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बुधवार, अप्रैल 21, 2021
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tata-steel-ltc-टाटा स्टील में एलटीसी को लेकर जारी हुआ सरकुलर, जानें कर्मचारी कैसे ले सकेंगे लाभ, टैक्स का किसको कितना मिलेगा लाभ, देखें पूरी सूची, टैक्स स्लैब और कर्मचारियों के एलटीसी की राशि का

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नोट : नीचे पढ़ें पूरी सूची

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जमशेदपुर : टाटा स्टील के एलटीसी को लेकर जारी किये गये सरकुलर का विस्तृत सरकुलर भी जारी कर दिया गया है. इस सरकुलर के तहत कहा गया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) के मुताबिक, एलटीसी के पैसे पर इनकम टैक्स की छूट दी जायेगी. इसके तहत 36 हजार रुपये तक टैक्स में छूट दी गयी है. कर्मचारियों को मान्य एलटीसी के रुप में दोनों तरफ के किराये पर प्रति व्यक्ति अधिकतम 36 हजार रुपये नगद भत्ते के भुगतान पर आयकर छूट का लाभ मिलेगा. चार सदस्यों के परिवार पर अधिकतम छूट 1.44 लाख रुरपये दी गयी है. इसके तहत कर्मचारियों को एलटीसी किराया राशि का तीन गुना उन वस्तुओं या सेवाओं की खरीद पर करना होगा, जिस पर जीएसटी (माल एवं सेवाकर) 12 फीसदी या उससे अधिक हो. उन्हें यह सामान या सेवाएं पंजीकृत दुकानदारों या सेवाप्रदाताओं से खरीदनी होगी. यह भी शर्त है कि भुगतान डिजिटल तरीके से 12 अक्तूबर 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच करना होगा. सीबीडीटी के मुताबिक, एलटीसी छूट के लिए गैर खाद्य वस्तुएं जैसे टीवी, फ्रिज, एसी और अन्य घरेलू उत्पाद आदि पर खर्च को भी शामिल किया गया है. एलटीसी का यह लाभ घरेलू यात्रा पर हुए खर्च के एवज में ही मिलेगा. इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी नगद वाउचर योजना के तहत मान्य एलटीसी किराया का तीन गुना राशि से कम खर्च करता है, वह एलटीसी किराया की पूरी राशि और संबंधित आयकर छूट पाने का हकदार नहीं होगा. दोनों राशि उसी अनुपात में कम हो जायेगी. इसके तहत टाटा स्टील की ओर से जारी किये गये पैमाना के तहत एलटीसी की राशि का इस्तेमाल नहीं कर पाने वाले कर्मचारी 31 मार्च 2021 तक इसका लाभ उठा सकते है. इसके लिए कर्मचारी को छुट्टी नहीं लेना होगा. इसके क्लेम के लिए कर्मचारियों को डिजिटल पेमेंट का प्रमाण देना होगा, जिसको सैप एचआर पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी 15 जनवरी 2021 से लेकर 15 मार्च 2021 तक अपलोड कर सकते है. सैप एचआर पोर्टल का ऑपरेशन जनवरी 2021 से शुरू हो जायेगा. यह कहा गया है कि बिल जो बनेगा, वह कर्मचारी के नाम पर ही होना चाहिए. कर्मचारियों को अपना बिल और सारे डॉक्यूमेंट को पांच साल तक सुरक्षित रखना होगा क्योंकि पांच साल में कभी भी कंपनी इसका डिमांड कर सकता है. अगर किसी तरह का ऑनलाइन पेमेंट का प्रमाण क्लियर नहीं हुआ या किसी तरह की त्रुटि रही तो टैक्स बेनीफिट का लाभ नहीं मिल सकेगा. डिजिटल पेमेंट का अर्थ है आरटीजीएस, एनइएफटी, यूपीआइ, कार्ड पेमेंट, डिमांड ड्राफ्ट, मोबाइल वालेट, चेक व अन्य. अगर कोई कर्मचारी निर्धारित समय में अपना क्लेम जमा नहीं कर पाता है तो वह कर्मचारी अपना निजी तौर पर क्लेम दाखिल कर सकता है, बशर्तें खर्च जो है, वह 12 अक्तूबर 2020 से लेकर 31 मार्च 2021 तक किया गया हो. वैसे तो बिल की कोई संख्या तो निर्धारित नहीं की गयी है, लेकिन यह कहा गया है कि पांच बिल जमा किया जा सकता है, जो प्रमाण हो सकता है. अगर किसी तरह का गलत बिल जमा कर दिया गया तो सर्विस रुल, टाटा कोड ऑफ कंडक्ट और स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत कार्रवाई होगी. कर्मचारियों को यह कहा गया है कि वे लोग खुद से फैसले लेकर ही काम करें. एलटीए में भी टैक्स की कटौती के लिए जो भाड़ा है, उसको तीनगुना खर्च करना होगा. जो कर्मचारी कैश वाउचर का इस्तेमाल करते है, वे लोग एलटीसी का टैक्स में छूट नहीं ले सकेगा. इसके लिए कर्मचारी एलटीसी एडवांस के रुप में राशि ले सकते है, जो 21 दिसंबर 2020 से कर्मचारी ले सकते है. (पूरी सूची देखें नीचे किसको कितना का मिलेगा छूट)

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