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रविवार, अप्रैल 18, 2021
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    tata-workers-union-committee-meeting-टाटा वर्कर्स यूनियन में हो-हंगामा के बीच एक साल का एकाउंट पारित, मजदूरों का मुद्दा उठा रहे कमेटी मेंबर संजीव तिवारी की माइक अध्यक्ष ने बंद करायी, कोरोना काल में घर पर रहने वाले यूनियन नेताओं गाड़ियों पर खर्च कर दिये लाखों, हंगामा, कोषाध्यक्ष की जगह अध्यक्ष देने लगे जवाब, जानें यूनियन नेताओं ने कोरोना काल में मजदूरों के पैसे कैसे गाड़ियों पर कर दिये करोड़ों खर्च

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    टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग के दौरान यूनियन कार्यालय में गहमा-गहमी.

    जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग बुधवार को हुआ. कमेटी मीटिंग में सबसे पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी और कोरोना काल के दौरान मरने वाले कर्मचारियों से लेकर तमाम लोगों को यहां श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इसके बाद पिछले मीटिंग के मिनट्स को पारित कराया गया. मीटिंग के मिनट्स को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इसके बाद कोषाध्यक्ष प्रभात लाल ने एकाउंट को रखा. एक साथ एक साल का एकाउंट को यहां पारित करने के लिए रखा गया तो हंगामा हो गया. सबसे पहले एलडी 2 (यह वहीं विभाग है, जहां से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद खुद चुनाव जीतकर आते है) के कमेटी मेंबर मोहम्मद ने रफीक ने आवाज उठायी और कहा कि कार पर इतने ज्यादा खर्च कैसे कर दिया गया जबकि मार्च के बाद से लगातार कोविड के कारण नेता लोग घरों में रह रहे है और यूनियन भी बंद था. इसका समर्थन नीचे से सारे लोगों ने किया. इस दौरान एकाउंट का विरोध किया गया. इसी तरह सीआरएम के कमेटी मेंबर अशोक कुमार गुप्ता ने सवाल उठाया और कहा कि यह गलत तरीके से खर्च है और मजदूरों के पैसे का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया. करीब 45 मिनट की बैठक में एकाउंट पर ही सवाल होता रहा. हालांकि, एकाउंट के मामले में कोषाध्यक्ष खुद चुप रहे और अध्यक्ष आर रवि प्रसाद चुप्पी साधे रहे. बाद में, आइ ब्लास्ट फर्नेस के कमेटी मेंबर संजीव तिवारी ने माइक संभाली. संजीव तिवारी ने कहा कि उन्होंने कमेटी मीटिंग के पहले सवाल उठाने के लिए इजाजत मांगी थी, लेकिन उनको बोलने नहीं दिया जा रहा है जबकि मजदूरों का कई समस्यख़एं लटका हुआ है. कर्मचारियों का एलटीसी का समझौता नहीं हो रहा है, जिसको बढ़ाकर 50 हजार रुपये किये जाना चाहिए. इसके अलावा क्वार्टर एलॉटमेंट का काम रुका हुआ है. उन्होंने अध्यक्ष आर रवि प्रसाद पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि रिऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट दिलाने के नाम पर कमेटी मेंबरों को अध्यक्ष अपने घरों पर दरबार लगवाकर राजनीति कर रहे है. इस दौरान सत्ता के खिलाफ आवाज उठाना संजीव तिवारी ने शुरू किया तो मीटिंग को अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने समाप्त कर दी और माइक को ही बंद करा दिया. लेकिन कमेटी मेंबर संजीव तिवारी नहीं रुके और कहा कि इस तरह आप मजदूरों की आवाज को दबा नहीं सकते है. संजीव तिवारी ने अध्यक्ष पर ही हमला बोला, लेकिन अध्यक्ष बाहर निकल गये.

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    टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग के दौरान मौजूद सारे लोग.

    कोविड-19 के दौरान खर्च किये हजारों
    कोरोना काल के दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन ने गाड़ियों पर हजारों रुपये खर्च किये. आपको बता दें कि अप्रैल से लेकर सितंबर माह तक मैनेजमेंट के साथ ऑनलाइन ही मीटिंग होती थी. यूनियन भी बंद रहता था. यूनियन के नेता भी घर पर ही रहते थे, लेकिन इसके बावजूद हजारों रुपये खर्च किये गये है. यूनियन का पैसा कर्मचारियों के एकाउंट से कटता है. यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट के पास तीन गाड़ियां है, जिस पर यह खर्च होता है.
    एकाउंट में गाड़ियों पर होने वाला खर्च
    जून 2020 में गाड़ी पर खर्च-तेल पर 10 हजार रुपये और मेंटेनेंस पर 8822 रुपये यानी कुल 18822 रुपये खर्च किये गये
    जुलाई 2020 में गाड़ी पर खर्च-10 हजार रुपये तेल पर और 22 हजार 920 रुपये गाड़ी मेंटेनेंस पर यानी कुल 32 हजार 920 रुपये
    अगस्त 2020 में गाड़ी पर खर्च-6000 रुपये तेल पर खर्च

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