टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान तार-तार, कमेटी मेंबरों का मुंह बंद कराने के खिलाफ कमेटी मीटिंग में हंगामा, टुन्नु चौधरी, अशोक गुप्ता व संजीव तिवारी ने स्टेज पर चढ़कर काटा बवाल, नहीं पारित हुआ एकाउंट, अध्यक्ष अपने पदाधिकारियों के साथ ”पास-पास” कहकर माइक बंदकर स्टेज से भागे, शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान

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टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद माइक पर कमेटी मेंबरों को संबोधित करते हुए.

जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन का गुरुवार को हुए कमेटी मीटिंग में कमेटी मेंबरों ने जमकर बवाल काटा. यूनियन में मजदूरों की आवाज को एक बार फिर दबाने की कोशिश हुई, जिसका प्रतिवाद लोगों ने किया. असंवैधानिक तरीके से यूनियन को संचालित करने का कमेटी मेंबरों ने जमकर विरोध किया. जी ब्लास्ट फर्नेस में कमेटी मेंबर मुमताज अहमद के विरोध में चुनाव लड़ने वाले राजेश कुमार को सरप्लस कराने का भी विरोध किया गया. यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद का जोरदार विरोध किया गया. इस दौरान यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु, सीआरएम के कमेटी मेंबर अशोक गुप्ता और एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबर संजीव तिवारी ने यूनियन में सवाल उठाने की इजाजत नहीं देने और दो की जगह एक साथ चार माह का एकाउंट पारित कराने का जोरदार विरोध किया. हालात ऐसा हो गया कि अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने एकाउंट को पास-पास कहते हुए माइक बंद कर दी और फिर स्टेज से भाग निकले. इसके बाद कमेटी मेंबरों ने अध्यक्ष के खिलाफ और एकाउंट पारित करने के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें करीब 60 से ज्यादा लोगों ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है.

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कमेटी मीटिंग में मौजूद कमेटी मेंबर. कमेटी मीटिंग के दौरान मौजूद कमेटी मेंबर.


टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग में वहीं सब हुआ, जिसकी आशंका पहले http://www.sharpbharat.com ने जतायी थी. यूनियन का कमेटी मीटिंग गुरुवार की सुबह शुरू हुई. इस कमेटी मीटिंग में पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद पिछले मीटिंग के मिनट्स को पढ़कर सुनाया गया और उसको पारित किया गया. इसके बाद चार माह का एकाउंट लाया गया. कोषाध्यक्ष प्रभात लाल ने चार माह का एकाउंट एक साथ पेश किया, जिसका विरोध करते हुए सबसे पहले सीआरएम के कमेटी मेंबर अशोक गुप्ता स्टेज पर चढ़ गये और कहा कि एक साथ दो माह का एकाउंट पारित होने का प्रावधान (नियम) है तो फिर चार माह का एकाउंट क्यों पारित किया जा रहा है. इसके बाद उनको बोलने की इजाजत नहीं दी गयी, जिसका समर्थन करते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु स्टेज पर चढ़ गये और बोले कि एकाउंट को गलत तरीके से पारित किया जा रहा है.

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पहली तस्वीर संजीव चौधरी टुन्नु की. बीच में है अशोक गुप्ता. सबसे किनारे कोर्ट पहने हुए संजीव तिवारी.

संजीव चौधरी टुन्नु ने जबरन माइक पकड़ ली और टाटा वर्कर्स यूनियन में कमेटी मेंबरों को ही बोलने का इजाजत नहीं देने और वेज रिवीजन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कमेटी मेंबरों से कोई रायशुमारी तक नहीं करने का विरोध किया गया. इस दौरान कमेटी मेंबर संजीव तिवारी भी स्टेज पर चढ़ गये और विरोध करने लगे कि वे लोग भी सवाल दिये थे कि उनको कमेटी मीटिंग में सवाल उठाने दिया जाये, लेकिन उनको सवाल उठाने नहीं दिया जा रहा है. इस बीच अशोक गुप्ता ने भी माइक पकड़ ली और विरोध करते हुए चार माह का एकाउंट पारित नहीं करने की अपील की. संजीव चौधरी टुन्नु और अशोक गुप्ता के आह्वान पर कमेटी मेंबरों ने हंगामा किया और एकाउंट पारित करने का विरोध किया. माहौल अपने विपरित देखते ही अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने माइक पर एकाउंट पास करने की बात कहकर माइक को बंद कर दिया और फिर वहां से भाग निकले. इसके बाद सारे पदाधिकारी उनके साथ ही बाहर निकल गये. इसके बाद अशोक गुप्ता और संजीव चौधरी टुन्नु ने कमेटी मेंबरों के बीच हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर दी, जिसमें चार माह के एकाउंट को पारित नहीं करने की बात लिखी गयी थी. इस हस्ताक्षर अभियान का कमेटी मेंबरों ने समर्थन किया और करीब 60 लोगों ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. यह अभियान जारी रखते हुए महामंत्री को यह हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा जायेगा, जिसमें चार माह का एकाउंट पारित नहीं की गयी है, यह लिखा गया है.

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कमेटी मीटिंग में मौजूद कमेटी मेंबर.

क्यों हुआ यह विरोध, क्या कहता है संविधान
टाटा वर्कर्स यूनियन में विरोध होना लाजिमी है. संविधान कहता है कि हर दो माह में एकाउंट को पारित कराना है और हर दो माह में कमेटी मीटिंग होना है, लेकिन चार माह का एकाउंट को पारित कराया जा रहा है. इसके अलावा चार माह में कमेटी मीटिंग बुलायी गयी. इस बीच वेज रिवीजन से लेकर कई चीजें हो गयी, लेकिन कमेटी मेंबरों को बोलने का मौका नहीं दिया गया. इस बार भी कमेटी मेंबरों को बोलने नहीं दिया, जिस कारण यह असंतोष और विरोध उभरा है.

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