tata-workers-union-टाटा वर्कर्स यूनियन फिर से कानूनी दांव-पेंच में फंस सकता है, कोर्ट तक मामला ले जाने की तैयारी, लगातार हो रहा संविधान का उल्लंघन, जानें क्या है मामला

राशिफल

जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन एक बार फिर से संवैधानिक संकट की ओर आगे बढ़ रहा है. यूनियन के सत्ता में मशगूल सत्ताधारी संविधान का अनुपालन नहीं कर पा रहे है जबकि विपक्ष गायब है. ऐसे में संविधान का उल्लंघन होता जा रहा है, लेकिन उसको लेकर किसी तरह का कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. ऐसी स्थिति है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के लोग सोये है और कुछ कहने को भी तैयार नहीं है. इधर, अब यह मामला फिर से कोर्ट जाने की तैयारी में है. कानून दावं पेंच में यह मामला फंस सकता है. (नीचे भी पढ़ें)

यह है मामला :
टाटा वर्कर्स यूनियन के 8 कमेटी मेंबर की सीटें खाली हो चुकी है. एक जनवरी से दौ और कमेटी मेंबर रिटायर हो रहे है. ऐस में जनवरी में 10 सीटें खाली हो जायेगी. कई सीट पिछले दो साल से अधिक समय से खाली है. जबकि यूनियन के संविधान के मुताबिक, सीट रिक्त होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर उपचुनाव कराया जाना है, लेकिन यूनियन के नेता चुनाव नहीं करा रहे है. इसको लेकर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है. टाटा वर्कर्स यूनियन के जी ब्लास्ट फर्नेस, एलडी 2, एलडी 1, सिंटर प्लांट, आरएमएम, टीएमएच और डब्ल्यूआरपी विभाग के सीट खाली हुए है. लेकिन इसको लेकर चुनाव नहीं कराया जा रहा है.

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