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tata-motors-टाटा मोटर्स के मृत सुरक्षाकर्मी के परिजनों ने यूनियन महामंत्री के घर का घेराव, परिजनों को कोई लाभ नही दिला पाई यूनियन, महामंत्री का नही पसीजा दिल

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जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटा मोटर्स प्लांट में काम करने वाले सुरक्षाकर्मी आलोक रंजन की मौत के बाद किसी तरह की कोई सुविधा परिवार को नही मिल पाई है. मजदूरों के तथाकथित नेता और रहनुमा कहे जाने वाले टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से भी कोई पहल नहीं की गई. किसी तरह की पहल नही होने से परिवार की हालत खराब हो चुकी है. मंगलवार को मृत सुरक्षाकर्मी की पत्नी नीतू सिंह और उसके पिता के सब्र का बांध टूट गया. पूरा परिवार टेल्को क्षेत्र स्थित टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह के घर पहुँच गया और उनके दरवाजे पर धरना पर बैठ गए. वे लोग परिवार को कंपनी के प्रावधान के तहत सुविधाएं दिलाने की मांग कर रहे थे.

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इन लोगो ने यूनियन पर आरोप लगाया कि वे लोग काफी मिन्नत भी किये लेकिन उनकी बातों को किसी ने नही सुना और कोई मुआवजा या कोई लाभ तक नही दिला पाए. जब माहौल गरमाया तो आरके सिंह के घरवालों ने न्याय मांगने के लिए आये अपने नेता के घर से बाहर निकाल दिया. इसके बाद पूरा परिवार सड़क पर बैठ गया. करीब 2 घण्टे के हंगामा के बाद माहौल शांत हो पाया लेकिन न्याय नही मिल पाया. मौके पर पुलिस ने पहुंचकर आश्वासन दिया कि वे लोग उनकी जायज मांगो को पूरा कराने का प्रयास करेंगे. इस मामले को लेकर आरके सिंह जरूर विरोधियों के निशाने पर आ गए है और मैनेजमेंट का पिछलग्गू नेता के रुप में उनका नाम शुमार होने लगा है. गौरतलब है कि टाटा मोटर्स के सुरक्षाकर्मी आलोक रंजन की मौत जलने के कारण हो गई थी. उनकी मौत के काफी दिन हो गए है लेकिन कोई मुआवजा तक नही मिल पाया है. ऐसे में परिवार दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हो गए है. इस मामले में मैनेजमेंट ने भी चुप्पी साध रखी है. मजदूरों का हित करने के नाम पर यूनियन पर काबिज गुरमीत सिंह तोते और आरके सिंह की भी मजदूर हित मे कोई आवाज नही उठना यह दर्शाता है कि यूनियन का क्या रुख है. यूनियन मजदूरों के साथ है या मैनेजमेंट के साथ यह सहज ही समझा जा सकता है.

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