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tata-steel-omq-division-टाटा स्टील ने ओड़िशा में अपने खोंदबोंद आयरन व मैंगनीज माइन में 8 एमएनटीपीए क्रशिंग-वाशिंग प्लांट शुरू किया, आयेगी उत्पादन में दक्षता

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जमशेदपुर : टाटा स्टील के ओर्स, माइंस ऐंड क्वैरीज (ओएमक्यू) डिवीजन ने ओड़िशा के क्योंझर जिले में जोड़ा के पास अपने खोंदबोंद आयरन ऐंड मैंगनीज माइन (केआईएमएम) में 8 एमएनटीपीए क्रशिंग और वाशिंग प्लांट स्थापित किया है. केआईएमएम टाटा स्टील का एक कैप्टिव माइन है, जो ओएमक्यू डिवीजन द्वारा संचालित है. टाटा स्टील के सीईओ व मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन ने बुधवार को वीपी रॉ मैटेरियल डीबी सुंदर रामम, वीपी टीक्यूएम व इंजीनियरिंग अवनीश गुप्ता, जीएम ओएमक्यू अतुल कुमार भटनागर, चीफ प्रोजेक्टस मुकेश रंजन, टाटा स्टील के चीफ प्रोजेक्ट रॉ मैटेरियल्स परवेज अख्तर, और कंपनी के अन्य वरीय अधिकारियों और वेंडर पार्टनरों की उपस्थिति में इस सुविधा का उद्घाटन किया. इस अवसर पर अपने संबोधन में टीवी नरेंद्रन ने कंपनी के विकास के अनुरूप कच्चे माल की आवश्यकता के साथ संसाधन दक्षता, उत्पादकता और प्रौद्योगिकी पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए ओएमक्यू डिवीजन और इंजीनियरिंग ऐंड प्रोजेक्ट्स की टीम को बधाई दी. यह आयरन ओर प्रोसेसिंग प्लांट टाटा स्टील की तेजी से बढ़ती कच्चे माल की आवश्यकताओं को पूरा करेगा और कच्चे माल की सुरक्षा प्रदान करेगा। सस्टेनेबल माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के निर्माण के कंपनी के मूल उद्देश्य के अनुरूप, इस अत्याधुनिक सुविधा में ओर प्रोसेसिंग के लिए नवीनतम टेक्नोलॉजी शामिल है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और अपव्यय कम होगा. प्लांट के डिजाइन में तीन चरणों वाला क्रशिंग और स्क्रीनिंग शामिल है. ओर यानी अयस्क में प्राकृतिक रूप से मौजूद एल्यूमिना को कम करने के लिए दो रोटरी ड्रम स्क्रबर स्थापित किए गए हैं, जो आने वाले ओर के एल्यूमिना को कम कर सकते हैं, जिससे ओर की गुणवत्ता में सुधार होता है. स्क्रबिंग स्क्रीन से स्लरी को हाइड्रो-साइक्लोन क्लस्टर्स के माध्यम से प्रोसेस किया जाता है और इस प्रकार अधिकतम मात्रा में ओर मिलता है और अपव्यय कम होता है. हाइड्रो-साइक्लोन से ओवरफ्लो को एक हाई रेट सेटलिंग थिकनर में डाला जाता है, जो स्लाइम से प्रोसेस वाटर को वापस हासिल करने में मदद करता है. पानी की बर्बादी को और कम करने के लिए थिकनर से हासिल पानी के पुनः वितरण के लिए इसे प्लांट में फिर से रिसाइकिल किया जाता है, जिससे प्लांट के संचालन के लिए पानी की आवश्यकता कम हो जाती है. खोंदबोंद और इसके आसपास धूल दमन, प्लांट संचालन और भूजल चार्जिंग के लिए पहाड़ी ढलानों से बह कर आने वाले बारिश के पानी को संग्रहित करने और इसका पुनः उपयोग करने के लिए इन-प्लांट रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिजॉरवॉयर (वर्षा जल संचयन जलाशय) भी बनाया गया है. पानी की रिकवरी को और बेहतर बनाने के लिए परिसर के भीतर पेस्ट थिनर सुविधा भी स्थापित की जा रही है. उत्पाद भंडार के भीतर उड़ने वाले धूल को नियंत्रित करने के लिए प्लांट ड्राई फॉग डस्ट सप्रेसन सिस्टम और वाटर स्प्रिंकलर्स से लैस है.

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