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शुक्रवार, अप्रैल 23, 2021
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jamshedpur-corona-alert-कोरोना से ठीक होने के बावजूद हो रही मौतें, गम्हरिया के चिकित्सक के दोबारा संक्रमित होने का मामला शोध का विषय, कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे कोरोना को मात देने वाले मरीज, खराब हो रहे फेफड़े, टीएमएच में अब खुलेगा पोस्ट कोविड ओपीडी, tmh-टीएमएच ने ऐसा मास्क लाया, जिसमें पहले से लगा है ऑक्सीजन पहुंचाने वाला यंत्र-good-news-कोरोना को लेकर खुशखबरी भी-कोरोना में आयी गिरावट, कोरोना का दूसरा लहर भी आयेगा, लेकिन इसकी रफ्तार कम हो सकती है

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जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना अब ढलान पर आता नजर आ रहा है. लगातार हो रही मौत और कोरोना पोजिटिव की खबरों के बीच यह खबर आयी है कि अब कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार घट रही है. यह एक अच्छी खबर आयी है. टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के पूर्व जीएम और वर्तमान में सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है. डॉ चौधरी शनिवार को ऑनलाइन पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जमशेदपुर में पिछले सप्ताह जहां रिकवरी रेट टीएमएच का 82.38 फीसदी था, वह इस सप्ताह बढ़कर 83.16 फीसदी हो चुका है. एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या भी घटी है. पिछले सप्ताह 243 मरीज एडमिट हुए थे जबकि 201 मरीज इस सप्ताह एडमिट हुए है. अब तक कुल 3551 पेशेंट एडमिट हो चुके है. इस तरह एडमिशन घटा है तो डिस्चार्ज की संख्या भी घटी है. पिछले सप्ताह 246 लोग डिस्चार्ज हुए थे तो इस सप्ताह कुल 217 लोग डिस्चार्ज हुए है. डट राजन चौधरी ने बताया कि 80 साल से ऊपर के इस सप्ताह 8 मरीज ठीक होकर घर लौटे है जबकि 80 साल के ऊपर के 7 लोग पिछले सप्ताह ठीक होकर लौटे थे. कुल अब तक 59 ऐसे लोग डिस्चार्ज हुए है, जो 80 साल के ऊपर के मरीज थे, जिन्होंने कोरोना को मात देने में सफलता पायी है. टीएमएच में अब तक कुल 52778 टेस्ट हो चुके है, जिसमें से 30871 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए है जबकि शेष अन्य रैपिड एंटीजन टेस्ट और ट्रूनेट के जरिये हुए है. आरटीपीसीआर टेस्ट का पोजिटिविटी रेट भी घटा है, जो अब 9.69 फीसदी हो गया है, जो पहले 30 फीसदी तक था, जो यह बता रहा है कि संक्रमण घट रहा है. अब तक कुल 21 लोगो की मौत इस सप्ताह हो चुकी है जबकि पिछले सप्ताह 25 लोगों की मौत हुई थी यानी मौत के आंकड़े में कमी आयी है. डॉ राजन चौधरी ने यह जरूर बताया कि अभी कई सीरियस मरीज आ रहे है, जो 24 से 48 घंटे के भीतर ही दम तोड़ दे रहे है. ऐसे लोग अगर थोड़ा भी सिम्पटम (लक्षण) दिखे तो वे लोग तत्काल अस्पताल जाये. उन्होंने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी के जरिये 31 फीसदी लोग ठीक हो चुके है. अभी टीएमएच में कुल 212 मरीज भर्ती है, जिनका इलाज चल रहा है.

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कोरोना से ठीक होने वाले एक मरीज की फिर से पोजिटिव होने के बाद हुई मौत शोध का विषय

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टाटा स्टील के मेडिकल के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने बताया कि यह सही है कि गम्हरिया के एक चिकित्सक पहले कोरोना पोजिटिव हुए थे, जिसका टेस्ट निजी क्लिनिक में हुआ था, उसके बाद फिर वे नेगेटिव हो गये थे, लेकिन बाद में फिर से वे पोजिटिव हो गये और उनकी मौत हो गयी. इस पर पूर्व जीएम ने कहा कि उक्त चिकित्सक की हुई मौत शोध का विषय है. देश और दुनिया में इस तरह के कुछेक केस जरूर आये है, जिसका अलग टेस्ट होता है, जिससे मौत की जांच की जा सकती है और संक्रमण फिर से कैसे हुआ, यह देखा जा सकता है, लेकिन यह जांच की सुविधा टीएमएच का पास नहीं है. लेकिन इसके लिए ”जीन” (जीन वंशाणु या पित्रैक कहलाती है) की जांच की जाती है, जो पुणे में संभव होता है, जो अब संभव नहीं लगता है, वैसे देश और दुनिया में ऐसे केस आये है, जिस पर शोध किये जा रहे है.

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जो कोरोना को मात दे चुके है, उनको कई सारी बीमारियां, टीएमएच में खुलेगा पोस्ट कोविड ओपीडी
डॉ राजन चौधरी ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि जो लोग कोरोना को मात दे चुके है, उनको कई सारी अन्य परेशानियां हो रही है. कई लोगों की मौत भी हो जा रही है. इसके पीछे कारण है कि कोरोना फेफड़ों को काफी असर डालता है, जिस कारण उनको कई सारी बीमारियां घेर ले रही है. इसके अलावा लाल चकता शरीर में निकलना, खुजली होना, सांस लेने में तकलीफ की कई शिकायतें है. उन्होंने बताया कि टीएमएच में अभी 212 लोग एडमिट है, जिसमें से 25 से 30 लोग ऐसे है, जो कोरोना नेगेटिव हो गये है, लेकिन फिर भी उनको सांस लेने में दिक्कत है. जो सुगर या ब्लड प्रेशर के मरीज है, उनको भी काफी दिक्कतें हो रही है. इस कारण जो लोग कोरोना को मात दे चुके है, उनको भी स्वस्थ्य जीवन जीना होगा. इसको देखते हुए टीएमएच में पोस्ट कोरोना क्लिनिक खोला जा रहा है जबकि मास्क ऐसे मंगाया जा रहा है, जिसमें सांस लेने की दिक्कत जिनको है, उनको एक मास्क दिया जा रहा है, जिसमें उनको ऑक्सीजन भी मिलता रहे, जिसको मास्क विद रिजर्वायर कहा जाता है. उन्होंने कहा कि जो लोग कोरोना को मात दे चुके है, वे फल, हरी सब्जियां, पानी, तरल चीजें लेते रहे और सादा दाल, भात, रोटी इस तरह का सादा खाना खाये तो अच्छा रहेगा.

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कोरोना का दूसरा लहर आने की तैयारी शुरू कर दी जाये, लेकिन थोड़ा कम भयावह हो सकता है दूसरा लहर
कोरोना का संक्रमण अभी नीचे गया है. डॉ राजन चौधरी के मुताबिक, अभी कम तो हुआ है, लेकिन दूसरा वेभ (लहर) कोरोना का आ सकता है. लेकिन यह उम्मीद है कि इसकी भयावहता पहले से कम होगी. ऐसा लक्षण देश और दुनिया को देखने से मालूम चल रहा है. वैसे यह बोलना जल्दबाजी होगी कि कोरोना मुक्त जिला हो जायेगा या कोरोना का दूसरा लहर कम होगा, लेकिन ऐसी उम्मीद जरूर की जा सकती है.

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