tata-steel-bonus-agreement-signed-टाटा स्टील में हो गया बोनस समझौता, बोनस की राशि पिछले साल से ‘घटा’, इस साल मिलेगा 12.9 फीसदी बोनस, कुल बोनस की राशि में 4.07 करोड़ की कमी, जानें कितना हुआ बोनस, किस कर्मचारी को कितना और कब मिलेगा बोनस, किस मद में कितना मिला बोनस, पूरी खबर पढ़े-www.sharpbharat.com-की खबर सही साबित

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टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद समझता पर हस्ताक्षर करने के बाद.

जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का वित्तीय वर्ष 2019-2020 के तहत बोनस समझौता हो गया. सोमवार को बोनस समझौता पर टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के नेताओं के बीच बोनस समझौता हो गया. पहले से तय समझौता के फार्मूला के आधार पर यह बोनस समझौता मिला, जिसके तहत कर्मचारियों को इस साल कुल 235.54 करोड़ रुपये बोनस मद में मिलेगा. पिछले साल कुल बोनस की राशि 239.61 करोड़ रुपये मिली थी यानी इस साल कुल 4.07 करोड़ रुपये कम बोनस कर्मचारियों को मिला है. वैसे कर्मचारियों का वेतन भी पिछले साल से ज्यादा मिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को कम बोनस मिला है. हालांकि, वैश्विक बाजार के कारण कंपनी में मुनाफा में आयी गिरावट और सेफ्टी में दुर्घटना होने के कारण काफी ज्यादा नुकसान हुआ. इस साल 24074 कर्मचारियों को बोनस मिलेगा, जिसमें जमशेदपुर में कुल 12807 कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि बांटी जायेगी, जिसमें टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट (ट्यूब डिवीजन समेत) में कुल 142.05 करोड़ रुपये का बोनस मिल जायेगा. सोमवार को टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन, वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी के साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद समेत तमाम 11 पदाधिकारियों ने समझौता पर हस्ताक्षर किया. तय समझौता की राशि कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में 14 अक्तूबर तक चला जायेगा. बोनस की राशि मिलने में लगभग एक माह का समय लगेगा. वैसे तो बोनस का समझौता फीसदी के आधार पर नहीं होता है बल्कि एकमुश्त राशि तय कर दी जाती है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि का वितरण किया जाता है, लेकिन अगर कुल 235.54 करोड़ रुपये को 240074 कर्मचारियों को बंटेगा, जिसमें जमशेदपुर में 12807 कर्मचारियों (सभी तरह के ग्रेड के कर्मचारी) के बीच बांटने के बीच उसका बोनस की राशि का फीसदी निकाला जाये तो यह करीब 12.9 फीसदी बोनस की राशि हो रही है. बोनस समझौता के तहत नया वेतनमान (वेज रिवीजन समझौता के आधार पर) मिला है. इसके तहत कर्मचारियों का 212.71 करोड़ रुपये एरियर की राशि कर्मचारियों के बीच जमशेदपुर में बांटी गयी थी, जो बढ़कर बोनसेबल एमाउंट 1100.84 करोड़ रुपये है जिसमें बेसिक व डीए को जोड़कर 888.13 करोड़ रुपये और एरियर पर 212.71 करोड़ रुपये हुआ है, जो कुल 1100.84 करोड़ रुपये हो चुका है. कर्मचारियों का वेतन वेज रिवीजन में जो बढ़ा था, इस कारण कर्मचारियों का बोनस ज्यादा मिल रहा है नहीं तो अगर पुराना वेतनमान होता तो बोनस की राशि कम हो जाती, इस कारण कम होने के बावजूद बेहतर बोनस मिला है.

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शार्प भारत की खबर सही साबित
इस तरह http://www.sharpbharat.com की खबर सही साबित हुई क्योंकि पहले ही हम लोगों ने यह लिख दिया था कि इस बार बोनस की राशि काफी कम होने जा रही है, जो सही साबित हुई, देखे जो न्यूज पहले प्रकाशित हुई थी.

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इस साल (वित्तीय वर्ष 2019-2020) कितना मिलेगा बोनस की राशि :
टाटा स्टील का तय मानक का एरिया-इस साल 2019-2020 का आंकड़ा-इस साल कितना मिला था बोनस
टाटा स्टील का मुनाफा-7935.89 करोड़ रुपये-119.04 करोड़ रुपये
प्रोफिटेबिलिटी (प्रोफिट प्रति टन बिक्री योग्य स्टील)-6162 रुपये प्रति टन-41.5 करोड़ रुपये
उत्पादकता (क्रूड स्टील प्रति टन/प्रति कर्मचारी/प्रति वर्ष)-546 प्रति टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष-75 करोड़ रुपये
सेफ्टी-जीरो

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पिछले साल (वित्तीय वर्ष 2018-2019) के तय बोनस फार्मूला के मुताबिक, पिछले साल कितना मिला था बोनस जानें :
टाटा स्टील का तय मानक का एरिया-पिछले साल 2018-2019 का आंकड़ा-पिछले साल कितना मिला था बोनस
टाटा स्टील का मुनाफा- 8207 करोड़ रुपये-123.11 करोड़ रुपये
प्रोफिटेबिलिटी (प्रोफिट प्रति टन बिक्री योग्य स्टील)-6323 रुपये प्रति टन-41.50 करोड़ रुपये
उत्पादकता (क्रूड स्टील प्रति टन/प्रति कर्मचारी/प्रति वर्ष)-528 प्रति टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष-70 करोड़ रुपये
सेफ्टी-5 करोड़ रुपये

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बोनस की राशि कितनी इस साल बंटेगी :
कुल कर्मचारियों की संख्या-12807 कर्मचारी
कुल बोनस (बोनेसेबल एमाउंट) जिसके आधार पर बोनस दिया गया-1825.37 करोड़ रुपये
कुल बोनेसेबल एमाउंट सिर्फ जमशेदपुर टाटा स्टील और ट्यूब डिवीजन मिलाकर 1100.84 करोड़ रुपये
कुल बोनस की राशि-235.54 करोड़ रुपये
कुल बोनस की राशि सिर्फ जमशेदपुर में बंटेगा-142.05 करोड़ रुपये
औसतन बोनस की राशि जमशेदपुर और ट्यूब में-1 लाख 10 हजार 914 रुपये
अधिकतम हाजिरी वाले मजदूर जो ओल्ड ग्रेड के कर्मचारी है, उसको कितना बोनस मिलेगा-3 लाख 01 हजार 402 रुपये
एनएस ग्रेड के सबसे ज्यादा हाजिरी वाले कर्मचारी का बोनस की राशि-84 हजार 496 रुपये
एनएस ग्रेड के कर्मचारी का अधिकतम बोनस-26839 रुपये

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यह है बोनस का तीन साल (2021 तक) का फार्मूला, जिसके तहत बोनस मिलना है :
प्रोफिट (मुनाफा) पर-कुल मुनाफा का 1.5 फीसदी
प्रोडक्टिविटी-टेबुल तय है कि कितना पर कितना मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)
प्रोफिटेबिलिटी-टेबुल तय है कि कितना पर कितना मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)
सेफ्टी-कितनी दुर्घटनाएं हुई है, उसके आधार पर यानी 0.40 से नीचे अगर एलटीएफआर रहेगा तो 5 करोड़ रुपये और अगर उससे ज्यादा होगा तो शून्य राशि मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)

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किस वर्ष, कितना मिला बोनस :
वर्ष—–कंपनी का मुनाफा—बोनस की राशि—बोनस का प्रतिशत

1991-160.13 करोड़ रुपये-38.6 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1992-214.16 करोड़ रुपये-44.54 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1993-127.12 करोड़ रुपये-50.75 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1994-180.84 करोड़ रुपये-54 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1995-281.12 करोड़ रुपये-66.04 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1996-465.79 करोड़ रुपये-76.46 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1997-469.21 करोड़ रुपये-75.86 करोड़ रुपये-20 फीसदी
1998-322.08 करोड़ रुपये-72.83 करोड़ रुपये-17.50 फीसदी
1999-282.23 करोड़ रुपये-69.61 करोड़ रुपये-16 फीसदी
2000-422.59 करोड़ रुपये-75.55 करोड़ रुपये-18 फीसदी
2001-553.44 करोड़ रुपये-83 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2002-204.90 करोड़ रुपये-78 करोड़ रुपये-15 फीसदी
2003-1012.31 करोड़ रुपये-102.07 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2004-1746.22 करोड़ रुपये-102 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2005-3474.16 करोड़ रुपये-98.1 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2006-3506.38 करोड़ रुपये-102.01 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2007-4222.15 करोड़ रुपये-107 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2008-4687.03 करोड़ रुपये-113 करोड़ रुपये-20 फीसदी
2009-5201.74 करोड़ रुपये-139 करोड़ रुपये-18.50 फीसदी
2010-5046.80 करोड़ रुपये-143 करोड़ रुपये-17.50 फीसदी
2011-6217.69 करोड़ रुपये-171 करोड़ रुपये-18.50 फीसदी
2012-6184 करोड़ रुपये-182.47 करोड़ रुपये-17.69 फीसदी
2013-5050.64 करोड़ रुपये-180.50 करोड़ रुपये-16.01 फीसदी
2014-6553.95 करोड़ रुपये-193.34 करोड़ रुपये-15.46 फीसदी
2015-6500 करोड़ रुपये-154.72 करोड़ रुपये-8.53 फीसदी
2016-4900 करोड़ रुपये-130 करोड़ रुपये-8.60 फीसदी
2017-3933.17 करोड़ रुपये-164 करोड़ रुपये-11.27 फीसदी
2018-6682.49 करोड़ रुपये-203.24 करोड़ रुपये-12.54 फीसदी
2019-6323 करोड़ रुपये-239.61 करोड़ रुपये-15.86 फीसदी
2020-7935.89 करोड़ रुपये-235.54 करोड़ रुपये-12.9 फीसदी

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