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रविवार, मई 9, 2021
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टाटा स्टील में एनएस ग्रेड को भी मिलेगा वेतन बढ़ोत्तरी का लाभ, ग्रेडवार मिलेगा एमजीबी, आइबी पर प्वाइंट भी बदलाव, एनएस ग्रेड में ऊहापोह की स्थिति, यूनियन व मैनेजमेंट का दावा-93 फीसदी हुआ है एनएस ग्रेड का ग्रोथ, एनएस ग्रेड को नुकसान, कमेटी मेंबरों ने जतायी नाराजगी, जानिये क्यों है विरोध

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वेज रिवीजन समझौता के बाद कमेटी मेंबरों को बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ में जानकारी दी गयी. एसएनटीआइ से निकलते पदाधिकारी.

जमशेदपुर : टाटा स्टील में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का भी वेज रिवीजन समझौता हुआ है. इसके तहत प्रबंधन और यूनियन का दावा है कि एनएस ग्रेड के सीटीसी यानी कॉस्ट टू कंपनी यानी कंपनी का कर्मचारी पर होने वाले खर्च में 92 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. एनएस ग्रेड का सीटीसी 49500 रुपये न्यूनतम हो गया है जबकि अधिकतम सीटीसी 72175 रुपये हो चुका है. इसके अलावा कई सारे लाभ भी कर्मचारियों को मिला है. एनएस ग्रेड के लिए एमजीबी का नया नियम लगाया गया है.

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एनएस ग्रेड को ऐसे मिलेगा एमजीबी ग्रेडवार.

यूनियन का दावा है कि अगर पुराने फार्मूला के तहत एमजीबी होता तो न्यूनतम 2969 रुपये जबकि अधिकतम एमजीबी 5367 रुपये होता. लेकि ननये फार्मूला के तहत न्यूनतम 3600 रुपये प्रतिमाह एमजीबी और अधिकतम 6750 रुपये प्रतिमाह एमजीबी होगी, जो चालू सैलेरी पर लागू होगा. औसतन एमजीबी 5345 रुपये प्रतिमाह है. एनएस ग्रेड के बेसिक का रेंज 10 स्लैब था, जिसको बढ़ाकर 47 कर दिया गया है. 1 जनवरी 2018 को या उसके बाद कंपनी में योगदान देने वाले को एमजीबी 1 सितंबर 2019 से मिलेगा.

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एनएस ग्रेड का नया वेतनमान.

जो कर्मचारी एसएनटीआइ में जेएफजे, ट्रेड अप्रेंटिस या जेट की ट्रेनिंग ले रहे है, वे जब बहाल होंगे, तब से एमजीबी का लाभ मिलेगा. वैसे एनएस ग्रेड में भारी नाराजगी है. एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का कहना है कि पिछले बार के ग्रेड रिवीजन में उनका एमजीबी 32 फीसदी तक बढ़ा था, जबकि इस बार 23 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है. इसको लेकर काफी नाराजगी है और कमेटी मेंबरों में गुस्सा है और कर्मचारियों द्वारा कमेटी मेंबरों पर दबाव बनाया जा रहा है कि गलत समझौता क्यों किया गया और इसका विरोध होना चाहिए. आइबी पर प्वाइंट वैल्यू में भी सुधार किया गया है.

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एनएस ग्रेड के आइबी पर प्वाइंट में किया गया सुधार.

एनएस ग्रेड के समझौता एक नजर में समझिये :

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  • 31 दिसंबर 2017 को जो रोल पर है और 1 जनवरी 2018 तक कार्यरत है, उसको प्रोमोशन के तहत लाभ मिलेगा. इसके तहत एनएस 1 को 20895 रुपये, एनएस 4 को 23890 रुपये, एनएस 7 को 29570 रुपये और एनएस 10 को 31635 रुपये मिलेगा.
  • कर्मचारियों का इंक्रीमेंट का भी रेट बदला है. इसके तहत एनएस 1(इंग्लिश के साथ मैट्रिक पास करने वाले) को 340 रुपये मिलता था, जो अब 505 रुपये प्रतिमाह होगा जबकि एनएस 4 (ट्रेड अप्रेंटिस या समकक्ष) को 400 रुपये था, जो अब बढ़कर 575 रुपये, एनएस 7 (डिप्लोमा होल्डर और जेट) को 525 रुपये था, जो बढ़कर 710 रुपये और एनएस 12 को 615 रुपये था, जो अब बढ़कर 810 रुपये हो चुका है.
  • एनएस ग्रेडे का डीए के तहत 3 रुपये प्रति प्वाइंट ही मिलता रहेगा. एआइएसीपीआइ के स्तर पर ही बढ़ोत्तरी होगी. डीए जीरो हो जायेगा, जो 1 जनवरी 2020 से नये सिरे से शुरू होगा. नये बहाल का 1 जनवरी 2018 के एआइसीपीआइ (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) के आधार पर वीडीए मिलेगा.
  • फिक्सड डीए 500 रुपये था, जो अब 800 रुपये प्रतिमाह हो गया है. यह वैसे कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 दिसंबर 2017 से लेकर 1 जनवरी 2018 तक कार्यरत है. 1 जनवरी 2018 के बाद से लेकर अब तक जो बहाल है, उसको एफडीए 800 रुपये मिलेगा.
  • एनएस ग्रेड को मिलने वाले हायर रिस्पांसबिलिटी एलाउंस में बढ़ोत्तरी की गयी है. 1 सितंबर 2019 से यह बदलाव लागू की गयी है. इसके तहत ग्रुप 4 यानी एसएन 12, 11, 10 का वर्तमान में हायर रिस्पांसबिलिटी एलाउंस 1410 रुपये प्रतिमाह था, जो अब बढ़कर 1710 रुपये प्रतिमाह हो गया है. इसी तरह ग्रुप 3 यानी एनएस 9, 8 व 7 का हायर रिस्पांसबिलिटी एलाउंस 1350 रुपये प्रतिमाह था, जो अब बढ़कर 1650 रुपये प्रतिमाह हो गया है. ग्रुप 2 यानी एनएस 6, 5, 4 का 750 रुपये प्रतिमाह था, जो अब 960 रुपये प्रतिमाह हो चुका है. इसी तरह ग्रुप 1 का एनएस 3, 2 और 1 का 420 रुपये प्रतिमाह था, जो अब बढ़कर 510 रुपये प्रतिमाह हो चुका है.
  • वेहिकल मेंटेनेंस एलाउंस 35 रुपये था, जो अब बढ़कर 45 रुपये प्रतिमाह हो चुका है
  • यूटिलिटी एलाउंस 450 रुपये प्रतिमाह था, जो अब 550 रुपये प्रतिमाह हो चुका है.
  • नाइट शिफ्ट एलाउंस 120 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये कर दिया गया है.
  • रिऑर्गेनाइजेशन या उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल करने पर एनेस 1 को जहां प्रतिमाह 295 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त लाभ मिलता था, उसको बढ़ाकर 460 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है जबकि एनएस 12 को 595 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 785 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है.
  • एजुकेशन एलाउंस अब तक क्लास 1 से 10 तक जुस्को के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ही मिलबा करता था, जो 380 रुपये था, लेकिन अब किसी भी स्कूल में दो बच्चों के लिए 600 रुपये यानी अगर दो बच्चा है तो 1200 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एजुकेशन एलाउंस मिलेगा.
  • मोबाइल इंटरनेट एलाउंस को पहली बार लाया गया है, जो 300 रुपये प्रतिमाह दिया जायेगा.
  • पहली बार पर्सनल एलाउंस के तौर पर 500 रुपये प्रतिमाह मिला करेगा.
  • टाटा स्टील की मान्यता प्राप्त संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर्मचारी आइएल 5 स्तर पर बहाल हो सकते है.
  • परफार्मेंस रिवार्ड को प हली बार लाया गया है, जिसके तहत तिमाही में 2250 रुपये से लेकर 4500 रुपये प्रति तिमाही में कर्मचारियों को मिलेगा.
  • एनएस ग्रेड के लिए भी लीव बैंक लागू किया गया है.
  • कर्मचारियों के बच्चों की बहाली में उनको भी मौका मिलेगा
  • हाउस रेंट एलाउंस भी बेसिक का 10 फीसदी मिलेगा.
  • एनएस ग्रेड में आसान सा तरीका एनएस ग्रेड में हुई बढ़ोत्तरी को समझने के लिए :
  • एमजीबी व फिटमेंट के बाद होने वाली बढ़ोत्तरी-5701 रुपये प्रतिमाह
  • नये एलाउंस में 2815 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है
  • वार्षिक बोनस में 713 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है.
  • एचआरए में 1177 रुपये बढ़ोत्तरी हुई है.
  • कंटीजेंसी में 42 फीसदी की बढ़ोत्तरी बताया गया है, जो 2394 रुपये है
  • सभी ऊपर के सिगमेंट को जोड़ दिया जाये तो कुल बढ़ोत्तरी 12800 रुपये के करीब है.

  • एनएस ग्रेड के नेता समरेश सिंह ने कहा-एनएस ग्रेड के मजदूरों का नुकसान करा दिया टाटा वर्कर्स यूनियन ने
    टाटा वर्कर्स यूनियन के पिलेट प्लांट के एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबर समरेश सिंह ने त्वरित प्रतिक्रिया जाहिर की है. समरेश सिंह ने कहा है कि स्वर्गीय माइकल जॉन और वीजी गोपाल की आत्मा आज कराह रही होंगी. यूनियन के शताब्दी वर्ष में हम मजदूरों को काफी उम्मीदें थी पर यूनियन के वर्त्तमान नेतृत्व द्वारा एन एस कर्मियों को फिर ठगा गया है. उनके अनुसार वेज रिवीजन कैसे नुकसानदेह है. इतने ख़राब वेज रिवीजन के लिए यूनियन के शीर्ष नेतृत्व को मजदूर कभी माफ़ नहीं करेंगे.आने वाले समय पर इसका नुकसान उन्हें उठाना ही पड़ेगा.
  1. इस महंगाई मे 6 साल से बढ़ाकर 7 साल का रिवीजन होना अति दुर्भाग्यपूर्ण है
  2. एक और जहाँ एनएस ग्रेड के डीए के मद को पिछले 10 साल के बाद भी आज तक 3 रुपया पर पॉइंट ही रखा गया है
  3. वहीँ एन एस ग्रेड का एम जी बी जो पिछले बार 32 % थी उसे घटाकर 23 % के आसपास कर दी गयी है
  4. ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों का डीए फ्रीज़ कर दिया गया और पिछले बार जहाँ उनका एमजीबी 18.25 % था वहीँ इस बार इसे घटाकर 12.75 % कर दिया गया.
  5. शेयर्ड सर्विसेज (मेंटेनेंस) के कर्मचारियों के लिए ब्लॉक 4 बनाने के माँग पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

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