jamshedpur-good-news-कोरोना के मरीजों की सेवा करने आगे आये मानगो के घोष दंपत्ति, इनके जज्बे को सलाम कीजिये, कोरोना के नाम से लोग डर रहे है और ये सेवा करने के लिए आगे आये

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जमशेदपुर : वैश्विक संकट कोरोना को लेकर भले ही केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय दावा कर रही है, कि कोरोना संक्रमितों के साथ भेदभाव नहीं बल्कि उनकी देखभाल करें. सामाजिक दूरी का पालन जरूर करें, लेकिन आत्मीय दूरी बनाए रखें, लेकिन जिस तरह से कोरान का कहर देश में फैल रहा है. उससे हर कोई कोरोना के खिलाफ जंग में खुद को पस्त महसूस करने लगा है, चाहे वो डॉक्टर हों, स्वास्थ्यकर्मी हों, सफाईकर्मी हों, स्वयंसेवी संगठन हों या सरकारी तंत्र. सभी कोरोना के कहर के आगे नतमस्तक नजर आ रहे हैं. इन सबके बीच जमशेदपुर के मानगो का एक दंपत्ती पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्याल पहुंचा. आप जान कर हैरान हो जाएंगे कि यह दंपत्ति आखिर यहां क्यों पहुंचा. दरअसल मानगो निवासी दिलीप घोष और उनकी पत्नी झूना घोष जिले के उपायुक्त से मिलकर कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा करना चाहते हैं, वो बी बिल्कुल मुफ्त. है न हैरान करनेवाली बात.. जरा सोचिए जिस मरीज के पास जाना तो दूर जिनके संक्रमित पाए जाने की सूचना मात्र से इलाके में कोहराम मच जाता है, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी सकते में आ जाते हैं, उन मरीजों की सेवा और देखभाल घोष दंपत्ती करना चाह रहे हैं. वो भी बिल्कुल मुफ्त. निश्चित तौर परहम इनके जज्बे को सैल्यूट करते हैं. वैसे इन्होंने जिले के उपायुक्त को अपनी पेशकश कर दी है, अब देखना ये दिलचस्प होगा कि जिले के उपायुक्त मानगो के घोष दंपत्ती की इसकी इजाजत देते हैं, या नहीं. वैसे घोष दंपत्ति किसी भी अस्पताल या स्वयंसेवी संस्था जहां कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा जा रहा है, वहां रहकर मरीजों की सेवा करना चाह रहे हैं. इस संबंध में दिलीप घोष से जब पूछा गया कि आखिर वो ऐसा क्यों करना चाहते हैं, तो उन्होंने जो जवाब दिया उसे भी सुन लीजिए… दीलीप घोष का कहना है, कि वे अगर वैश्विक संकट से घबराकर हर कोई हथियार डाल देगा तो आखिर कोरोना से लड़ेगा कौन. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर संक्रमित मरीजों की सेवा कर मौत को भी गले लगानी पड़े तो समझेंगे इश्वर ने उन्हें इसी काम के लिए भेजा है.

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