tata-steel-four-deals-टाटा स्टील 2045 तक जीरो कार्बन उत्सर्जन वाली कंपनी बनेगी, चार नये समझौते किये, 1. जर्मन कंपनी के साथ मिलकर कार्बन उत्सर्जन में लायेगी कमी, 2. यूके की कंपनी के साथ भी किया एमओयू, 3. ऑस्ट्रेलियाई कंपनी भी टाटा स्टील के साथ करेगी काम, 4. रिबार से बनायेगी बिलेट, नया कंपनी के साथ किया एमओयू

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जमशेदपुर : टाटा स्टील ने जर्मन प्लांट मेकर कंपनी एसएमएस ग्रुप के साथ एक समझौता पर हस्ताक्षर किया है. कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए यह समझौता की गयी है. यह कंपनी टाटा स्टील में नये प्लांट की स्थापना करने में टाटा स्टील का सहयोग करेगी. यह कंपनी प्लांट लगाने वाली एजेंसी है, जो कम कार्बन उत्सर्जन पर काम करती है. टाटा स्टील का लक्ष्य है कि वर्ष 2045 तक जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाली कंपनी बन जायेगी. एसएमएस ग्रुप के सीइओ बुरखर्ड डेहमेन ने बताया कि टाटा स्टील और एसएमएस कंपनी का संयुक्त प्रयास होगा कि कार्बन उत्सर्जन को कम किया जाये. अत्याधुनिक प्लांट बनाने और कम कार्बन उत्सर्जन करने वाली कंपनी बनायेंगे. उन्होंने बताया कि टाटा स्टील और हमारा उद्देश्य एक है. दूसरी ओर, यूके की कंपनी प्राइमटेल्स टेक्नॉलॉजी के साथ भी टाटा स्टील ने एक एमओयू की है. कंपनी के ग्रीन स्टील और डिकार्बनाइजेशन के क्षेत्र में यह कंपनी टाटा स्टील के साथ मिलकर काम करेगी. इसी तरह इससे पहले टाटा स्टील ने टेक्नॉलॉजी मेटल ऑस्ट्रेलिया लिमिटेड कंपनी के साथ एमओयू पर पिछले दिनों हस्ताक्षर किया है. टाटा स्टील स्टील बनाने के लिए कई सारे अतिरिक्त तकनीक का इस्तेमाल कर हर हाल में कार्बन को कम किया जायेगा जबकि कंपनी का विस्तार भी किया जा सकेगा. इधर भारत की कंपनी बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज के साथ टाटा स्टील ने हाथ मिला है. रिबार से बिलेट बनाने को लेकर यह समझौता किया गया है. सक्टील की जरूरतों के मुताबिक सेवाएं देने वाली कंपनी की ओर से टाटा स्टील के कंटीन्यूअस कास्ट से बिलेट का बेहतर तरीके से निर्माण कर सकेगा.

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