tata-steel-annual-report-टाटा स्टील के वित्तीय प्रदर्शन पर कोरोना की भारी मार, भारत में भी घाटा हुआ, टाटा स्टील के एमडी ने क्या कहा कैसा होेगा आने वाला वर्ष

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टाटा स्टील के भारतीय ऑपरेशन में प्रदर्शन एक नजर में :
प्रोफिट व लॉस का एरिया-वित्तीय वर्ष 2019-2020-वित्तीय वर्ष 2018-2019-वित्तीय वर्ष 2019-2020 का चौथा तिमाही-वित्तीय वर्ष 2018-2019 का चौथा तिमाही
प्रोडक्शन-18.20 मिलियन टन-16.81 मिलियन टन-4.73 मिलियन टन-4.48 मिलियन टन
टर्नओवर-82125 करोड़ रुपये-89979 करोड़ रुपये-19493 करोड़ रुपये-24901 करोड़ रुपये
टैक्स व अन्य देनदारियों के पहले का मुनाफा-17650 करोड़ रुपये-23934 करोड़ रुपये-4568 करोड़ रुपये-5767 करोड़ रुपये
टैक्स की देनदारियों के बाद का मुनाफा-5611 करोड़ रुपये-9777 करोड़ रुपये-563 करोड़ रुपये का घाटा-2309 करोड़ रुपये का मुनाफा

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टाटा स्टील के सभी प्लांट का समेकित रिपोर्ट व प्रदर्शन एक नजर में :
प्रोफिट व लॉस का एरिया
-वित्तीय वर्ष 2019-2020-वित्तीय वर्ष 2018-2019-वित्तीय वर्ष 2019-2020 का चौथा तिमाही-वित्तीय वर्ष 2018-2019 का चौथा तिमाही
प्रोडक्शन-28.46 मिलियन टन-27.11 मिलियन टन-7.37 मिलियन टन-7.21 मिलियन टन
टर्नओवर-139817 करोड़ रुपये-157669 करोड़ रुपये-33770 करोड़ रुपये-42424 करोड़ रुपये
टैक्स व अन्य देनदारियों के पहले का मुनाफा-17735 करोड़ रुपये-29770 करोड़ रुपये-4669 करोड़ रुपये-7762 करोड़ रुपये
टैक्स की देनदारियों के बाद का मुनाफा-2337 करोड़ रुपये-9187 करोड़ रुपये-1236 करोड़ रुपये का घाटा-2353करोड़ रुपये का मुनाफा

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जमशेदपुर : टाटा स्टील के वित्तीय वर्ष 2019-2020 (1 अप्रैल 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 तक) के वित्तीय प्रदर्शन पर कोरोना वायरस की जबरदस्त मार पड़ी है. टाटा स्टील ने सोमवार को जारी किये गये अपने वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित आंकड़े के मुताबिक, टाटा स्टील ने बीते वित्तीय वर्ष 2018-2019 (1 अप्रैल 2018 से लेकर 31 मार्च 2019) के मुकाबले काफी बेहतर प्रोडक्शन तो किया है, लेकिन वित्तीय वर्ष में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण पहले तो विदेश और फिर भारत में कारोबार काफी नरम रही, जिसका असर देखने को मिला. टाटा स्टील की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वइत्तीय वर्ष 2018-2019 में सारे टैक्स व देनदारियों के बाद का मुनाफा 9187 करोड़ रुपये कमाया था तो इस बार के वित्तीय परिणाम के मुताबिक, 2019-2020 में यह मुनाफा घटकर 2337 करोड़ रुपये हो गया यानी टाटा स्टील ने समेकित तौर पर यानी भारत और विदेशों के संयंत्रों के मिलाकर 6850 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है. अगर भारत की बात की जाये तो टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 9777 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, जिसके विपरित वित्तीय वर्ष 2019-2020 में कुल 5611 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. सिर्फ भारत में करीब 4166 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है. वैसे बीते वित्तीय वर्ष 2018-2019 के चौथे तिमाही (जनवरी 2018 से मार्च 2019) 2309 करोड़ रुपये का भारत में मुनाफा कमाया था तो 2019-2020 के चौथे तिमाही (जनवरी 2010 से मार्च 2020) में 563 करोड़ रुपये का घाटा रिकॉर्ड की है. भारत में टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट और कलिंगानगर प्लांट के अलावा अधिग्रहित भूषण स्टील और उषा मार्टिन यानी टाटा लांग प्रोडक्ट लिमिटेड भी शामिल है.
टाटा स्टील के जमशेदपुर और कलिंगानगर में पानी की खपत घटी, सॉलिड वेस्ट के इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी :
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में पानी की खपत में कमी आयी है. टाटा स्टील वित्तीय वर्ष 2018-2019 में जहां 3.27 एम3/टीसीएस का पानी की खपत करती थी, वहीं अब पानी की खपत को कम करते हुए 2.80 एम3/टीसीएस कर चुकी है. सॉलिड वेस्ट के बेहतर इस्तेमाल में भी बढ़ोत्तरी की गयी है. टाटा स्टील के जमशेदपुर और कलिंगानगर प्लांट में क्रमश: 102 फीसदी और 101.2 फीसदी सॉलिड वेस्ट का फिर से इस्तेमाल किया जाता है.
क्या कहते है टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन :
‘वित्तीय वर्ष 2019-2020 काफी चुनौतीपूर्ण साल रहा है. भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष के पहले छहमाही में ऑटोमोटिव सेक्टर में आयी गिरावट के कारण काफी घाटे में रही थी. दूसरे छहमाही में जब वित्तीय व्यवस्था सुधार की ओर अग्रसर हो रही तो अचानक से कोरोना वायरस (कोविड-19) का हमला हो गया, जिसके बाद अंतिम तिमाही में तो और स्थिति बदतर हो गयी. हम लोगों ने इस चुनौती का सामना किया और नगदी को बनाये रखने में काफी कदम उठाये ताकि बिजनेस पर कोई रिस्क नहीं आ सके. हालांकि, टाटा स्टील के अधिग्रहित भूषण स्टील और टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट ने बेहतर प्रदर्शन किया है जबकि डिलीवरी भी बेहतर रही थी. हालांकि, यह आशंका है कि चालू वित्तीय वर्ष यानी 2020-2021 के प्रथम तिमाही तक प्रदर्श़न पर प्रतिकूल असर जरूर पड़ेगा, लेकिन यह उम्मीद है कि अब हालात में सुधार होंगे और बिजनेस का कंडिशन में भी सुधार हो सकेगा.

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