jamshedpur-terrorist-connection-पश्चिम बंगाल से पकड़े गये 9 आतंकियों का है जमशेदपुर व रांची कनेक्शन, जमशेदपुर में चल रहे है आतंकियों स्लिपर सेल, लश्कर-ए-तैयबा के भारत प्रमुख की बहन की जमशेदपुर में हुई है शादी, आतंकी ट्रेनिंग कैंपों से ट्रेनिंग कराकर जमशेदपुर में रखे जाते है आतंकी, एनआइए ने शनिवार की सुबह मुर्शिदाबाद व केरल से पकड़े है 9 आतंकी, जमशेदपुर में पहले भी पकड़े जा चुके है आतंकी, जानियें क्या है जमशेदपुर का आतंकी कनेक्शन

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जमशेदपुर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने अलकायदा के 9 आतंकवादियों को पश्चिम बंगाल के मुर्शीबाद इलाके और केरल के अर्नाकुलम इलाके से पकड़ा है. अकेले पश्चिम बंगाल के मुर्शीबाद से 4 आतंकियों को पकड़ा गया है. पकड़े गये आतंकियों में पश्चिम बंगाल से लेउ यीन अहमद, अबू सुफ़ियान, याकूब विश्वास और नज्म शाकिब शामिल है जबकि केरल से पकड़े जाने वालों में मुर्शरफ हुसैनस मुर्शीद हसन शामिल हैं. कुल पकड़े गये नौ आतंकियों में मैनूल मंडल, लेउ अहमद, अल ममुन कमाल और अतिउर रहमान शामिल है. इन लोगों ने पूछताछ में पूरे देश में फैलाये गये आतंकियों के कनेक्शन को पकड़ा है उनका झारखंड से भी कनेक्शन है और लगातार उनका रांची और जमशेदपुर आना जाना रहा है. इन लोगों ने एनआइए की प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि ये लोग बंगाल के पुरुलिया से रास्ते जमशेदपुर से आना जाना करते थे. यहां के कुछ जेहादी युवकों को तैयार करते थे और उनको आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में भेजते थे और उनको वापस जमशेदपुर में रखते थे ताकि वे लोग आसानी से बिना किसी हथियार या किसी तरह के जेहादी सामानों के सिर्फ वे लोग वहां रह सके. जमशेदपुर और रांची में स्लिपर सेल काम करता था. वैसे आपको बता दें कि जमशेदपुर के धातकीडीह के रहने वाले अब्दुल सामी को 2016 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद पहली बार देश के नक्शे में आतंकियों के पनागाह के तौर पर झारखंड सामने आया था. इसके अलावा रांची में भी आतंकी का एक गढ़ भी सामने आया था. इसके बाद से यह साफ हो गया था कि यहां स्लिपर सेल काम कर रहा है. ये युवक जमशेदपुर के धातकीडीह, आजादनगर समेत कई मुसलिम बहुल इलाकों में नवयुवकों को जोड़ते थे और उनको आतंकी कैंपों से जोड़कर उनको अपने साथ जोड़ते थे. वैसे बीते दस सालों में कई बार ऐसे लोग पकड़े गये है, जो जमशेदपुर से कनेक्शन रहा है. अब्दुल सामी ने ही पूछताछ में इसका खुलासा किया था कि उन्होंने यहां के युवाओं को ओड़िशा ले जाकर अलकायदा से जोड़ा गया था जबकि अब्दुल रहमान नामक एक आतंकी को जमशेदपुर से पकड़ा गया था. आपको बता दें कि 2015 में भारत में अलकायदा के प्रमुख आसिफ की बहन की शादी जमशेदपुर में ही हुई है. आसिफ की बहन के जरिये अब्दुल सामी के संपर्क में आया छा और धीरे-धीरे जमशेदपुर में युवाओं को जोड़ता था और उनको दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा करता था. अब्दुल सामी ने भी पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग लेकर शारजाह और काठमांडू होते हुए जमशेदपुर लौटा था. इसके अलावा तबलीगी जमात के साथ वह धर्म प्रचार का चोला भी ओड़ चुका था और हरियाणा चला गया था, जहां से अब्दुल सामी को पकड़ा गया था. झारखंड की अगर बात की जाये तो झारखंड से अब्दुल रहमान, मोहम्मद आसीफ और अब्दुल सामी समेत पांच लोगों को झारखंड से पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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जमशेदपुर और रांची में आतंकियों के जुड़े तार का हुआ खुलासा के कुछ अहम जानकारियां :

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  1. पटना में हुए बम ब्लास्ट मामले में एनआइए की टीम ने रांची के सिठियों इलाके से एक संदिग्ध को 27 अक्तूबर 2013 को गिरफ्तार किया था.
  2. एटीएस ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान में हुए बम धमाके के मामले में जमशेदपुर के आजादनगर क्षेत्र से महमूद नाम के एक व्यक्ति को अक्तूबर 2014 को गिरफ्तार किया था. एटीएस ने उस वक्त बताया था कि महमूद जमात-उल-मोजाहिद्दीन का सदस्य था.
  3. ओड़िशा पुलिस ने अलकायदा के आतंकी अब्दुल रमान उर्फ कटकी को 16 दिसंबर 2015 को गिरफ्तार किया था. उसने बताया था कि उसने जमशेदपुर के कई युवकों को ओड़िशा में माइंडवाश किया था और कई बार जमशेदपुर आकर युवाओं को ट्रेनिंग कैंप में ले गया है.
  4. दिल्ली के सीलमपुर से गिरफ्तार अलकायदा का भारत प्रमुख मोहम्मद आसीफ को गिरफ्तार किया था. 17 दिसंबर 2015 को वह गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उसने बताया था कि वह जमशेदपुर दो बार गया था, जहां उसकी बहन की शादी हुई है.
  5. मध्यप्रदेश के एटीएस की टीम ने जमशेदपुर के मानगो के जाकीरगनर के रोड नंबर 13 वेस्ट में दो मंजिला मकान में छापामारी कर इंडियन मोहाहिद्दीन के आतंकी अबु फैजल, इरशाद और एक महिला को 5 जून 2011 को गिरफ्तार किया था. अबु फैजल मध्यप्रदेश के एक फाइनांस कंपनी में हुए सोना लूटकांड का मुख्य आरोपी रहा है और वह मकान रांची के एक व्यक्ति ने उसको दिलाया था.
  6. कोलकाता से आयी एक टीम ने नूर मोहम्मद को जमशेदपुर के मानगो आजादनगर से वर्ष 2006 में गिरफ्तार किया था, जिस पर कोलकाता के अमेरिकन सेंटर में हुए हमले का आरोप था. हालांकि, उसमें नूर मोहम्मद आरोपमुक्त बाद में हो गया था.
  7. दिल्ली के अंसल प्लाजा में हुए मुठभेड़ में मारे गये लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शहनवाज के पास के एक लाइसेंस मिला था. नवंबर 2002 को उसकी गिरफ्तार के बाद यह खुलासा हुआ था कि जमशेदपुर के मानगो के जवाहरनगर के पता पर उसने परिवहन विभाग यानी जमशेदपुर डीटीओ कार्यालय से अपना लाइसेंस बनवाया था.

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