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शनिवार, अप्रैल 17, 2021
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    Jamshedpur-Sonari-Firing-case : वर्ष 2011 में झाबरी बस्ती के शशि पासवान की हत्या के बाद भड़की दो बस्तियों के बीच वर्चस्व की चिंगारी, उसी का नतीजा है सोनारी का गैंगवार, अबतक छह गिरफ्तार

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    फायरिंग की घटना के बाद की फाइल फोटो.

    जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी में दो मोहल्ले निर्मलनगर और झाबरी बस्ती के बीच शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई की आग आज तक सुलग रही है. शुक्रवार को सोनारी में हुआ गैंगवार इसी सुलगती हुई आग का नतीजा है. यह कहानी साल 2011 से शुरू हुई. उस दौरान सोनारी झाबरी बस्ती में पासवान जाति के लोगों का वर्चस्व था, जिसकी कमान संभाल रखी थी शशि पासवान ने. शशि पासवान के बढ़ते वर्चस्व को निर्मलनगर के लोग पचा नहीं पाए और शशि की हत्या कर दोमुहानी में फेंक दिया था. जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या में रविदास, संजय चंद्र बनिया के अलावा अन्य लोगों का हाथ है. इधर शशि पासवान की हत्या से आक्रोशित उसके साथ अंदर ही अंदर मौके की तलाश में थे. उनकी तलाश भी खत्म हो गई. शशि पासवान की हत्या के आरोप में जेल से छूट कर आए संजय चंद्र बनिया को 22 अक्टूबर 2012 को दुर्गापूजा के दिन शशि पासवान के साथियों ने सोनारी राममंदिर के पास घेर लिया और पत्थर से कूचकर उसकी हत्या कर दी थी. इस वर्चस्व की लड़ाई में शशि के बाद संजय, फूल महाली, वीरु और कालीचरण महतो समेत दोनों बस्ती के एक दर्जन से ज्यादा लोगों की गैंगवार में मौत हो चुकी है. इसी आग की एक चिंगारी रविदास ने सियाल पर गिराई और शुक्रवार को उसके ऊपर हमला कर दिया. हालांकि सियाल ने किसी तरह झामुमो नेता फनी महतो के घर पर घुसकर अपनी जान बचाई. इधर देर शाम सियाल के साथियों ने भी रविदास के मौसेरे भाई घनंजय दास पर चाकू से हमला कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

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    दोनों पक्ष के 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज, छह गिरफ्तार
    इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्ष के 15 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि 10-15 अन्य लोग भी शामिल हैं. पुलिस ने दोनों पक्ष के छह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. फायरिंग मामले में सोनारी थाना के एसआई विजय कुमार के बयान पर बोलेरो वाहन संख्या JH05BF-1669 पर सवार अपराधी रविदास, गोरांगो दास, बुढ़ा धीबर, मदन, गणेश दास, सूरज बागती उर्फ खडू, कृष्णा दत्ता एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं चाकूबाजी मामले में घायल धनंजय दास के बयान पर अजय गोप उर्फ दादू, बाबला गोप, राहुल महतो, वरुण घोष, राग सिंह उर्फ दाना, रोहित मछुआ, रवि, रामेश प्रसाद और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है. (नीचे भी पढ़ें)

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    डीआईजी जांच करने पहुंचे, कहा-24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोर्ट से वारंट के लिए करेंगे दर्ख्वास्त
    इधर फायरिंग और चाकूबाजी की घटना के बाद शनिवार को कोल्हान डीआईजी राजीव रंजन सिंह खुद ही घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच की. घटनास्थल पर उन्होंने फनी महतो से भी बात की. फनी महतो के घर में ही घुसकर सियाल ने अपनी जान बचाई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों से बात की. बातचीत में यह बात सामने आई है कि यह लड़ाई 10 साल पुरानी है. रविदास की मां से बात करने पर उन्हें पता चला कि उन्होंने रविदास को कई बार ऐसा करने से मना किया पर वह नहीं माना. साथ ही यह बात भी पता चली कि दोनों बस्ती में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गैंगवार होता आ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे में सभी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट के लिए दर्ख्वास्त किया जायेगा. बता दें कि शुक्रवार को सोनारी के रोड नंबर 5 के पास रविदास ने अपने साथियों के साथ मिलकर हेते गिरोह के सियाल को गोली मारी थी. इस घटना में सियाल बाल-बाल बच गया था. हालांकि उसकी पीठ में गोली लगी थी. उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया जहां से टीएमएच और फिर रांची के रिम्स रेफर कर दिया गया. फिलहाल उसका इलाज रिम्स में चल रहा है.

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