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tata-steel-combat-covid-19-टाटा स्टील अब आहिस्ता-आहिस्ता बंद करेगा खाना-राशन वितरण, tmh-टीएमएच में 145 लोगों का हुआ टेस्ट, ओपीडी सामान्य नहीं होगा, टीएमएच जीएम की अपील-परिजन अपने मरीज को देखने के लिए भीड़ नहीं लगाये, कोरोना फैल सकता है, सिक्यूरिटी से नहीं करें मारपीट, लॉकडाउन खत्म होने के बावजूद टाटा स्टील में रहेगी बंदिश

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जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा अब आहिस्ता-आहिस्ता खाना का वितरण बंद किया जायेगा. इसके अलावा सूखा राशन के वितरण को भी बंद करने की योजना पर काम चल रहा है. चूंकि, लॉकडाउन में ग्रीन जोन में यह एरिया आ चुका है, इस कारण लॉकडाउन हो सकता है कि प्रभावी नहीं हो और रोजी रोजगार लोगों को मिलने लगेगा, इस कारण कंपनी प्रबंधन ने आहिस्ता-आहिस्ता बंद करने का फैसला लिया है. इसकी जानकारी टाटा स्टील द्वारा टेलीकांफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी है. इस संवाददाता सम्मेलन में टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी, सीएसआर के प्रमुख सौरभ राय, टाटा स्टील के कारपोरेट कम्यूनिकेशन के चीफ कुलविन सुरी और हेड रुना राजीव कमार मौजूद थे. इस दौरान सौरभ राय ने बताया कि 31 दिनों से टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से 3 लाख 15 हजार लोगों को खाना खिलाया जा चुका है. झारखंड, ओड़िशा और अन्य राज्यों की बात की जाये तो अब तक 18 लाख लोगों तक खाना पहुंचाया जा चुका है जबकि 28 हजार राशन पैकेट भी बांटे जा चुके है. एक लाख मास्क बनाये गये है. 40 हजार लोगों तक इन सारे मास्क को पहुंचाये गये है. सौरभ राय ने बताया कि कंपनी द्वारा 2700 परिवार को कैश ऑन वर्क से जोड़ा था, जिसके तहत 30 लाख रुपये की आमदनी 2700 लोगों तक पहुंची है. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में खाना और राशन का वितरण को कम किया जायेगा और जहां बहुत ज्यादा जरूरी होगी, वहीं पर खाना भेजा जायेगा. टाटा स्टील और जिला प्रशासन संयुक्त रुप से प्रवासी मजदूरों को लेकर रणनीति बना रही है, जिसको तत्काल फैसला ले लिया जायेगा. खाना बंद करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सौरभ राय ने बताया कि लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद अब सरकार की ओर से भी राशन बांटा गया है और कई जगहों पर अब जरूरत महसूस नहीं हो रही है, जिस कारण इसको बंद किया जा रहा है. जोमैटो के जरिये सब्जियों के वितरण के बारे में सौरभ राय ने बताया कि करीब 1 हजार ऑर्डर के जरिये दस हजार क्विंटल सब्जियों का वितरण किया जा चुका है और इस सेवा को अभी जारी रखा जायेगा.
टीएमएच में ओपीडी पूरे तौर पर नहीं चल सकती, टाटा मुख्य अस्पताल में मरीज को देखने एक ही आदमी आये, सिक्यूरिटी वालों से झगड़ा नहीं करें
टीएमएच के बारे में जानकारी देते हुए टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि टीएमएच में अब तक कुल 145 टेस्ट हो चुके है. कोई पोजिटिव मरीज टीएमएच नहीं आया है और न ही किसी तरह का किसी में कोई पोजिटिव मरीज ही मिला है. वैसे कोरोना वायरस के संदिग्ध के तौर पर कई लोग भरती हुए है, लेकिन जब रिपोर्ट नेगेटिव आ जाता है तो सबको दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है. अकेले शुक्रवार को 37 टेस्ट हुए है जबकि शनिवार को 24 टेस्ट हो चुके है. जीएम ने बताया कि दो राउंड में टेस्ट की रिपोर्ट टीएमएच में आ रही है. पहले दोपहर ढाई बजे जबकि एक रात को दस बजे के बाद. इस कारण इसमें तेजी भी लायी गयी है ताकि जो एहतियाती कदम है, वह उठाये जा सके. उन्होंने बताया कि वर्तमान में टीएमएच में संदिग्ध मरीज 370 भरती है, जिसमें 40 सीसीयू और एचडीयू में भरती है. स्वास्थ्यकर्मियों के बारे में जानकारी देते हुए जीएम ने बताया कि अस्पताल में करीब 2500 स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे है. चूंकि, अब तक कोई पोजिटिव केस नहीं आया है, इस कारण किसी का हेल्थ चेक अप नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि टीएमएच में हर दिन 25 से 27 टेस्ट जरूर करने का प्रयास हो रहा है. यहां आने वाले मरीज खुद टीएमएच के भी है तो कई मरीज जिला प्रशासन की ओर से भी भेजा जा रहा है. उन्होंने बताया कि अभी ओपीडी को पूरे तौर पर संचालित नहीं की जा सकती है क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का मामला हो जायेगा. टीएमएच के ओपीडी में अकेले 3 हजार लोग इलाज कराने आते है, जो अभी सिर्फ 1100 ही आ रहे है. कम ओपीडी ही चल रहा है. 450 लोग टेलीफोन पर भी संपर्क कर अपना इलाज करा रहे है. टीएमएच में ओपीडी की संख्या को थोड़ा बढ़ाने पर विचार हो रहा है जो आने वाले दिनों में तय किया जायेगा. टीएमएच में भरती मरीजों के बारे में जीएम ने बताया कि यह मुश्किल हो जा रही है कि लोगों की भीड़ को अस्पताल में रोक पाना. कई लोगों को जब सिक्यूरिटी रोकते है तो वे लोग लड़ाई कर लेते है, जो मुश्किल पैदा कर देते है. जीएम ने अपील की कि लोग सिक्यूरिटी गार्ड से लड़ाई नहीं करें. लोगों को अस्पताल से दूर रहना है नहीं तो कोरोना वायरस फैलने का भी खतरा होता है. नान कोरोना एरिया वाले हिस्से में भी मरीज के साथ कई परिजन देखने के लिए आ जा रहे है, जो परेशानी का कारण है. अभी एक ही व्यक्ति को इंट्री दिया जा रहा है और एक ही रेड पास दिया जा रहा है. ग्रीन पास देना बंद ही कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि यह अफसोस की बात तब दिखती है, जब लोग बाहर से खाना ले आते है. मरीजों को भी खिलाते है और मरीजों के परिजन भी खाते है जबकि यह खतरनाक है. इसको रोकने की जरूरत है. अस्पताल में होने वाली मौत के बाद शवों को देने के सवाल पर श्री चौधरी ने बताया कि निमोनिया या सर्दी खासी वाले संदिग्ध मरीजों के ही शव को रोका जाना है. सामान्य तरीके से मरने वाले लोगों का शवों को रोकने का किसी तरह का कोई गाइडलाइन नहीं है.
लोग ग्रीन जोन में आने के बाद भी सतर्क रहे, भीड़ से बचे
टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम ने बताया कि ग्रीन जोन में आने के बाद भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा नहीं तो खतरनाक स्थिति भी आ सकता है. संवाददाता सम्मेलन के दौरान टाटा स्टील के प्रवक्ता कुलविन सुरी ने यह साफ किया कि 17 मई तक जब तक पूरा लॉकडाउन खुल नहीं जाता है, तब तक सबकुछ सामान्य नहीं होगा.

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