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शनिवार, जून 19, 2021
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tata-steel-financial-result-टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 का जारी किया वित्तीय परिणाम, मुनाफा भी बढ़ा, कंपनी ने कर्ज को कम करने में पायी सफलता, डिविडेंड भी इस बार शेयरधारकों को ज्यादा देने की घोषणा, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने क्या कहा वित्तीय परिणाम पर जानें

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टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन की फाइल फोटो.

टाटा स्टील भारत का वित्तीय परिणाम एक नजर में :
वित्तीय वर्ष का आइटम-वित्तीय वर्ष 2020-2021-वित्तीय वर्ष 2019-2020
प्रोडक्शन-————16.92 मिलियन टन——18.20 मिलियन टन
डिलिवरी————–17.31 मिलियन टन—–16.97 मिलियन टन
टर्नओवर————–91,037 करोड़ रुपये—82125 करोड़ रुपये
रिपोर्टेड इबिडिटा (टैक्स देनदारियों के पूर्व का मुनाफा)-28587 करोड़ रुपये—-17650 करोड़ रुपये
रिपोर्टेड सारे टैक्स के भुगतान के बाद का मुनाफा–16695 करोड़ रुपये———5611 करोड़ रुपये
टाटा स्टील पूरे समूह का वित्तीय परिणाम एक नजर में :
प्रोडक्शन——————-28.54 मिलियन टन——30.63 मिलियन टन
डिलिवरी——————–28.50 मिलियन टन—–28.88 मिलियन टन
टर्नओवर——————–156294 करोड़ रुपये—82125 करोड़ रुपये
रिपोर्टेड इबिडिटा (टैक्स देनदारियों के पूर्व का मुनाफा)-10838 करोड़ रुपये—-6267 करोड़ रुपये
रिपोर्टेड सारे टैक्स के भुगतान के बाद का मुनाफा–8190 करोड़ रुपये———1172 करोड़ रुपये
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने बुधवार को अपना वित्तीय वर्ष 2020-2021 (1 अप्रैल 2020 से लेकर 31 मार्च 2021 तक) का वित्तीय परिणाम जारी कर दिया. ऑइस दौरान टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 में अपने कर्ज को 28 फीसदी तक कमी लाने में सफलता पायी है. इस बार के जारी किये गये वित्तीय परिणाम के तहत टाटा स्टील ने पूरे समूह कंपनी का मुनाफा (टैक्स समेत तमाम देनदारी के पहले) 30892 करोड़ रुपये रही जबकि सारे टैक्स के भुगतान के बाद का मुनाफा 8190 करोड़ रुपये रहा. वित्तीय वर्ष के अंतिम तिमाही यानी जनवरी 2021 से लेकर मार्च 2021 तक सारे टैक्स की देनदारियों के पहले 14290 करोड़ रुपये रही जबकि सारे टैक्स की देनदारी के बाद यह मुनाफा 7162 करोड़ रुपये रही. कंपनी का जो विशुद्ध कर्ज था, उसमें काफी कमी आयी है. पहले यह कर्ज 75389 करोड़ रुपये था, जो घटकर 29390 करोड़ रुपये हो चुका है. टाटा स्टील के भारतीय ऑपरेशन (जमशेदपुर प्लांट, टाटा स्टील द्वारा अधिग्रहित उषा मार्टिन यानी टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट, टाटा स्टील द्वारा अधिग्रहित भूषण स्टील और टाटा स्टील का कलिंगानगर प्रोजेक्ट समेत) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है. इसके तहत भारत में टाटा स्टील ने 4.75 मिलियन टन का क्रूड स्टील का प्रोडक्शन किया. इसी तरह स्टील की डिलिवरी में भी 17.31 मिलियन टन तक किया गया, जिसमें 4.67 मिलियन टन तक की बढ़ोत्तरी हुई. टाटा स्टील के भारतीय ऑपरेशन में टैक्स की देनदेारियों के पहले का मुनाफा 28587 करोड़ रुपये तक रहा, जिसमें काफी ज्यादा बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. इसके तहत टाटा स्टील के भारतीय ऑपरेशन में प्रोडक्शन 16.92 मिलियन टन रहा जबकि पिछले साल यानी वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 18.20 मिलियन टन था. वित्तीय वर्ष 2020-2021 में शुरुआती माह में कोरोना का काफी कहर था. स्टील की डिलीवरी अधिक रही. स्टील की डिलिवरी 16.97 मिलियन टन रहा जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 16.97 मिलियन टन रहा था. टर्नओवर में भी बढ़ोत्तरी हुई है. पिछले वित्तीय वर्ष 2019-2020 में टर्नओवर कंपनी की 82125 करोड़ रुपये था, जो इस साल 2020-2021 में यह टर्नओवर बढ़कर 91037 करोड़ रुपये हो चुका है. कंपनी का टैक्स की देनदारियों के पहले का मुनाफा 28587 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 17650 करोड़ रुपये था. टैक्स की सारी देनदारियों के बाद कंपनी का मुनाफा वित्तीय वर्ष 2020-2021 में 18154 करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 10400 करोड़ रुपये रहा. टाटा स्टील ने कंपनी के बोर्ड में हुई बैठक में घोषणा की है कि अपने सारे शेयरधारकों को 25 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड दिया जायेगा. निदेशक मंडल ने वित्तीय के लिए 10 रुपये प्रत्येक के पूर्ण रूप से भुगतान किए गए साधारण शेयर का 25 रुपये और प्रत्येक के 6.25 पैसे आंशिक रूप से भुगतान किए गए साधारण शेयर का भुगतान करने की सिफारिश की है. लाभांश की गणना प्रत्येक पर भुगतान की गई राशि के अनुपात में की गई है, ” यह जानकारी कंपनी ने नियामक को लिखित तौर पर दी है.
क्या कहते है टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन :

टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने बताया कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही कोरोना का असर था, जिस कारण काफी बेहतर शुरुआत नहीं रही थी. सामानों को भेजना चुनौती थी, बनाना मुश्किल था. शुरुआत धीमी नहोने के बावजूद किसी तरह बेहतर मार्केटिंग नेटवर्क और बेहतर डिलीवरी सिस्टम के बबल पर कंपनी ने एजाइल बिजनेस मॉडल के जरिये बेहतर प्रदर्शन शुरू किया. उन्होंने कहा कि हम लोग डिजिटल मार्केटिंग क्षमता को और बेहतर करने में लगे हुए है और बिजनेस को सुचारु रुप से संचालित करने की ओर बढ़ रहे है. कोरोना के दूसरे वेभ की चुनौतियों को लेकर काम कर रहे है ताकि कर्मचारी और समाज को किसी तरह बचाया जा सके और सारी जरूरतों को पूरा किया जा सके. उन्होंने ब ताया कि टाटा स्टील के कलिंगानगर में पिलेट प्लांट और सीआररएम कांप्लेक्स का काम चल रहा है और कलिंगानगर प्लांट का 5 मिलियन टन विस्तारीकरण का काम भी चल रहा है, जो 2024 तक पूर्ण हो जायेगा.

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