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tata-sons-dedicate-tata-steel-new-historical-project-टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में एकीकृत सिंटर प्लांट ऑपरेशन सेंटर को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने किया समर्पित, भारत के किसी भी स्टील प्लांट में यह पहला प्रयास, सोलर पावर प्रोजेक्ट की भी की शुरुआत, जाने क्या है यह नया प्रोजेक्ट और क्या आयेगा इससे बदलाव

राशिफल

जमशेदपुर : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने संस्थापक दिवस के मौके पर टाटा स्टील के जमशेदपुर वर्क्स के अंदर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सिस्टम (आईटीएस) भवन में एक एकीकृत सिंटर प्लांट ऑपरेशन सेंटर (आइएसपीओसी) का उद्घाटन किया. इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन समेत अन्य लोग मौजूद थे. टाटा स्टील ने इंडस्ट्री 4.0 में एक बेंचमार्क लीडर बनने के अपने प्रयास में आईएसपीओसी की स्थापना करके पथप्रदर्शक इकाई का सृजन किया है. तीन वर्तमान ऑपरेटिंग सिंटर प्लांट इकाइयों को प्लांट से लगभग 6 किलोमीटर दूर एक फार-साइट सिंगल ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर में मिला दिया गया है. आईएसपीओसी सिंटर संयंत्रों के संचालन और नियंत्रण में एक आदर्श बदलाव को दर्शाता है तथा यह हाई डेफनिशन वीडियो डिस्प्ले, उन्नत मशीन लर्निंग मॉडल, मजबूत वॉयस कम्यूनिकेशन नेटवर्क का उपयोग करता है ताकि सिंटरिंग संचालन की निगरानी और उसका नियंत्रण किया जा सके. यह किसी भी भारतीय सिंटर संयंत्र के संचालन के लिए अपनी तरह का पहला प्रयास है, जो मौजूदा प्रक्रिया दक्षता को बढ़ाने, बेहतर तालमेल और एजाइल निर्णय लेने में पारंपरिक मानसिकता से बदलाव को प्रदर्शित करता है. (नीचे देखे पूरी खबर)

श्री चंद्रशेखरन ने जमशेदपुर वर्क्स में वर्चुअल रियलिटी रूम, इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट्स (ईएंडपी) बिल्डिंग एवं टाटा स्टील कलिंगानगर में पिलेट प्लांट और कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) के पहले इक्विपमेंट के रिमोट ट्रायल का वर्चुअली उद्घाटन किया. ईएंडपी बिल्डिंग से, उन्होंने जमशेदपुर वर्क्स के सेंट्रल वेयरहाउस और कोल्ड रोलिंग मिल में अभूतपूर्व सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के फर्स्ट पैनल के निर्माण को शुरू किया. ये टाटा स्टील जमशेदपुर और टाटा स्टील कलिंगानगर में सौर ऊर्जा के लिए एक बड़ी परियोजना का हिस्सा हैं, जिसमें ग्राउंड माउंटेड, रूफ-टॉप और फ्लोटिंग सोलर पैनल शामिल हैं. टीएसके, टीएसजे तथा जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट एवं डोमजुरी में स्थापित पैनलों की कुल क्षमता 56 मेगावाट है. यह परियोजना ‘ग्रीनर टुमॉरो’ बनाने की दिशा में टाटा स्टील और टाटा पावर का एक साझा प्रयास है. चेयरमैन ने डिजिटल ट्विन इंटरफेस के माध्यम से टाटा स्टील कलिंगानगर में आगामी कोल्ड रोलिंग मिल और पिलेट प्लांट परियोजनाओं के लिए पहले इक्विपमेंट के परीक्षण को भी शुरू किया. यह कलिंगानगर विस्तार परियोजना में इसे 3 से 8 मिलियन टन प्रति वर्ष करने में मील का पत्थर साबित होने का प्रतीक है.

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