jamshedpur-ucil-cbi-enquiry-जादूगोड़ा के यूसिल माइंस में सीबीआइ का ताबड़तोड़ छापा, टीए, ओवर टाइम घोटाला को लेकर की गयी जांच, 58 लाख घोटाले को लेकर हुई कार्रवाई

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जमशेदपुर : जमशेदपुर से सटे जादूगोड़ा के यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) गेस्ट हाउस में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम सीबीआई इंस्पेक्टर रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में जादूगोड़ा यूसिल में 2014 से लेकर 2019 तक हुए टीए एवं ओवर टाईम भत्ता को लेकर हुई घोटाला को लेकर जांच पड़ताल करने पहुंची है. इस टीम ने ताबड़तोड़ कई इलाकों में छापामारी की. इस जांच पड़ताल में यूसिल के दो वरीय अधिकारी को यूसिल जादूगोड़ा गेस्ट हाउस में बैठाकर पूछताछ किया गया. इस मामले में सीबीआई द्वारा रांची सीबीआई एसीबी केस नंबर आरसी 9 ए /2019 आर द्वारा केस दर्ज किया गया है. इससे पहले भी सीबीआई टीम ने आकर यूसिल में इस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर चुकी है. इस बार यूसिल के दो वरीय अधिकारी से पूछताछ होने पर पूरे यूसिल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है. बता दें कि यूसिल में 2014 से लेकर 2019 तक लगभग 58 लाख रुपया का टीए एवं ओवरटाइम भत्ता का घोटाला किया गया था, जिसमें यूसिल के एक सहायक प्रबधक अधिकारी एस शर्मा एवं लिपिक गोपी नाथ दास, पियून नृपेंद्र सिंह को यूसिल प्रबंधन द्वारा निलंबित किया गया था. वही यूसिल नरवा के लगभग 18 लोगों को नोटिस भी दिया गया था. इस घोटाले में सीबीआई के जांच से पूरे यूसिल में हड़कंप मचा हुआ है. कई बड़े अधिकारी का गर्दन भी इसमें फंसने की संभावना है. सीबीआई द्वारा लगातार इस मामले को गंभीरता से जांच की जा रही है. सीबीआई के इंस्पेक्टर रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सीबीआई यूसिल में हुए टीए, ओवर टाईम घोटाला पर पूछताछ कर रही है.

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डी ए एवं ओवरटाइम घोटाला के जांच को लेकर सीबीआई की टीम लगातार कर रही है अधिकारियों से पूछताछ।
3 दिनों से लगातार टिकी हुई है सी बी आई टीम जादूगोड़ा।
नरवा के 19 कर्मियों का भी हो रहा है जांच पड़ताल।

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यूसीआईएल जादूगोड़ा में 2014 से लेकर 2019 तक हुए 58 लाख रुपए के टीए एवं ओवरटाइम घोटाला को लेकर सीबीआई की टीम इंस्पेक्टर रवि शंकर प्रशाद के नैतृत्व में लगातार तीन दिनों से यूसील के अधिकारियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है वहीं वही इस तरह के जांच पड़ताल से यूसील के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है ।
इस घोटाले को लेकर इससे पहले भी सीबीआई की टीम ने यहां यूसील नरवा माइंस, तुरामडीह में भी जांच पड़ताल किया थे।
सीबीआई की टीम नरवा माइंस के 19 कर्मियों से भी उनका पूरा डिटेल लिया जा रहा है 19 कर्मियों पर भी सीबीआई ने मामला दर्ज किया है जिनपर लभगभ 27 लाख 46 हजार रुपए का ओवर टाइम घोटाला में शामिल होने का आरोप है।
वही पियून नृपेंद्र सिंह पर 4 सालो में 580 बार फर्जी यात्रा बिल बना कर 29 लाख 14 हजार रुपए गड़बड़ी करने का आरोप है।
जिसमे उसका साथ कई अधिकारी एव कंर्मियो ने दिया।
नृपेंद्र के परिजन ने कहा कि कई अधिकारी रोजाना पार्टी करते थे इस घोटाले के रकम से।
घोटाला का खुलासा होने पर यूसील के अधिकारी एस के शर्मा, जे सी नायक, ने प्रेस वार्ता बुला कर 16 जून 2019 को लिपिक गोपीनाथ दास एव पियून नृपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था एव 20 जून 2019 को सहायक मैनेजर लेखा विभाग संजीव शर्मा को भी निलंबित किया गया था।
इस घोटाले में कई लेखा बिभाग के अधिकारी भी शामिल है।
सी बी आई जांच से दूध का दूध पानी का पानी होगा।
वही यूसील के कुछ यूनियन नेताओ ने जानकारी देकर बताया कि जिन कर्मी को निलंबित किया गया था उन्हें पुनः जोइननिग दे दिया गया है।
जिसमे यूसील के एक बड़े अधिकारी की मिलीभगत से हुआ है अब उसकी भी गर्दन फंसना लगभग तय माना जा रहा है।

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वही 2019 16 जून को यूसिल प्रबंधन ने प्रेस वार्ता कर यूसीएल के लिपिक गोपीनाथ दास एवं पुष्पेंद्र सिंह को बर्खास्त किया था एवं 20 जून 2019 को सहायक प्रबंधक संजीव शर्मा को भी निलंबित कर दिया था इस मामले में यूसिल कर्मियों ने यह भी जानकारी दी थी कि इसमें लगभग 10:00 अधिकारी की गर्दन फंस सकती है जिसमें यूसीएल k1 वरीय अधिकारी पर गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है जिस से लगातार सीबीआई की टीम जोरदार ढंग से पूछताछ कर रही है।

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