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jamshedpur-mgm-hospital-rape-case-एमजीएम अस्पताल में बलात्कार की शिकार महिला ने की बलात्कार की पुष्टि, जमशेदपुर एसएसपी ने बनायी एसआइटी, सीसीटीवी में दिखा बलात्कारी, अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी भी दोषी, जानिये क्या किया अस्पताल प्रबंधन ने ”रेप” को छुपाने की कोशिश, न्याय के लिए भटकती रही महिला, पूरे मामले में क्या कह रहे है जमशेदपुर एसएसपी, देखिये-video

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जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल में 5 मार्च की रात हुए रेपकांड में परत-दर-परत नयी कहानी सामने आ रही है. कहानी यह भी सामने आ रही है कि किस तरह अस्पताल में एक महिला मरीज के साथ बलात्कार किया जाता है और किस तरह एमजीएम अस्पताल प्रबंधन इस मामले में लिपापोती करने में लगा रहता है. पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दायर कर दिया. बारीगोड़ा की रहने वाली उक्त महिला का जमशेदपुर कोर्ट में फर्दबयान भी कराया गया, जिसमें उसने बताया है कि पांच मार्च को वह मेडिकल वार्ड में दो महिला एक पोटका की जबकि दूसरी बिरसानगर की, साथ में भरती थी. इसी बीच रात करीब 12 बजे नाटे कद का व्यक्ति मेडिकल वार्ड में घुसा और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया. दरवाजा बंद करने के बाद जब महिला ने उसको बाहर जाने को कहा तब उक्त महिला की पिटाई की और फिर उसके साथ बलात्कार किया. इसके बाद वह व्यक्ति वहां से भाग गया. इसके बाद सुबह तीनों महिलाएं किसी तरह बाहर निकली. अस्पताल प्रबंधन को जानकारी दी और डिस्चार्ज कराकर घर चली गयी. सूत्र बताते है कि जिस दिन रेप हुआ, उस दिन जैसे ही यह जानकारी फैली, वैसे ही अस्पताल प्रबंधन ने सुबह होते तक पूरे वार्ड को ही खाली कराकर सबको घर भेज दिया था.

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जमशेदपुर के एसएसपी अनूप बिरथरे.

एक साथ एक ही दिन में अस्पताल प्रबंधन ने वहां भरती मरीजों की छुट्टी कर घर भेज दिया. सूत्र बताते है कि अस्पताल प्रबंधन ने सबको गाड़ी का भाड़ा देकर घर की ओर रवाना कर दिया और बोला कि बाद में आकर फिर से इलाज करा लें. इसके बाद गरीब लोग वहां से निकल गये. बाद में जब मीडिया ने सारी बातों का सामने लाया, तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई और महिला को खोजकर निकाला. इसके बाद महिला के बयान पर एफआइआर दायर किया. दूसरी ओर, जमशेदपुर के एसएसपी अनूप बिरथरे ने इस पूरे मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए पहले महिला को खोजवाया, उसके बयान पर एफआइआर दायर कराया और फिर कोर्ट में फर्दबयान भी दर्ज करा दिया. जमशेदपुर के एसएसपी ने इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट को दिया है और सिटी एसपी के नेतृत्व में एक एसआइटी का भी गठन कर दिया, जो इसकी तत्काल रिपोर्ट देगा. दूसरी ओर, जमशेदपुर पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है, जिसमें यह दिखा है कि एक व्यक्ति मेडिकल वार्ड में घुसता है और करीब एक घंटे तक वार्ड में रहने के बाद देर रात को ही वापस निकल जाता है. इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी जांच होनी चाहिए, जिसने पूरे मामले में लिपापोती करती रही. इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाह व्यवस्था जिम्मेदार है कि आखिर रेप हुआ तो पुलिस को क्यों नहीं सूचित किया. अगर वार्ड में रेप हुआ और एक व्यक्ति चला जाता है तो इसमें अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल उठता है. हालांकि, इस मामले में खुद स्वास्थ्य विभाग अपने को बेदाग साबित कर पुलिस पर सारा ठिकरा फोड़ने में लग गयी है.

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