spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
233,122,775
Confirmed
Updated on September 28, 2021 12:01 PM
All countries
208,133,547
Recovered
Updated on September 28, 2021 12:01 PM
All countries
4,770,081
Deaths
Updated on September 28, 2021 12:01 PM
spot_img

tata-workers-union-100-years-टाटा स्टील के वीपी एचआरएम ने कहा-रोजगार कम ही होंगे, यह भी सम्भव कि बिना कर्मचारी के ही ऑफिस चले, हालात के लिए रहे तैयार

Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के शताब्दी समारोह का रविवार को समापन हो गया. इस मौके पर अंतिम दिन विभिन्न कंपनियों के ह्यूमन रिसोर्स विभाग के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि आगे बढ़ना काफी मुश्किल होता जब आप दो लोगों के बीच और अलग अलग सोच के लोगों को लेकर चल रहे हो. शताब्दी वर्ष पर कर्मचारी के 13500 कर्मचारियों के लिए उपहार के तौर पर 50 ग्राम का चांदी का सिक्का दिया जा रहा है. कार्यक्रम में आये यूनियन के पूर्व पदाधिकारियों (सेवानिवृत) को भी यह सिक्का उपहार स्वरूप भेंट कर यूनियन ने एक अच्छी सोच का उदाहरण पेश किया. इसमें पूर्व अध्यक्ष आरबीबी सिंह, रघुनाथ पांडेय, पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट प्यारे लाल साह, पूर्व महामंत्री वीके डिंडा, एसएन सिंह, पूर्व मानद महासचिव केएनपी सिंह व एसके सिंह को मंच पर बुला कर यह सिक्का भेंट किया  गया. पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह का नाम बुलाया गया, लेकिन वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे. इसी मौके पर पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव उर्फ टुन्नू चौधरी और शैलेश सिंह को भी मंच पर बुलाकर यूको फ्रेंडली बैग गिफ्ट किया गया. कार्यक्रम के माध्यम से यूनियन की एकता का परिचय देने की कोशिश की गयी.

Advertisement
Advertisement

इस मौके पर टाटा स्टील के वीपी एचआरएम ने कहा कि यह और भी मुश्किल तब हो जाता है जब आपको अपने बनाये नीति सिद्धांत के साथ चलना होता है. उन्होंने यूनियन के संबंध में कहा कि घटते रोजगार और कम होते कर्मचारी के संबंध में उन्होंने वर्तमान का उदाहरण देते हुए भविष्य का आकलन कर बताया कि ऐसा भी समय आ सकता है जब किसी कंपनी, दफ्तर में एक भी कर्मचारी न हो. उन्होंने कहा कि जिस तरह आज लोग तेजी से नौकरी बदल रहे है. कंसल्टेंसी या फ्रिलांस होकर एक से ज्यादा कंपनियों के लिए काम कर रहे है. ऐसे में कर्मचारी तो किसी एक कंपनी के होंगे नहीं. इस परिस्थिति को उन्होंने यूनियन के लिए भी चुनौती बताया. उन्होंने कहा ऐसे समय में यूनियन फिर किसके लिए रहेगी. उन्होंने भविष्य के यूनियन विषय को समझाया और कहा कि मुद्दे तब भी होंगे और यूनियन की भूमिका उस वक्त भी प्रभावी होगी. लेकिन उस वक्त जरुरते, उद्देश्य और मुद्दे बदल जायेंगे. उन्होंने यूनियन को भी समय के साथ अपडेट और तकनीकी से जुड़े रहने की सलाह दी. दो दिवसीय के अंतिम दिन के आखिरी और पांचवें सत्र में वे बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. पूरे कार्यक्रम के निचोड़ को महामंत्री सतीश सिंह बखूबी प्रस्तुत किये. उन्होंने बारीकी से एक एक बिंदु को छूते हुए प्रबंधन और यूनियन से आये पदाधिकारियों की बातें को अंतिम में रखा. उनकी इस प्रस्तुति को काफी सराहा भी गया. मौके पर अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय उपस्थित थे.

Advertisement

दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरूआत अलग अलग कंपनियों से आये चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (सीएचआरओ) पैनल डिस्कशन से हुई. इसमें स्प्लाइस के फाउंडर सीइओ नदीम काजिम ने कहा कि आज के समय में मजदूर कर्मचारी वर्ग भी कंपनी का बायलेंस सीट समझता है. इसको जोड़ते हुए उन्होंने यूनियन को भी कहा कि भविष्य का लीडर कैसा होगा यह भी आने वाले समय में तय करना होगा. उन्होंने प्रबंधन और यूनियन दोनों के लिए कहा कि कर्मचारी के साथ सम्मान और संवेदनात्मक रिश्ता रखे. कई बड़े जटिल काम, समस्या इससे सुलझ सकती है. इसी पैनल में मौजूद टाटा मोटर्स के सीएचआरओ रवि सिंह ने कहा कि समय बदल रहा है. लेकिन यह बदलाव जितनी तेजी से बदल रहा है हमें भी वह स्पीड रखनी होगी. समाप्त होती नौकरियों के संबंध में उन्होंने कहा कि तकनीकी ने कई नौकरियों को समाप्त किया, तो कई नयी तरह के जॉब भी आये है. टाटा स्टील भूषण स्टील लिमिटेड के सीएचआरओ संदीप धीर ने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए धरातल पर आना होगा. अभिभावक और बच्चे के बीच के रिश्ते का उदाहरण देकर उन्होंने बताया कि बच्चे नाराज होते हैं तो माता पिता को ही समझाना पड़ता है और फिर से सब कुछ सामान्य हो जाता है. होंडा एमएसआई प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर जनरल एंड कॉरपोरेट अफेयर्स हरभजन सिंह ने यूनियन को कहा कि पॉलिटकल करेंट होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जंगल में जो पेड़ सीधी होती है वह पहले काटी जाती है. इसलिए थोड़ा ठेढ़ा (कड़क और अग्रेसन) रूप भी रखना जरूरी है. उन्होंने कहा दुनिया में दो ही काम मुश्किल है एक रुपया कमाना और किसी बात-व्यक्ति को स्वीकार करना. रुपया कमाने के लिए मेहनत करना पड़ता है. इस कार्यक्रम में मोडरेटर के तौर पर टाटा स्टील ग्रुप आईआर जुबिन पालिया मौजूद थे.

Advertisement

पांचवें सत्र में लेबर यूनियन के लोगो ने की चर्चा

Advertisement


पांचवें सत्र में विभिन्न कंपनियों से आये लेबर यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखी. इसमें महाराष्ट्र सीयेट टायर कंपनी लेबर यूनियन के एसके यादव ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेसन के माध्यम से दिखाया कि यूनियन किस तरह से कंपनी के अच्छे बुरे वक्त में कंधा से कंधा मिला कर चली और उन्होंने एक बेंच मार्क स्थापित किया. उन्होंने यूनियन को केवल लड़ाई के लिए नहीं बनाया बल्कि कंपनी के प्रति जवाबदेह जिम्मेदार भी बनाया. टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, टाइटन कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष एसएल मूर्ति और टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने भी अपनी यूनियन के द्वारा किये गये बेहतर कार्य के बोर में बताया. इस पैनल डिस्कशन में मोडरेटर के तौर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम मौजूद थे.

Advertisement

भविष्य के यूनियन पर मैैनेजमेंट स्कूल के बच्चों ने प्रस्तुत किया प्रजेंटेसन, मिला पुरस्कार :
भविष्य का यूनियन कैसा होगा. यूनियन और प्रबंधन के रिश्ते कैसे होंगे, और क्या चुनौतियां होंगी. इस विषय पर विभिन्न मैनेजमेंट कॉलेज की टीम पावर प्वाइंट प्रजेंटेसन प्रस्तुत किया. इसमें सबसे बेहतर प्रजेंटेसन के लिए प्रथम पुरस्कार (35,000 का चेक) जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट भुवनेश्वर की टीम को मिला. वहीं द्वितीय पुरस्कार (25,000 को चेक) टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ मुंबई का दिया गया. वहीं तृतीय स्थान (10-10 हजार का चेक) के लिए दो कॉलेजों को दिया गया. इसमें जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस, रांची और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रांची की टीम को दिया गया. 

Advertisement
[metaslider id=15963 cssclass=””]

Advertisement
Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow
Advertisement

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!