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गुरूवार, जून 17, 2021
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tata-workers-union-टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव के लिए शुक्रवार का दिन महत्वपूर्ण, कमेटी मीटिंग में चुनाव पर लगेगी मुहर, सत्ता पक्ष और विपक्ष का अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन, जानें क्यों महत्वपूर्ण है शुक्रवार, पूर्व उपाध्यक्ष भाष्कर राव ने फिर की अपनी दूसरी अपील

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जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव के लिए शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा. बुधवार को चुनाव को लेकर हुए कमेटी मीटिंग का कंफर्मेशन मीटिंग शुक्रवार को सुबह दस बजे से आहूत की गयी है. यूनियन के सभागार में ही इसका आयोजन किया गया है. इस दौरान सारे गुटों के लोग एक स्वर से चुनाव कराने को लेकर अपनी रजामंदी दे दी है, जिसके बाद कमेटी मीटिंग के मिनट्स को शुक्रवार को कंफर्म किया जायेगा. शुक्रवार को कमेटी मीटिंग के बाद यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के करीबी शहनवाज आलम के नेतृत्व में एक मीटिंग भी होने वाली है. इसमें अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय, शैलेश सिंह समेत अन्य लोग भी शामिल होंगे. सत्ता पक्ष की ओर से शुक्रवार को स्टील क्लब हाऊस साकची में मीटिंग बुलायी गयी है, जिसको लेकर संपर्क अभियान तेज है. इस दौरान सत्ता पक्ष अपना शक्ति प्रदर्शन करेगा. इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के उम्मीदवार की घोषणा भी सत्ता पक्ष कर सकता है जबकि चुनाव समिति के प्रत्याशियों की भी घोषणा संभव है. शुक्रवार को ही पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह की कमेटी की भी बैठक शाम को आहूत की गयी है, जिसमें तैयारियों की समीक्षा होगी तो कमेटी मेंबरों का जुटान भी कराया जायेगा. इसको लेकर कमेटी मेंबरों को अपनी ओर करने की तैयारियां की गयी है और सारे लोग इसको लेकर अपने स्तर से तैयारी कर रहे है. दूसरी ओर, पूर्व उपाध्यक्ष एम भाष्कर राव ने एक बार फिर से अपनी अपील जारी की है. श्री राव ने कहा है कि कल दिए गए मेरे बयान के सिलसिले में मुझे आगे कहना है कि आज भी कर्मचारी और कमिटी मेम्बरों को अपने विवेक का इस्तेमाल कर निर्णय लेने की जरूरत है. लोकतंत्र में जितना जाति और धर्म के आधार पर निर्णय लेना जितना घातक है, उतना ही घातक बिना गुण-दोष का विचार किए किसी ग्रुप के सारे उम्मीदवारों को वोट दे देना है. इस कार्य से समाज और संगठन दोनों का नुकसान होता है. ग्रुप में वोट के कारण हरेक उम्मीदवार के व्यक्तित्व का सही आकलन नहीं हो पाता है. ग्रुप के अच्छे व्यक्ति एवं बुरे व्यक्ति दोनों का मूल्य एक समान हो जाता है. किसी एक व्यक्ति द्वारा समझाने और अनुरोध करने पर पूरे एक ग्रुप को वोट दे देना उचित नहीं है. कमिटी मेम्बरों को हरेक उम्मीदवार के गुण-दोष के बारे में सोच विचार कर वोट देने का निर्णय लेना चाहिए.

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