दिन भी जारी, टाटा मोटर्स के कांवाई चालक किसके मजदूर, औद्योगिक न्यायाधिकरण में 11 अक्टूबर तक मांगा जवाब

राशिफल

टाटा मोटर्स के कांवाई चालक धरना देते हुए.

जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के कांवाई चालक नेता ज्ञान सागर प्रसाद समेत 48 कांवाई चालकों को एक्सग्रेसिया की राशि नहीं मिलने के विरोध में तीसरे दिन भी टाटा मोटर्स गेट पर धरना जारी रहा. सुबह 11 बजे ज्ञान सागर के नेतृत्व में तमाम चालक गेट पर पहुंचे. काफी देर धरना के बाद टाटा मोटर्स के प्लांट हेड विशाल बादशाह के नाम एक पत्र सौंपा, जिसमें धरना के संबंध में अपना मंतव्य जाहिर करने की मांग की. मांग पत्र के अनुसार टीटीसीए के कार्यपालक पदाधिकारी महेश शरण एवं लीगल हेड राजेश दास की भूमिका पर भी सवाल उठाया. साथ ही बताया कि एक्सग्रेसिया की राशि दिया जाना जायज मांग है. गेट पर धरना देने से कंपनी की छवि धूमिल हो रही है. इस मांग को जल्द पूरा करने का आग्रह किया गया है. इस अवसर पर काफी संख्या में चालक मौजूद थे.

टाटा मोटर्स के कांवाई चालक किसके मजदूर, औद्योगिक न्यायाधिकरण में 11 अक्टूबर तक मांगा जवाब

रांची औद्योगिक न्यायाधिकरण ने टाटा मोटर्स प्रबंधन को नोटिस जारी कर 11 अक्टूबर को होने वाले सुनवाई में उपस्थित होकर अपना लिखित जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है. रेफरेंस केस संख्या 3/2019 में उक्त कार्रवाई हेतु टाटा मोटर्स प्रबंधन के साथ पार्टी बनाए गए कांवाई चालक नेता ज्ञानसागर प्रसाद नोटिस जारी किया गया है. उक्त जानकारी देते हुए ज्ञान सागर प्रसाद ने बताया कि कांवाई चालकों के मौलिक अधिकारों के समाधान पर रांची नेपाल हाउस में 25 जून 2019 को झारखंड सरकार के प्रधान सचिव श्रमायुक्त द्वारा बैठक कर टाटा मोटर्स टीटीसीए, 11 ट्रांसपोर्ट, ऑल इंडिया इंटक यूनियन एवं ज्ञानसागर प्रसाद को मुख्यवादी बनाया है. इस संबंध में कांवाई नेता ज्ञानसागर प्रसाद ने बताया कि झारखंड के राज्यपाल के आदेश से कांवाई चालकों की मांगों पर 11 सितंबर को अधिसूचना जारी कर राज्य सरकार द्वारा गठित औद्योगिक न्यायाधिकरण रांची को न्याय निर्णय निर्देश दिया है. ज्ञानसागर प्रसाद के साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए झारखंड सरकार द्वारा टाटा मोटर्स एवं कांवाई चालकों के बीच नियोक्ता एवं नियोजित को मुख्य विवाद में रखते हुए ट्रांसपोर्टर्स, टीटीसीए एवं अवैध यूनियन को टाटा मोटर्स का हिस्सा माना. कांवाई चालकों के कार्य को 24 घंटे की मंजूरी दे, वेतन क्या होना नही चाहिए ? सवाल न्यायालय के संज्ञान में लाया गया. ज्ञानसागर ने बताया कि लगातार तीन वर्षों के कठिन आंदोलन के परिणाम स्वरूप झारखंड सरकार को कांवाई चालकों के संदर्भ में अपना निर्णय करना पड़ा. उन्होंने कहा कि इससे कांवाई चालकों के मांगों पर न्याय हो सकेगा.

Must Read

Related Articles

Floating Button Get News On WhatsApp
Don`t copy text!