Jamshedpur Big Fraud : उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, फर्जी कागजात बना कर बैंक से लोन की निकासी, आरोपी गिरफ्तार, सीतारामडेरा थाना में मामला दर्ज, भुक्तभोगी की जुबानी-ठगी की कहानी, देखें-Video

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जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति से वीआईटी (वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी) में एडमिशन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में भुक्तभोगी विजय कुमार सिंह ने मानगो निवासी राहुल कुमार के खिलाफ सीतारामडेरा थाना में एक मामला दर्ज कराया है. हालांकि यह भी बताया जाता है कि आरोपी ने करीब एक दर्जन से अधिक लोगों से एडमिशन के नाम पर ठगी की है. इस तरह यह मामला करोड़ों रुपये की ठगी का हो सकता है. पुलिस ने आरोपी राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही मामले की जांच कर रही है. (नीचे भी पढ़ें)

आरोपी द्वारा दिया गया डाक्यूमेंट.

भुक्तभोगी विजय कुमार सिंह ने बताया कि उनके भतीजे का वीआईटी में एडमिशन कराना था. इसके लिए राहुल कुमार ने अब तक नकद, पेटीएम व फर्जी बैंक ऋण यानी कुल मिला कर करीब 16 लाख रुपये की ठगी कर ली है. उन्होंने बताया कि पहले एडमिशन का आश्वासन देने के बाद राहुल रुपयों की मांग करता गया. इस पर वे देते गये. इस क्रम में उन्होंने अपने पेटीएम के माध्यम से भी उसे रुपये ट्रांसफर किये. इसी बीच उनके नाम पर फर्जी कागजात बना कर बैंक से लोन भी निकाल लिया. उसे अपने एकाउंट में ट्रांसफर भी करा लिया. इस बीच उसने एडमिशन आदि से संबंधित कई कारजात दिये, जो पड़ताल करने पर फर्जी निकले. (नीचे भी पढ़ें)

आरोपी द्वारा दिया गया डाक्यूमेंट.

विजय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने भतीजे को वेल्लोर स्थित वीआईटी भेजा. उस क्रम में ट्रेन में उसे डराया-धमकाया गया. किसी तरह वीआईटी पहुंचने पर उस गेट के अंदर नहीं घुसने दिया गया. वहीं जालसाजों के द्वारा उसे अपने घर में अभिभाकों को इस संबंध में कुछ भी नहीं बताने की चेतावनी दी गयी. इस वजह से उनका भतीजा वेल्लोर से लौटने के बाद अक्सर उदास और शांत रहने लगा. उसकी यह स्थिति देख कर ई-मेल के माध्यम से वीआईटी के रजिस्ट्रार के एडमिशन के संबंध में जानकारी मांगी गयी. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार ने जवाबी ई-मेल संदेश भेजते हुए बताया कि उनके भतीजे का संस्थान में एडमिशन ही नहीं हुआ है. उन्होंने राहुल द्वारा दिये गये कागजात के संबंध में पूछा, तो संस्थान की ओर से बताया गया कि सभी कागजात फर्जी हैं. साथ ही कानून की शरण में जाने की सलाह दी गयी. इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करायी.

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