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रविवार, अप्रैल 18, 2021
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    tata-workers-union-election-टाटा वर्कर्स यूनियन के सत्ता पक्ष की बैठकों में निशाने पर महामंत्री सतीश सिंह, अंजनी पांडेय के नेतृत्व में कमेटी मेंबरों ने कहा-निजी अहंकार और स्वार्थ के लिए सिर्फ यूनियन को कमजोर किया महामंत्री सतीश सिंह ने

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    जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनावी माहौल में सत्ता पक्ष के कमेटी मेंबरों की एक बैठक अध्यक्ष पद के दावेदार और वर्तमान में डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय के आवास पर ट्यूब डिवीजन डिपार्टमेंट के कमेटी मेंबरों के साथ हुई. इस दौरान 10 में 7 कमेटी मेंबरों ने भाग लिया. तमाम कमेटी मेंबर को चुनाव कमेटी को लेकर अभी तक सत्ता पक्ष की टीम द्वारा जो तैयारी की गई है, इसकी जानकारी दी गई. सभी कमेटी मेंबरों ने एकमत से कहा कि वे तमाम कमेटी मेंबर इस टीम के साथ है. इस टीम द्वारा जो तमाम कमेटी मेंबरों से किसी घोषणा से पहले विचार विमर्श किया जा रहा है, उसकी सराहना की गई. इस दौरान डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय, उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम, भगवान सिंह, शत्रुघ्न राय, सहायक सचिव धर्मेंद्र उपाध्याय, कमलेश सिंह, नितेश राज, कोषाध्यक्ष प्रभात लाल एवं कमेटी मेंबर बृजेश सिंह, आरके वर्मा, रंजीत झा, प्रज्ञानंद कुमार, धनंजय सिंह, विश्वनाथ नायक, जफर इकबाल उपस्थित थे.

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    अंजनी पांडेय.

    दूसरी ओर, गुरुवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों की एक बैठक यूनियन परिसर में पावर हाउस के कमेटी मेंबर अंजनी पांडेय के नेतृत्व में हुई. तमाम कमेटी मेंबरों ने मीटिंग में अपने विचार रखें. विचार के दौरान यह बातें सामने आई कि महामंत्री टाटा वर्कर्स यूनियन खुलेआम झूठ बोल रहे हैं. आज तक किसी भी कर्मचारी मुद्दे पर उन्होंने आवाज नहीं उठाई और ना ही बागी तेवर अख्तियार किए. 3 साल के कार्यकाल के दौरान हर समय अपने निजी अहंकार और निजी स्वार्थ के लिए सिर्फ यूनियन को कमजोर करने का काम किया. पहले कमिटी मीटिंग में ही उन्होंने कहा था कि मैं किसी भी समझौता पर हस्ताक्षर बिना हाउस में कमेटी मेंबरों से सहमति लिए बिना नहीं करूंगा लेकिन आज तक किसी भी मुद्दे पर उन्होंने कमेटी मेंबरों से राय नहीं ली. यहां तक की कमेटी मेंबरों द्वारा मना करने पर भी हर समझौते पर हस्ताक्षर किया. हर समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कमेटी मेंबरों को बरगलाने का काम किया. यहां तक कि कमेटी मेंबरों द्वारा रिक्विजिशन मीटिंग बुलाने का पत्र देने के बावजूद भी अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रिक्वीजन मीटिंग कॉल नहीं किया और इस पत्र को भी दबा दिया. हद तो तब हो गई जब कमेटी मेंबर के उपस्थिति के बिना ही अपने मीटिंग में उन कमेटी मेंबरों का नाम अखबार में देकर यह दावा किया गया कि वह मीटिंग में उपस्थित थे. करीब 2 दर्जन भर कमिटी मेंबर ऐसे हैं, जो मीटिंग में उपस्थित नहीं हुए थे, लेकिन फिर भी उनका नाम अखबार में दिया गया. मीटिंग के दौरान अंजनी पांडेय, मनोज कुमार, प्रदीप सिंह, नीरज नवीन, अजय कुमार एलडी 3 समेत अन्य उपस्थित थे.

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