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गुरूवार, मई 13, 2021
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jharkhand-lockdown-झारखंड में लॉकडाउन को लेकर जल्द फैसला लेगी झारखंड सरकार, झामुमो, भाजपा, आजसू, राजद समेत कई दलों ने किया लॉकडाउन लगाने की सिफारिश, वामपंथी दलों ने किया लॉकडाउन का विरोध, कांग्रेस ने दिये फेजवाइज लॉकडाउन लगाने की सलाह, मुख्यमंत्री बोले-जल्द लेंगे लॉकडाउन पर फैसला-IMA-चिकित्सकों की संस्था आइएमए ने भी कहा-दो सप्ताह के लिए सरकार लगाये झारखंड में लॉकडाउन, देखिये विस्तृत रिपोर्ट क्या हुआ सर्वदलीय बैठक में

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रांची : झारखंड में कोरोना के बढ़ते केस और इससे होने वाली मौत को रोकने के लिए झारखंड में लॉकडाउन लगाना है या नहीं और किस तरह कोरोना का चेन तोड़ना है, उसको लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सारे राजनीतिक दलों के साथ सर्वदलीय बैठक की. ऑनलाइन ही यह सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी. इस दौरान पहले कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए विस्तार से परिचर्चा की गयी. इस दौरान सबसे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश को बोलने का मौका दिया गया. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा कोरोना की इस लड़ाई में झारखंड सरकार के साथ खड़ी है. भाजपा का मानना है कि हर हाल में चेन को तोड़ना चाहिए और चेन को तोड़ने को लेकर लॉकडाउन लगाना है या नहीं लगाना है, इस पर सरकार फैसला लें, उस फैसले के साथ भाजपा खड़ी है. इस दौरान दीपक प्रकाश ने कहा कि सत्ता आती है जाती है, हमारे पास कभी सत्ता रहती है तो कभी आपके पास है, लेकिन अभी मानव जाति पर संकट है, जिसको लेकर मिलकर लड़ाई लड़ना होगा. केंद्र सरकार से जो भी जरूरी सहयोग होगा, वह किया जायेगा, ऐसा कहा गया. इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि कोरोना की महामारी काफी ज्यादा बढ़ रही है. इसको लेकर केंद्र सरकार को 45 साल से नीचे के लोगों को भी टीका दिया जाये, इसका फैसला लिया जा सकता है, खास तौर पर वहां जहां सबसे ज्यादा संक्रमण फैल रहा है, वहां 45 से नीचे के लोगों को भी टीका लेने की इजाजत दी जाये. इस दौरान मंत्री सह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूरे तौर पर इकॉनॉमिक लॉकडाउन नहीं लगाना चाहिए. इकॉनॉमिक के बजाय सोशल लॉकडाउन लगाया जाये कि पूजा पाठ के नाम पर भीड़ कम किया जाये. शादी समारोह समेत तमाम तरह के गैदरिंग वाले जगहों पर भीड़ कम किया जाये. इस दौरान यह भी सलाह दी गयी कि तीन-तीन दिन के लिए कुछ सेक्टरवाइज दुकानों को बंद कराया जाये, इससे भी चेन टूट सकता है. प्रवासी मजदूरों को भी किस तरह से रखना है और आने के बाद किस तरह का टेस्टिंग करना है, उसके बारे में भी फैसला लेने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ एरिया, जहां सबसे ज्यादा कोरोना हो रहा है, वहां के एरिया को पेंडेमिक जोन घोषित कर वहां आवाजाही को रोका जा सकता है. झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को इस काम में लगाना चाहिए और इसको अवसर बनाने वालों पर लगाम लगाने की जरूरत है. बंद पड़े सारे अस्पतालों को चालू कराया जाये और कई सारे स्टाफ को स्वयंसेवी के तौर पर बहाल करने को कहा गया है. आर्मी के जवानों और पूर्व सैनिकों को भी इस काम में उतारा जा सकता है. सुबह में दो घंटे और शाम को दो घंटे की छूट के साथ पूरे तौर पर लॉकडाउन लगाने की सिफारिश झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने की. लॉकडाउन के बाद जब बाहर निकले, तब फेजवाइज बंद को खोला जाये. आजसू के सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि टेस्टिंग और उसकी रिपोर्ट तत्काल आये, इसका इंतजाम किया जाये. इसके अलावा यह भी मांग की गयी कि तत्काल लॉकडाउन लगाया जाये और सख्ती से लॉकडाउन लगाया जाये ताकि कोरोना के चैन को तोड़ा जा सके. सुदेश महतो ने हर दिन दो टाइम बुलेटिन जारी करने की मांग की है. राष्ट्रीय जनता दल ने भी इसका समर्थन किया और कहा कि जो भी फैसला लिया जायेगा, उसके साथ पूरी पार्टी खड़ी रहेगी. कोरोना की इस लड़ाई में वे लोग लड़ेंगे. राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में कई अस्पताल है, लेकिन लोगों को रांची और जमशेदपुर में ही लोग भर्ती होना चाहते है. इस कारण बेड को भरने के बजाय जरूरतमंदों को बेड मिले, यह सुनिश्चित कराया जाये. लॉकडाउन को भी लागू अगर किया जायेगा तो हम लोग उनके साथ खड़ा है. एनसीपी के अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाके में खतरनाक स्थिति बनती जा रही है. इस कारण अगर कड़ाई से लॉकडाउन नहीं लगाया गया तो स्थिति और भयावह हो जायेगा. टीकाकरण के उम्रसीमा को 40 साल या उससे नीचे तक के लोगों को भी लेने की इजाजत दी जाये. टेस्टिंग की रिपोर्ट नहीं आ रही है, जिससे कोरोना फैलने की स्थिति हो रही है. कमलेश सिंह ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लगाने की मांग की. भाकपा माले के प्रदेश अध्यक्ष जनार्दन प्रसाद ने भी इसमें हिस्सा लिया. जनार्दन प्रसाद ने कहा कि मास्क पहनने को सुनिश्चित कराया जाये और प्रवासी मजदूरों को भी बेहतर रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाये. टीकाकरण की उम्रसीमा को समाप्त किया जाये और सबको टीका मिले, यह सुनिश्चित कराया जाये. अनाज और राशन लोगों को मिले, यह ध्यान दिया जाये और बाजारों में कालाबाजारी को रोका जाये. भाकपा माले ने लॉकडाउन लगाना इसका इलाज नहीं बताया और कहा कि लॉकडाउन नहीं लगाया जाये, इससे परेशानियां और बढ़ जायेगी. सीपीआइएम के मोतीलाल बक्शी ने मुफ्त में लोगों को प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने का इंतजाम करने की मांग की गयी. स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाये, जिसके लिए केंद्र सरकार को झारखंड सरकार को पैसे देने चाहिए ताकि यहां कोरोना के रोकथाम को दुरुस्त किया जाये. प्रतिमाह 7500 रुपये नगद सहायता देने की भी मांग मजदूरों को देने की मांग की गयी. सीपीआइ के लोगों ने भी सरकार का समर्थन किया. टेस्टिंग की रिपोर्ट को जितना जल्द हो सके, उसको लाने की मांग की गयी. लॉकडाउन की जरूरत नहीं है, सख्ती की जरूरत है. लॉकडाउन समस्या का समाधान नहीं है. परीक्षा को दुरुस्त करने की मांग भी की गयी. सभी की बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान हालात किसी से छुपा नहीं है और ना ही छुपा सकता है. कई ऐसे माध्यम है, जिससे सूचनाएं मिलने में सहूलियत होती है. ऐसे में कोई इसको छुपा नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य में सात जगहों पर आरटीपीसीआर टेस्टिंग सेंटर आ गया है, जिसको बढ़ाकर 9 जगह करने का फैसला लिया गया है. पलामू, गोड्डा, गुमला, रांची, देवघर, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम समेत तमाम जिलों में आरटीपीसीआर लैब बढ़ाने की तैयारी की गयी है. मशीनों की क्षमता के कारण तालमेल नहीं बन पा रहा है. प्रमंडलीय स्तर पर सौ अतिरिक्त बेड ऑक्सीजन युक्त बनाने का फैसला लिया गया है. हर जिला स्तर पर भी यह कदम उठाया जा रहा है. रांची में 600 बेड ऑक्सीजनयुक्त बनायी है. सभी ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मेडिकल किट और तमाम दवाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में रखने को कहा गया है ताकि सबको सारी सुविधाएं पहुंचायी जा सके. अगले 15 से 20 दिनों में बहुत सारी स्थितियों को दुरुस्त करने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री को पत्र लिखकर केंद्रीय सैन्य बलों सीआरपीएफ समेत अन्य बलों के चिकित्सा सुविधाओं और जवानों का लाभ पहुंचाने की इजाजत देने की मांग की है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं पहुंचायी जा सके. उन्होंने बताया कि दवाओं और ऑक्सीजन के लिए सीधे खरीददारी की जाये, इसके लिए भी पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार पर ही सारा कुछ निर्भर है. लॉकडाउन को देखते हुए कुछ फैसले लिये है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के मैट्रिक और इंटर की परीक्षा को स्थगित किया है. उन्होंने कहा कि चेन को ब्रेक कैसे करें, कितनी मजबूती से इसको लागू कर सके, इसके लिए जल्द फैसला लेंगे. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर भी बड़े पैमाने पर आ रहे है, इस कारण उनका भी ख्याल रखना है. दूसरी ओर, चिकित्सकों की संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने दो सप्ताह का लॉकडाउन लगाने की मांग की है. इसको लेकर आइएमए ने कहा है कि कोरोना का चेन को तोड़ने के लिए जरूरी है. राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक के पहले उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की और कहा कि कोरोना को लेकर सारे पदाधिकारियों और मशीनरियों को लगा दी जाये. इस मीटिंग में अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है. इससे पहले उन्होंने समीक्षा भी की.

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