spot_img
शुक्रवार, अप्रैल 23, 2021
spot_imgspot_img
spot_img

jamshedpur-big-breaking यूपी के सीएम योगी के कार्यालय का ओएसडी बनकर राम मंदिर निर्माण के नाम पर ठगी करने वाला युवक जमशेदपुर के मुसाबनी से गिरफ्तार, कैसे आया गिरफ्त में-पढ़ें

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement

मुसाबनी : मुसाबनी नंबर 2 मे रहकर कर देश के विभिन्न राज्य के आला अधिकारियों को फोन पर हड़का कर वर्षों से पैसे की उगाही करने वाला साइबर ठग अरविंद मिश्रा नामक युवक को यूपी पुलिस की एसटीएफ और सर्विलांस टीम ने रविवार को मुसाबनी थाना के समीप एक कॉफी दुकान से धर दबोचा. इसकी गिरफ्तारी के बाद यूपी से आए एसटीएफ के डीएसपी के नेतृत्व में 6 सदस्यों की टीम ने जब उससे पूछताछ शुरू की तो उसने कई चौंकाने वाले राज खोलें. जिसमें मुसाबनी क्षेत्र के भी दर्जनों लोगों से लाखों की ठगी की बात उन्होंने स्वीकार की है. ठगी का पैसा अपने कुछ खास मित्रों और नेताओं के बीच भी प्रसाद की तरह बांटने की बात सामने आई है. देशभर से उन्होंने साइबर अपराध के जरिए लाखों रुपए की उगाही की है .5 माह पूर्व भी वे लखनऊ में गिरफ्तार होकर जेल में बंद था उसकी पत्नी ने उसकी बेल कराई थी.

Advertisement

ओएसडी सीएम के नाम से हड़कता था डीएम व एसपी को : यूपी अमेठी का रहने वाला शातिर साइबर ठग अरविंद मिश्रा मुसाबनी में रह कर यूपी के बड़े बड़े अधिकारियों को फोन पर सीएम का ओ एस डी बनकर ऐसा हड़कात था की आला अधिकारियों के पसीने छूट जाते थे.उसने अपना धौंस जमा कर वाराणसी के डीएम से एक लाख रुपए राम मंदिर निर्माण हेतु चंदे के रूप में अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया. इस घटना से अरविंद मिश्रा का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया उसने फिर सीएम योगी आदित्यनाथ का ओएसडी बनकर
गोंडा एसपी और कौशांबी के एसपी को फोन कर रुपए की मांग कर डाली. यह दोनों अधिकारी सीएम कार्यालय से हमेशा संपर्क में रहा करते थे. शक होने पर दोनों अधिकारियों ने इसकी पुष्टि जब सीएम कार्यालय लखनऊ में फोन कर किया तो पता चला कि इस नाम का कोई अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत नहीं है.

Advertisement

यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में पहुंची. सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत यूपी के डीजीपी को तलब करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए राशि की मांग करने वाले साइबर ठग को देश के किसी भी कोने से खोज निकालने का फरमान जारी कर दिया. मुख्यमंत्री के आदेश मिलते हैं यूपी पुलिस के आला अधिकारी रेस हो गये. इस साइबर ठग को दबोच ने के लिए 4 टीम गठित कर देश के विभिन्न राज्यों में भेजा गया. एक टीम झारखंड व बंगाल की ओर रुख किया. जहां से अरविंद मिश्रा का फोन लोकेशन ट्रैक हो रहा था.
एसटीएफ के एक डीएसपी रैंक के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी का रहने वाला अरविंद मिश्रा जो अपने ससुराल मुसाबनी में रहता है. लगभग 6 माह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय का अधिकारी बताकर और उनके नाम की धौंस दिखाकर मोबाइल फोन के जरिए सुनियोजित तरीके से विभिन्न जिलों के आला अधिकारियों से रुपये की उगाही कर रहा था. इस मामले में तब नया मोड़ आया जब इसने मुख्यमंत्री का नाम लेकर श्री राम जन्मभूमि निर्माण के लिए चंदा के नाम पर बड़े अधिकारियों से पैसा वसूलना शुरू किया.

Advertisement

जिसमें बनारस के डीएम से इसने एक लाख रुपये वसूला. इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई अधिकारी जिसमें एडीएम, डीएम, एसडीएम, शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित कई आला अधिकारियों को इसने चूना लगाते हुए लगभग दस लाख रुपए की वसूली की है. अधिकारी ने बताया कि इसी क्रम में पुलिस हरकत में आई और इसके बाद यूपी एसओजी गोंडा एसटीएफ लखनऊ और इलाहाबाद के आला पुलिस अधिकारियों की टीम गठित की गई. यूपी के डीजीपी खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे.

Advertisement

शातिर अंदाज में करता रहा ठगी: अपराधी शातिर था जब जांच टीम ने अपराधी का फोन ट्रैक करना प्रारंभ किया तो इसका लोकेशन बंगाल के खड़गपुर और झारखंड के मुसाबनी दिखाया. जिसके बाद एसटीएफ व यूपी एसओजी की टीमों ने 17 फरवरी को खड़गपुर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू किया.जिससे अपराधी की भनक तो वहां नहीं लगी परंतु बैंक ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई. जिससे पता चला कि उसका पंजाब एंड सिंध बैंक खड़गपुर में आना जाना है. इसी बैंक सेवा ठगी के पैसे की निकासी चेक से करता था. सीसीटीवी कैमरा फुटेज में उसे एक महिला के साथ वहां देखा गया.जिसके बाद जांच टीम रविवार को मुसाबनी पहुंची और इत्तेफाक से मूसाबनी नंबर 1 पोस्ट ऑफिस ग्राउंड में अधिकारियों को अचानक ही वो नजर आया, जिसके बाद उन्होंने इसका पीछा करना शुरू किया वहां से कुछ ही दूर आईसीसी बेकरी के समीप कॉफी पीने के लिए आया, जहां टीम ने उसकी फोटो से मिलान करने के बाद उसे धर दबोचा. जिसे जांच टीम मुसाबनी थाना लेकर आई. उससे प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जिसमें उसे जांच में पता चला है कि उसका अकाउंट अमेठी के पंजाब एंड सिंध बैंक में है. जहां से उसने चेक बुक ली थी और जब अधिकारी से ठगी का पैसा इसके अकाउंट में आ जाता था तो मैसेज मोबाइल में आते ही वह सारा रूपया चेक के द्वारा खड़गपुर के पंजाब एंड सिंध बैंक से जाकर निकाल लेता था.

Advertisement

प्रतापगढ़ से एक माह में खरीदे 20 सिम : साइबर ठग अरविंद मिश्रा अधिकारियों को फोन करने के लिए वह अलग-अलग सिम का इस्तेमाल करता था. जिसमें यह पता चला है कि उसने एक माह में यूपी के प्रतापगढ़ से 20 सिम खरीदी थी.यूपी एसओजी और एसटीएफ की टीम उसे पूछताछ के लिए अपने साथ लखनऊ ले गई है. बताते चलें कि यह लगभग ढाई तीन साल से मुसाबनी के नंबर दो स्थित फ्लैट में परिवार के साथ रह रहा था। अपनी बाइक पर काफी दिनों तक मुख्यमंत्री कार्यालय अधिकारी लिखकर घूमा करता था.

Advertisement

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

spot_imgspot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!