spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
240,226,016
Confirmed
Updated on October 15, 2021 12:36 AM
All countries
215,798,951
Recovered
Updated on October 15, 2021 12:36 AM
All countries
4,893,452
Deaths
Updated on October 15, 2021 12:36 AM
spot_img

jamshedpur-rural-जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके में महामारी के बीच काफी दिक्कतों में समय गुजार रहे लोग, देखिये गांवों की हकीकत बताने वाली रिपोर्ट-

Advertisement
Advertisement
गांव में नाले का पानी पीते हुए लोग.

जमशेदपुर : आजाद देश के नागरिक भले 70 बसंत देख चुके हैं. लेकिन आजाद भारत में आज भी इंसान गुलामी का दंश झेल रहे हैं. जहां आजादी के बाद 21 वीं सदी के भारत में ऐसे भी लोग देखे जा सकते हैं, जो आज वैश्विक महामारी के दौर में दाने- दाने को मोहताज हैं. वैसे हम बात झारखंड की कर रहे हैं. जिसके अलग हुए 20 साल होने को हैं. लेकिन इस बदलते झारखंड की एक ऐसी तस्वीर इस वैश्विक महामारी के दौरान सामने आ रही है, जिसे देख कर हर कोई कह सकता है, कि आजाद देश में आज भी गुलामी प्रथा जीवित है. चलिए हम आपको लिए चलते हैं, झारखंड के जमशेदपुर जिला मुख्यालय से करीब नब्बे किलोमीटर दूर घोर नक्सल प्रभावित इलाका मुसाबनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक सभागार से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित कोतोपा गांव. जहां की जमीनी हकीकत जान आप भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे. क्या वाकई झारखंड इतना पिछड़ा राज्य है. क्या वाकई यहां के ग्रामीण जो बता रहे हैं, उसपर आंखे मूदकर भरोसा किया जा सकता है.  वैसे ये तो जांच  का विषय हैं, लेकिन यहां के ग्रामीणों ने जो बताया क्या ऐसा संभव है… जिन आदिवासियों के लिए राज्य बना, आज उनके पास राशन कार्ड नहीं…. फिलहाल इनकी बातों पर भरोसा करने के सिवा दूसरा कोई चारा भी नहीं. क्योंकि जिले के आलाधिकारी ऐसे किसी भी मामलों को सिरे से खारिज कर रहे हैं.

Advertisement
गांव में जुटे हुए लोग.

इतना ही नहीं कैमरे से दूरी भी बना रहे हैं. वैसे  इस गांव में जरूरी मूलभूत  सुविधाओं का भी घोर अभाव पाया गया. जहां ग्रामीणों के लिए पीने के लिए शुद्ध पेयजल की भी सटीक व्यवस्था नजर नहीं आई. वैसे इसका खुलासा हो फिल्म रीलीफ फंड के सदस्यों द्वारा किया गया. जहां सदस्यों ने ग्रामीणों की सूचना पर यहां का दौरा किया और जरूरतमंदों के बीच राशन वगैरह का वितरण किया. इन्होंने बताया कि इस गांव में करीब दो सौ आदिवासी परिवार रहता है, जो आज भी जरूरी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर हैं. टीम के सदस्यों ने इन्हें लॉकडाउन के बाद जिला प्रशासन से मिलकर इनकी मांगो को रखने का भरोसा दिलाया. वहीं इन्होंने हमारे माध्यम से राज्य सरकार से इन आदिवासियों को जरूरी सहायता पहुंचाने की मांग की है.

Advertisement
[metaslider id=15963 cssclass=””]

Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!