jamshedpur-lab-neglegency-जमशेदपुर में ”कोरोना” बांट रहा ”पाथकाइंड लैब”, कोरोना पोजिटिव मरीज को फिर से घर जाने दिया, बिष्टुपुर से बागुननगर टेम्पो से गया, 48 घंटे तक कोरोना पोजिटिव घर और आसपास घुमा, एमजीएम में खुद से अपने को भरती कराने पहुंचा, इससे पहले भी आ चुकी है लापरवाही, किसके दबाव में प्रशासन क्यों नहीं कर रही कार्रवाई

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जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार परेशान है, लेकिन जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पाथकाइंड लैब कोरोना का संक्रमण फैलाने का काम कर रही है. ऐसा ही एक और वाक्या सामने जमशेदपुर में आया है. दरअसल, राज्य सरकार ने पाथकाइंड लैब को कोरोना की जांच करने के लिए अधीकृत किया है, जो अकेला लैब है, जो इसका टेस्टिंग कर रहा है. जमशेदपुर के पाथकाउंड में जमशेदपुर के बागुननगर का रहने वाला एक व्यक्ति अपना टेस्ट कराने के लिए पहुंचा. उसको तेज सर्दी, खांसी और सांस फूलने की तकलीफ भी थी. पाथकाइंड लैब वह जांच कराने पहुंचा. रविवार को उसका कोरोना पोजिटिव आया. कोरोना पोजिटिव आने के बाद उसको वापस घर जाने दिया जबकि उसको जिला प्रशासन को खबर करना था ताकि उसको तत्काल अस्पताल भेजा जा सके. रिपोर्ट भी मरीज को नहीं देना था जबकि जिला सर्विलांस टीम को देना था. लेकिन ऐसा नहीं किया. इसके बाद वह रविवार से लेकर मंगलवार तक घर में ही रहा.इस बीच वह ऑटो से बिष्टुपुर गया, बिष्टुपुर से वापस बागुननगर गया और फिर ऑटो से खुद एमजीएम अस्पताल भरती होने पहुंचा. बताया जाता है कि उक्त मरीज ने जिला सर्विलांस टीम और स्थानीय थाना की पुलिस को भी कहा था कि वह पोजिटिव है, लेकिन उसकी बातों को किसी ने नहीं सुना. इसके बाद वह खुद अस्पताल आकर भरती हो गया. इसके बाद जब उसकी रिपोर्ट जिला सर्विलांस विभाग के पास पहुंची और मिलान जब किया गया तो मालूम चला कि वह तो व्यक्ति अस्पताल में ही नहीं है. इस बीच खुद से चलकर वह एमजीएम अस्पताल आया, अपनी रिपोर्ट दिखायी और वह भरती किया गया. इस दौरान वह बिष्टुपुर गया, बारीडीह बागुननगर गया. अपने परिवार से मिला. उसके घर पर ढाई साल की बच्ची है. कई सदस्य है. वह आसपास भी घुमा, इसके बाद खुद से एमजीएम अस्पताल जाकर भरती हुआ. इससे पहले पाथकाइंड लैब ने आदित्यपुर के एक मरीज को पोजिटिव रिपोर्ट हाथ में दे दी. इसके बाद वह मरीज आदित्यपुर से लेकर एमजीएम अस्पताल तक आना जाना शेयर टेम्पो से करता रहा. इस तरह की बड़ी लापरवाही सामने आने के बावजूद अब तक जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. यह दर्शा रहा है कि किसी ऊंची पहुंच के कारण कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुआ है, जबकि जरा सी लापरवाही के लिए दुकानदारों को कोविड केस के तहत मुकदमा दायर कर दिया जा रहा है. वाकिंग करते हुए लोगों पर एफआइआर हो जा रहा है, लेकिन पाथकाइंड लैब पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है, जो कई सवाल पैदा कर रहा है.

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