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tata-steel-snti-100-years-टाटा स्टील के एसएनटीआइ ने सौ साल पूरे करने पर एमडी टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी समेत कई अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर जुटे, समय के साथ तकनीकी ट्रेनिंग की दिशा और दशा में बदलाव का एमडी ने दिया अहम सुझाव

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जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा संचालित शावक नानावती टेक्निकल इंस्टीच्यूट (एसएनटीआइ) ने सौ साल पूरे कर लिये. इसको लेकर एक डिजिटल प्लेटफार्म पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें टाटा स्टील के सीनियर मैनेजमेंट से जुड़े अधिकारी और टाटा वर्कर्स यूनियन के तमाम ऑफिस बियरर मौजदू थे. इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन मौजूद थे जबकि विशिष्ट अतिथि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु मौजूद थे. इस मौके पर एसएनटीआइ की तकनीकी दक्षता के इतिहास को प्रदर्शित किया गया और बताया गया कि किस तरह स्किल डेवलपमेंट के दिशा में काम चल रहा है. इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि कोई तकनीकी संस्था भारत में अपने सौ साल पूरे कर रहा है. टाटा स्टील की सफलता के पीछे एसएनटीआइ का हाथ है, जिसने स्किल्ड मैनपावर को तैयार किया ताकि मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में दक्ष मैनपावर मिल सके. श्री नरेंद्रन ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण के दिशा में भी एसएनटीआइ की भूमिका अहम है. एसएनटीआइ को भविष्य के लिए तैयार होना होगा ताकि तकनीक का इस्तेमाल कर किसी भी स्थान पर ट्रेनीज को ट्रेनिंग दी जा सके. इसके अलावा क्लाइमेट चेंज समेत कई सारे वर्तमान हालात के विषय है, जिसको लेकर भी ट्रेनिंग देने की जरूरत है. वैल्यू चेन को बढ़ाया जाना चाहिए, जिस तरह जेएनटीवीटीआइ जैसी संस्था तैयार हुई और अब लोगों को यह सफलतापूर्वक तकनीकी ट्रेनिंग दे रहा है. इसके अलावा अब कंसल्टेंसी पर जोर दिया जाना चाहिए. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा कि यह गर्व की बात है कि टाटा स्टील के वे कर्मचारी के तौर पर इस संस्था से ट्रेनिंग ले चुके है. यह वैसे ही संस्था है, जिसके जरिये कर्मचारियों को गढ़ा जा सका है. जमशेदपुर टेक्निकल इंस्टीच्यूट के तौर पर इस संस्था की स्थापना 1921 में किया गया था. इसके बाद यह अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर संस्था बढ़ रहा है और दक्षता बढ़ा रहा है. प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सेवाएं देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता के साथ देसी कार्यबल को तैयार करने के विजन के साथ एसएनटीआई का जन्म हुआ था. 1921 में इसे जमशेदपुर टेक्नीकल इंस्टीट्यूट के नाम से प्रसिद्ध वर्तमान एसएनटीआई निरंतर नियोजन-योग्य कार्यबल का निर्माण करने में जुटा है. नवाचार और डिजिटल हस्तक्षेपों के उपयोग के द्वारा एसएनटीआई संभावित व मौजूदा कर्मचारियों के अपस्किलिंग, रिस्किलिंग और स्किल डेवलपमेंट के लिए अपने आप को एक प्रमुख संस्थान के रूप में स्थापित किया है. यह सुविधा टाटा स्टील की सहायक कंपनियों, समूह की कंपनियों तक और अधिक-से-अधिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्मो का अपना कर टाटा स्टील के अंतरराष्ट्रीय पार्टनरों तक भी विस्तारित की गयी है. डिजिशाला जैसी नये प्लेटफॉर्म अपना कर एसएनटीआई ने अपने लर्निंग व डेवलमेंट कोर्स को अधिक-से-अधिक लोगों तक व्यापक किया है. कंपनी के परिचालन क्षेत्रों एवं इसके आसपास रहने वाले युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नियोजन-योग्य बनाने के लक्ष्य के साथ एसएनटीआई ने 2015 में जे एन टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (जेएनटीवीटीआई) की भी स्थापना की है. जेएनटीवीटीआई ने अब तक पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को टाटा स्टील से संबद्ध विभिन्न कंपनियों में नियोजित किया है.

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