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jamshedpur-tmh-corona-alert-जमशेदपुर के टीएमएच में 204 से ज्यादा हेल्थ वर्कर और डॉक्टर कोरोना पोजिटिव, जमशेदपुर में आरटीपीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे रहा कोरोना का नया वायरस, टीएमएच के सलाहकार ने दी चौंकाने वाली जानकारी, सलाह-घर पर ये सारी व्यवस्था करें तो जान बचायी जा सकती है, हालात-टीएमएच के सारे बेड फुल, vaccine-टीका लेने वाले एक भी मरीज की मौत नहीं, जमशेदपुर में कोरोना के हालत व रोकथाम के उपाय के लिए जरूरी खबर

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जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना के नये स्ट्रेन और डबल म्यूटेंट के केस मिल चुके है. वहीं अब यह भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है कि कोरोना का दुनिया का सबसे विश्वासी टेस्ट आरटीपीसीआर को भी यह कोरोना का नया वायरस चकमा दे रहा है. कोरोना को लेकर टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज और टीएमएच के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने इसका खुलासा संवाददाता सम्मेलन में किया है. डॉ राजन चौघरी ने अपने संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट एक साल पहले गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता था, जिसमें पिछले साल तक दस टेस्ट होता था तो 9 टेस्ट सही रिपोर्ट देता था. लेकिन अब 75 फीसदी पर यह स्टैंडर्ड आ चुका है. कई बार लोग टेस्ट कराते है, कोरोना के लक्षण होते है, लेकिन उनका आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आ जाता है. ऐसे लोगों को अगर लक्षण है तो अपने घर में आइसोलेट (एकांत) में रहना चाहिए. चार या पांच दिनों के बाद फिर से कोरोना का टेस्ट कराये, अस्पताल में जांच कराये, फिर सही रिपोर्ट आ सकती है. अगर लक्षण है तो परिवार से मिलना, बाहर जाना, कहीं भी आना जाना बंद कर दें. सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने बताया कि ऐसे केस टीएमएच में दो से तीन आ चुके है, जो पहले नेगेटिव आरटीपीसीआर में आया, लेकिन बाद में वह पोजिटिव पाये गये.
टीएमएच में बेड की स्थिति खराब, सारी व्यवस्था फुल, कोरोना से अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी भी

डॉ राजन चौधरी ने बताया कि टीएमएच में 543 बेड अभी संचालित हो रही है. इसमें 393 ऑक्सीजनयुक्त बेड है. 48 इनवेसिव वेंटिलेटर और 75 बेड नन इंवेसिव वेंटिलेटर है यानी कुल 125 वेंटिलेटर बेड है. उन्होंने बताया कि टीएमएच में तीन दिनों में 200 से ज्यादा भर्ती मरीज हुए है और अब तक 5467 एडमिशन हो चुके है यानी औसतन हर दिन 60 से 70 मरीज आ रहे और पूरा बेड फुल हो चुका है. उन्होंने बताया कि टीएमएच के 204 हेल्थ वर्कर, जिसमें 54 डॉक्टर, 70 नर्सें और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल है, कोरोना पोजिटिव हो चुके है और काम पर आने की स्थिति में नहीं है. डॉ राजन ने बताया कि हालात का अंदाजा इन आंकड़ों से समझा जा सकता है. उन्होंने बताया कि तीन दिनों में 46 लोगों की मौत टीएमएच में हो चुकी है, जिसमें 40 से 60 साल वाले लोगों की संख्या 21 है जबकि 80 साल वाले 22 की संख्या है. इसमें से 60 फीसदी मौत कोरोना से ही हुई है, जिसमें किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी और सीधे कोरोना से वे संक्रमित थे. उन्होंने बताया कि ऐसी मौतों की संख्या बढ़ रही है.
डॉ राजन चौधरी ने कहा-मुझे डर है कि कहीं टेस्टिंग मशीन खराब नहीं हो जाये, टेस्ट का पोजिटिविटी रेट भी बढ़ा
डॉ राजन चौधरी ने बताया कि 1500 रोजाना टेस्ट हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमको डर है कि इतनी ज्यादा टेस्ट से कहीं मशीन खराब ना हो जाये. उन्होंने बताया कि हर दिन 850 से 900 टेस्ट आरटीपीसीआर और ट्रूनेट में हो रहा है जबकि शेष अन्य रैपिड टेस्ट हो रहा है. उन्होंने पोजिटिविटी रेट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आरटीपीसीआर व ट्रूनेट मशीन से 39.51 फीसदी पोजिटिव मरीज आये जबकि पहले 36 फीसदी कोरोना पोजिटिव मरीज आते थे. रैपिड टेस्ट के मरीज का पोजिटिविटी रेट 13.86 फीसदी है. पहले यह 10.13 फीसदी था. उन्होंने बताया कि बेड फुल है तो रेमेडेसिवीर की दवा की उपलब्धता भी कम है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपनी परेशानियों को अवगत करा दिया है.
घर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखें, अगर 94 से नीचे ऑक्सीजन लेवल आता है तो डॉक्टर से संपर्क करें
पूर्व जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि अभी ऑक्सीजन को लेकर काफी मारामारी की स्थिति है. हमारी सलाह है कि आप अगर सक्षम है तो घर पर सिलेंडर की बजाय ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखें. उसको प्लस करिये और 6 लीटर तक का ऑक्सीजन आराम से वह देता रहता है, जिसको मास्क के जरिये से आप ले सकते है. घर पर ऑक्सीमीटर रखें ताकि ऑक्सीजन लेवल की जांच हो सके. उन्होंने बताया कि कई लोग काफी खराब हालत में टीएमएच आते है, जिस कारण दिक्कतें ज्यादा होती है और मौतें होती है. लोगों को जैसे ही अपने ऑक्सीमीटर में 94 से नीचे ऑक्सीजन का लेवल बताता है, वैसे ही लोगों को अस्पताल जाना चाहिए, जहां बेड मिले, वहां एडमिट हो जाना चाहिए. इस दौरान लोग उलटे लेटकर भी रह सकते है ताकि ऑक्सीजन का लेवल हाई हो सके.
टीका बेहतर है, कोई खराबी नहीं, टीका लेने के बाद कोई मौत नहीं

सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने बताया कि टीका काफी कारगर है. टीएमएच में 33747 लोगों को हम लोग टीका दे चुके है. 4584 लोगों को डबल डोज दिया जा चुका है. उन्होंने बताया कि जिनको अनकंट्रोल डाइबिटीज होता है, उनके लिए कोरोना काफी खतरनाक है. जिनका किडनी फेल है, वे काफी सचेत रहे. ब्लड प्रेशर वालों को खतरा तो है, लेकिन उतना भी खतरा नहीं है. दोनों टीका लेने वाले अब तक किसी की मौत यहां नहीं हुई है.
हालात पिछले के वनस्पत और खराब है

डॉ राजन चौधरी ने बताया कि उन लोगों ने एनालिसिस किया है. एनालिसिस में यह पता चला है कि पिछले बार के कोरोना वेभ में जो हालत 6 से 7 सप्ताह में पहुंचे थे, वह तीन सप्ताह में ही जमशेदपुर और टीएमएच में पहुंच चुका है. जो हालात अगस्त सितंबर में थे, उससे कहीं आगे हम लोग अभीब ही निकल चुके है. चाहे मौत का आंकड़ा हो या फिर एडमिशन के हालात. उन्होंने बताया कि हालात यह है कि 80 साल के ऊपर वाले को तो बीमारियों के कारण मौत हुई है, लेकिन अभी 75 फीसदी लोग सिर्फ कोरोना से ही मारे जा रहे है. उन्होंने बताया कि 80 फीसदी मौत इनवेसिव वेंटिलेटर वालों की हो रही है. वैसे लोग जल्दी रिकवरी नहीं कर पाते है.
जनता मास्क पहने, लॉकडाउन का अनुपालन करें

डॉ राजन चौधरी ने जनता से अपील की है कि लॉकडाउन का अक्षरश: अनुपालन करें. मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग में रहे, भीड़ में जाने से बचे, बाजार सिर्फ जरूरत के सामान के लिए जाये, बेवजह घुमने से ही आप संक्रमित हो जायेंगे.

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