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शुक्रवार, मई 14, 2021
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[email protected]जमशेदपुर के टीएमएच में कोरोना से मंगलवार की शाम 5 बजे तक 15 की मौत, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के 7 लोगों की मौत, सरायकेला-खरसावां जिले के तीन लोगों की मौत, टीएमएच में 4 दिनों में हो चुकी है 74 मौतें, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उखड़ जा रहे है दम, जानें क्यों है ऐसी स्थिति

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जमशेदपुर : जमशेदपुर और आसपास के इलाके के लिए वरदान साबित होने वाले टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में कोरोना से मौत का सिलसिला जारी है. मंगलवार की शाम 5 बजे तक कुल 15 लोगों की कोरोना से मौत हो गयी. मरने वालों में सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली कबीरनगर के रहने वाले 76 वर्षीय पुरुष, सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर की रहने वाली 65 साल की महिला और सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया के रहने वाले 42 वर्षीय पुरुष शामिल है. इसके अलावा जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर 8 के रहने वाले 62 वर्षीय पुरुष, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के रोड नंबर 17 की 73 साल की महिला, सोनारी के 58 साल के पुरुष, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के न्यू बारीडीह के 56 साल के पुरुष, सिदगोड़ा के बागुननगर के रहने वाले 74 साल के पुरुष, सिदगोड़ा के एग्रिको की 74 साल की महिला, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह निवासी 65 साल के पुरुष, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के ही बागुनहातू रोड नंबर 3 के रहने वाले 76 साल के पुरुष, सिदगोड़ा के ही 57 साल के पुरुष, कदमा के 68 साल के पुरुष, कदमा के ही 67 साल के एक अन्य पुरुष, मानगो आस्था स्पेस टाउन के 56 साल के पुरुष की मौत कोरोना से हुई है. उपरोक्त मरने वालों में 3 मई की देर शाम के बाद से लेकर 4 मई की शाम 5 बजे तक की है. इधर, टीएमएच से मिले आंकड़ों के मुताबिक, टीएमएच में 4 दिनों (मंगलवार 4 मई के आंकड़े को छोड़कर) में 74 लोगों की मौत हुई है. इन चार दिनों में 63 लोग जमशेदपुर के जबकि दो पश्चिम सिंहभूम जिला और एक सरायकेला-खरसावां जिले के ग़लावा एक रामगढ़ जिले के मरीज शामिल है. टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने बताया कि एक बार फिर से 60 साल के ऊपर के लोगों की मौत ज्यादा हुई है. करीब 46 लोग ऐसे थे, जो 60 साल के ऊपर के लोग थे, जिनकी मौत हुई जबकि 40 से 60 साल के उम्र के लोगों की संख्या 21 रही. डॉ राजन चौधरी ने बताया कि अस्पताल में बहुत लोग ऐसे आते है, जो इमरजेंसी में ही दम तोड़ देते है या फिर घंटा या दो घंटा भी नहीं रह पाते है. स्थिति पहले से खराब कर लाने के कारण ऐसे है जबकि कोरोना में ज्यादातर लोगों के फेफड़े खराब हो जा रहे है, जिस कारण उससे ज्यादा लोगों की मौत हो रही है. इस कारण लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए, हाथ सैनिटाइज करते रहना चाहिए और मास्क के बगैर तो बाहर ही नहीं निकलना चाहिए, अलबत्ता लोगों को घर में भी मास्क पहन लेना चाहिए.

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