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tata-steel-new-initiative-टाटा स्टील ने वेस्ट बोकारो डिवीजन के कोर माइनिंग ऑपरेशन में 14 ”किन्नरों” को किया नियुक्त, अब हेवी मशीन चलायेंगी ट्रांसजेंडर

बोकारो : विविधतापूर्ण और समावेशी संस्कृति को पोषित करने के अपने प्रयास के तहत टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन ने गुरुवार को अपनी खदानों में 14 ट्रांसजेंडरों (जिसको सामान्य भाषा में लोग किन्नर बोलते है) को हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया. इस युगांतरकारी पहल का ट्रांसजेंडरों लक्ष्य को लेकर रूढ़ीवादी परंपरा को तोड़ना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है. टाटा स्टील के रॉ मैटेरियल के वीपी डीबी सुंदर रामम ने बतौर मुख्य अतिथि, वीपी एचआरएम अत्रेयी सन्याल, वेस्ट बोकारो डिवीजन के जीएम मनीष मिश्रा और चीफ एचआरएम बिजनेस पार्टनर देवाशीष बनर्जी के साथ इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कार्यक्रम को अपने संबोधन में श्री रामम ने कहा, ’’आज का दिन एक विविध और समावेशी कल की दिशा में हमारी यात्रा का एक मील का पत्थर है. विविधता व समावेशन के हमारे पथप्रदर्शक प्रयास प्रकृति में रूपांतरकारी है और इसने माइनिंग करने के हमारे तरीके में अभूतपूर्व बदलाव लाया है. सभी के लिए समान अवसर प्रदान करने वाले एक नियोक्ता के रूप में टाटा स्टील वैयक्तिक विशिष्टता का सम्मान करती है और कल के कार्यस्थल को एक आकार देने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कदम आगे बढ़ा रही है. पूरी टीम को बधाई देते हुये अत्रेयी सान्याल ने कहा, ’’इस तरह की पथप्रदर्शक पहल ने पहचान, विचार और परिप्रेक्ष्य की विविधता को अपना कर संस्थान को मजबूत करने के हमारे विश्वास की प्रतिपुष्टि की है. एचआर उत्कृष्टता की हमारी यह यात्रा काफी फलदायी साबित हुई है और इसने हमें नये क्षितिजों की तलाश के लिए निरंतर प्रेरित किया है. एलजीबीटीक्यू+ को शामिल करने और एक बेंचमार्क वर्कप्लेस बनाने का हमारा प्रयास यूं ही जारी रहेगा. हम सभी सदस्यों का टाटा स्टील परिवार में स्वागत करते हैं और उनकी सफलता व उनके लिए भावी कॅरियर की कामना करते हैं.’’हाल ही में टाटा स्टील वेस्ट बोकारो डिवीजन ने अपनी वूमेन@माइंस पहल के तहत एचइएमएम ऑपरेटर के रूप में 17 महिलाओं को बहाल किया था. वर्तमान में वे सभी प्रशिक्षणरत हैं और अगले वर्ष के प्रारंभ में इन्हें माइनिंग ऑपरेशनों में नियुक्त किया जायेगा. इसी मॉड्यूल में माइंस में काम शुरू करने से पहले आज शामिल किये गये ट्रांसजेंडरों को एक साल का प्रशिक्षण दिया जायेगा. 2015 में ‘मोजाइक’ के गठन और कंपनी की विविधता व समावेशन पहल से लेकर एशिया में एलजीबीटीक्यू+ के लिए सबसे बड़ा रोजगार मेला ‘राइज’ में भागीदारी और अब ट्रांसजेंडरों की भर्ती तक टाटा स्टील न केवल एक वैश्विक पथप्रदर्शक के रूप में विकसित हुआ है, बल्कि समय के परिवर्तन को स्वीकार कर दूसरों को भी समावेशी होने के लिए प्रोत्साहित किया है. कंपनी ने हमेशा बेंचमार्क स्थापित करने का प्रयास किया है और इसे कई पथप्रदर्शक नीतियों, अभ्यासों और पहलों का श्रेय प्राप्त है, जिसमें 8 घंटे का काम, वेतन के साथ अवकाश, विनिर्माण सेट-अप में 5-दिवसीय कार्य-सप्ताह, मासिक धर्म अवकाश, एलजीबीटीक्यू+ समावेशी नीतियां, वीमने@माइंस आदि शामिल हैं. टाटा स्टील दुनिया भर में एक विविध, समावेशी, सुरक्षित और निष्पक्ष कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और अधिक समावेशी औद्योगिक विकास को सक्षम करने के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय समेत अन्य नयी पहचान को अंगीकार करना जारी रखेगी. कंपनी ने 2025 तक 25 प्रतिशत विविधतापूर्ण कार्यबल का लक्ष्य रखा है.

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