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मंगलवार, मई 11, 2021
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tata-workers-union-big-breaking-टाटा वर्कर्स यूनियन चुनाव में बड़ी खबर, सत्ता पक्ष में बड़ी टूट, शैलेश सिंह समेत कई पदाधिकारी टूटकर विपक्ष में जाने का किया ऐलान, अरविंद पांडेय मना रहे थे जन्मदिन, शैलेश बोले-दम घुट रहा था सत्ता पक्ष के लोगों के साथ, हमने रास्ता बदल लिया है

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28 दिसंबर 2020 को अरविंद पांडेय, शहनवाज आलम के साथ शऐलेश सिंह.

जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव में मंगलवार को बड़ी खबर सामने आयी. मंगलवार को सत्ता पक्ष में बड़ी टूट हो गयी. चुनाव के ठीक पहले सत्ता पक्ष के बड़े चेहरे के रुप में सामने आये पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह सत्ता पक्ष से टूट गये है. वे विपक्ष के संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह के नेतृत्व वाली टीम में शामिल होने जा रहे है. लगभग तैयारी पूरी हो गयी है और अब बस घोषणा होना बाकि है. शैलेश सिंह के साथ जाने की चर्चाओं के बीच खुद शैलेश सिंह ने http://www.sharpbharat.com से बातचीत करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष में रहकर दुम घुट रहा था. अरविंद पांडेय खुद उनकी इज्जत नहीं कर रहे थे और उनकी बातें तक नहीं सुन रहे थे. दम घुट रहा था. ऐसे जगह ज्यादा दिन रहना मुनासिब नहीं था, जिस कारण हम अलग रास्ता अपना रहे है. विपक्ष के साथ जायेंगे या नहीं, इस सवाल पर शैलेश सिंह ने कहा कि अभी इंतजार कीजिये. वैसे लगभग तैयारी है कि शैलेश सिंह विपक्ष के साथ हो जायेंगे. अब शैलेश सिंह के जाने के बाद यह मजबूरी हो जायेगी कि अरविंद पांडेय का साथ छोड़कर खुद शैलेश सिंह के साथ शहनवाज आलम हो जायेंगे. इसके बाद उनकी पूरी टीम ही बिखर सकती है और इस पूरे प्रकरण में अरविंद पांडेय अलग-थलग पड़ सकते है. ऐसे में बुधवार को टाटा वर्कर्स यूनियन की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है. हो सकता है कि बुधवार को चुनाव के तिथियों की घोषणा कर दी जाये और फिर यूनियन के विपक्ष के नेता सतीश सिंह और संजीव चौधरी टुन्नु के साथ पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के जाने की अधिकारिक घोषणा हो जाये. जाहिर सी बात है कि इसको लेकर यूनियन में अफरा-तफरी मच गयी है. सत्ता पक्ष अपना कुनबा बचाने में लग गया है. वैसे आपको बता दें कि 28 दिसंबर 2020 को देवघर से लौटने के बाद अरविंद पांडेय ने सतीश सिंह और संजीव चौधरी टुन्नु का साथ छोड़ दिया था और शहनवाज आलम और शैलेश सिंह के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी जबकि अरविंद पांडेय एक दिन पहले खुद सतीश सिंह के साथ देवघर दर्शन के लिए गये थे. लेकिन दूसरे ही दिन उन्होंने यू-टर्न ले लिया और शहनवाज आलम ने भी मास्टर स्ट्रोक लगाते हुए अरविंद पांडेय को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया. लेकिन मंगलवार को जब अरविंद पांडेय अपना भव्य जन्मदिन मना रहे थे, उसी दिन उनके साथी शैलेश सिंह ने साथ छोड़ दिया और उनके साथ कई अन्य लोग भी अब विपक्ष के साथ हो सकते है. वैसे इस मामले में खुद सतीश सिंह और अरविंद पांडेय खुद कुछ नहीं बोल रहे है.

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