tata-steel-quarter-allotment-problem-टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव ने ”टॉप थ्री” को लिखा ”मार्मिक पत्र”, नितेश राज ने कहा-400 से ज्यादा कर्मचारी क्वार्टर के लिए दर-दर भटक रहे, किसी के पिता रिटायर हो गये है तो किसी की शादी रुकी है, अब तो कुछ कीजिये हुजूर !

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सहायक सचिव नितेश राज.

जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज ने कर्मचारियों के क्वार्टर की समस्या को जोरदार तरीके से उठाया है. इससे पहले भी उन्होंने क्वार्टर एलॉटमेंट को लेकर पुराने सिस्टम को लागू करने की मांग रखी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके बाद गुरुवार को नितेश राज ने यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय को संयुक्त पत्र लिखा है. इस पत्र में मार्मिक अपील की गयी है और कहा गया है कि अब समस्या बढ़ चुका है और इसका हल तो हर हाल में निकाला जाना चाहिए. नितेश राज ने कहा है कि यह पत्र किसी के विरोध में या किसी की कार्यशैली पर उंगली उठाने के संदर्भ में नहीं है और ना ही राजनीति के लिए लिखा गया है बल्कि यह एक समस्या है, जो जटिल हो गयी है और इसका रास्ता निकालना हम सारे मजदूरों के लिए जरूरी है.

नितेश राज ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने टाटा स्टील के एस्टेट विभाग की सममस्या को पहले भी उठाया था. उन्होंने कहा है कि तमाम कमेटी मेंबर और पदाधिकारियों की इच्छा है कि एस्टेट विभाग में पुरानी व्यवस्था को तत्काल चालू की जाये और सारे क्वार्टर को एक साथ रेगुलराइज करने के बाद नई व्यवस्था को लागू की जाए. उन्होंने याद दिलाया है कि करीब-करीब 400 कर्मचारियों का परिवार पिछले 1 साल से क्वार्टर मिलने की आस लगाए बैठे हैं.

ऐसे लोगों को विभाग के अंदर कमेटी मेंबरों को जवाब देना मुश्किल हो जा रहा है. किसी के पिता रिटायर हो चुके हैं, किसी को शादी करने के बाद अपना प्राइवेट घर से कंपनी क्वार्टर में आना है तो किसी को और समस्याएं है. इस कारण उन्होंने अपील की है कि जल्द से जल्द पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर तमाम पदाधिकारियों की राय ली जाये. उन्होंने बताया है कि जब यह व्यवस्था लागू हुई थी तो टॉप-3 के सहमति के बाद यूनियन के सारे पदाधिकारियों ने हाउस में बैठकर एस्टेट विभाग का सारा प्रपोजल सुना और कल्चर के अनुसार यह मान लिया कि सारी चीजें ऐसी ही लागू होगी. नितेश राज ने कहा है कि लेकिन काफी दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस कार्य से संबंधित हर व्यक्ति चाहे यूनियन के टॉप थ्री पदाधिकारी हो या निचले पदाधिकारी को एस्टेट विभाग के उच्च अधिकारी हो, जुस्को के अधिकारी हो, सभी अपने स्तर से पिछले 1 साल से लगातार लगे हुए. उन्होंने कहा है कि उन्होंने कई बार अध्यक्ष से भी बात की है. अध्यक्ष भी लगातार इस चीज को सुधारने में लगे हैं, लेकिन कहीं ना कहीं बहुत सारी चीजें ऐसी होती है जो प्लानिंग के बाद अमलीजामा पहनाना मुश्किल होता है. ऐसी परिस्थिति में उन्होंने आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर पदाधिकारियों की राय ली जाए और जरूरत पड़े तो कमेटी मेंबरों की भी राय ली जाए.

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