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jamshedpur-jmm-lodges-case-जमशेदपुर आजसू के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लेकर अपशब्द बोलना पड़ा महंगा, गोलमुरी थाना में झामुमो नेता बबन राय ने दर्ज करायी प्राथमिकी-video-एफआइआर दर्ज, अप्पू तिवारी ने कहा-मुख्यमंत्री को भी मांगना चाहिए माफी

राशिफल

झामुमो नेता बबन राय और उनके समर्थक.

जमशेदपुर : आजसू के जमशेदपुर जिला प्रवक्ता को एक कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लेकर अपशब्द कहना महंगा पड़ गया. इसे लेकर झामुमो में रोष है. सोमवार को झारखंड युवा मोर्चा (झायुमो) जिला समिति के जिला अध्यक्ष प्रभुनाथ राय (बबन राय) द्वारा गोलमुरी थाना में अप्पू तिवारी के खिलाफ सामुदायिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. बबन राय ने बताया है कि 19 सितंबर की शाम को उन्हे पता चला कि अप्पू तिवारी द्वारा गोलमुरी चौक पर एक कार्यक्रम के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लेकर राज्य के आदिवासी और गैर आदिवासी के बीच सामुदायिक विद्वेष फैलाने की बात बोलते हुए पाया गया. अप्पू तिवारी द्वारा बोली गयी भाषा से आपसी सौहार्द बिगड़ने की संभावना बढ़ गई है. अप्पू तिवारी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर मुख्यमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप भी कर रहे थे जिससे शहर की विधि वयवस्था बिगड़ सकती है. उनके पास अप्पू तिवारी द्वारा किए गए कार्यक्रम की तिथि औऱ् समय की जानकारी नहीं है पर उनके पास संबंधित वीडियो है जिसमें अप्पू तिवारी अपशब्द का प्रयोग कर रहे है जिसे वे बाद में उपलब्ध करवाएंगे. (पूरी खबर नीचे पढ़ें और देखे वीडियो)

झामुमो नेता बबन राय का बयान-video-वीडियो

मां समान भाषाओं का अपमान हुआ, इसलिए उत्तेजना में हुई गलतबयानी : अप्पु तिवारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी के कथित आरोपों के मामले में अभियुक्त बनाये गये युवा नेता अप्पु तिवारी ने सोमवार को गोलमुरी थाना में दर्ज़ प्राथमिकी पर बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि उनका बयान मुख्यमंत्री द्वारा भोजपुरी और मगही भाषाओं के अपमान के विरोध में आया था. यह दोनों ही भाषाएं, हमारी मां तुल्य है और मां की अस्मिता के रक्षार्थ उत्तेजना में ऐसे वक्तव्य ज़ाहिर हो गये. अप्पु तिवारी ने “भाषा ना मिठाई ह, भोजपुरी हमनी के माई ह” के नारे को भी दुहराया. उन्होंने कहा कि उनकी मंशा हेमंत सोरेन की व्यक्तिगत आलोचना या अपमान करने की नहीं थी बल्कि उत्तेजना में शब्दों के चयन में गड़बड़ी हुई जिससे अनजाने में गलतबयानी हुई. इसका उन्हें भी अफ़सोस है. लेकिन भोजपुरी और मगही भाषा के अपमान पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भोजपुरी-मगही भाषी लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए. भाषा और प्रांतीय आधार पर विभेद और सौहार्द बिगड़ना भी क़ानून अपराध है, मुख्यमंत्री जैसे ऊंचे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से संवेदनशीलता अपेक्षित होती है. अप्पु तिवारी ने कहा कि यदि जाने-अनजाने में हेमंत सोरेन ने भोजपुरी-मगही का अपमान नहीं किया होता, तो यह संभावना अधिक थी कि उनके द्वारा भी ना विरोध होता और ऐसी गलतबयानी होती. अप्पु तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़ा दिल दिखायें और इस प्रकरण का पटाक्षेप करें. कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन के अच्छे कामों की प्रशंसा भी वे पहले भी कर चुके हैं और किंतु गलत आचरण पर विरोध करने का भी मौलिक अधिकार है. अप्पु तिवारी ने जेएमएम को विभेदपूर्ण और नफ़रत की राजनीति छोड़ने का सलाह दिया है.

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