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jamshedpur-court-decision-मॉब लीचिंग के खिलाफ धातकीडीह में उपद्रव फैलाने के मामले में अदालत ने 20 लोगों को साक्ष्य अभाव में किया बरी, पुलिस नहीं पेश कर सकी साक्ष्य

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जमशेदपुर : राजनगर के शोभापुर में बच्चा चोरी की अफवाह में हुए मॉब लिचिंग के विरोध में धतकीडीह में हुए उपद्रव के 20 आरोपियों को गुरुवार को अदालत ने बरी कर दिया. यह फैसला एडीजे वन दिनेश कुमार की अदालत में सुनाया गया. इसमें 36 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था. इस कांड में पुलिस अपना साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी. इस मामले में तत्कालीन बिष्टुपुर थाना के प्रभारी श्रीनिवास के बयान पर मामला दर्ज किया गया था. घटना 20 मई 2017 की थी. थाना प्रभारी के अनुसार उन्हें सूचना मिली कि धतकीडीह मुख्य सड़क पर रेडियो मैदान के कोने में कुछ लोग एकत्रित हैं, जिसमें एक समुदाय विशेष के लोग भी शामिल हैं. उनके द्वारा रोड जाम किया गया है. मौके पर पुलिस पहुंची तो पुलिस पर हमला कर दिया गया. टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया. टीओपी पर भी हमला किया गया. पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया था. इस दौरान पुलिस को भी चोट लगी थी. मामले में कुल 10 गवाह पेश किए गए थे. मालूम हो कि यह विरोध 18 मई 2017 को शोभापुर और नागाडीह में मॉब लिचिंग की घटना को लेकर था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गयी थी. इस घटना के विरोध में ही जमशेदपुर में उपद्रव हुआ था. इसी में धतकीडीह में घटी घटना के मामले में दर्ज केस पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है.
मामले में ये थे आरोपी
शेख अब्बास, शेख अली, शेख हैदर अली, अहमद अली, अफसर अली उर्फ छोटू्, नजमा खातून उर्फ नाजो, गुड़िया उर्फ आफरीन बानो, मजहर हुसैन उर्फ बाबू, मो. तबरेज खान उर्फ सद्दू, अमरीन बानो उर्फ हिना, आयशा परवीन, शाहिदा बेगम, सुल्तान, मो. निजामुद्दीन, अख्तर हुसैन, शाहनवाज हुसैन, भालू उर्फ शरीफ, तनवीर उर्फ तन्नू, मेहरून निशा और सरफराज हैं.

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