जुगसलाई कांड : दयानंंद पब्लिक स्कूल की दसवीं की छात्रा थी सिमरन, लड़का सरोज जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का था छात्र, तड़के दोनों घर से वॉक के लिए निकले थे, एक दूसरे को मारी गोली, लड़के का पिता बोरवेल का मालिक, लड़के का भाई झारखंड पुलिस का दारोगा, लड़के की बहन की दहेज के लिए हो चुकी है हत्या, लड़की का पिता रेलवे कर्मचारी, कई सवाल अब भी अनसुलझे

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बेटी की पहचान करने पहुंची बेटी की मांं आसमानी रंग के सलवार सूट में.

ये सारे सवाल, जो जुगसलाई कांड के लिए जरूरी है पुलिस को सुलझाना :

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  1. क्या यह हत्या है या आत्महत्या
  2. क्या जो पिस्तौल मिली है, उसी से दोनों की मौत हुई है
  3. कहीं इस घटना के वक्त कोई तीसरा आदमी तो नहीं था
  4. पार्क में जब यह कांड हुआ तो क्या सुनसान एरिया था
  5. टाटा पिगमेंट के सीसीटीवी फुटेज में दिख सकता है युवक और युवतियों के आने जाने का समय
  6. जुगसलाई पार्क के पास ही पुलिस की गश्ती थी तो उस वक्त पुलिस क्या कर रही थी
  7. लड़की और लड़के के बीच क्या संबंध था और कब से वे लोग एक दूसरे के करीब थे.
  8. पिस्तौल लड़की लायी या लड़का या पिस्तौल आया कहां से.
घटनास्थल पर ली गयी वीडियो, जिसमें लड़की के हाथ में पिस्तौल है.

जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र के टाटा पिगमेंट गेट के समक्ष पाये गये लड़के और लड़की के शव को लेकर पुलिस की ओर से अनुसंधान जारी है. इस अनुसंधान में अब तो जो मामला सामने आया है, उससे यहीं पता चला है कि यह आत्महत्या का मामला है. लड़की के हाथ से बरामद की गयी पिस्तौल से दोनों की मौत हुई है. इसकी फोरेंसिक जांच चल रही है. अब तक जो पुलिस की तफ्तीश में बातें सामने आयी है, उसके मुताबिक, लड़का बागबेड़ा लाल बिल्डिंग चौक के ए टाइप क्वार्टर निवासी दीपेंद्र उपाध्याय का 22 वर्षीय पुत्र सरोज उपाध्याय है, जो जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के बीए पार्ट 1 का छात्र है.

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लड़के का पिता दीपेंद्र उपाध्याय गुलाबी व ब्लू टी शर्ट में. उनके साथ पीला शर्ट में है जिला परिषद सदस्य किशोर यादव.

बताया जाता है कि उसका एक भाई झारखंड पुलिस में दारोगा है जबकि पिता बोरवेल का मालिक है. लड़के की इकलौती बहन की दहेज के खातिर एक साल पहले ही हत्या हो गयी थी. बताया जाता है कि रात के वक्त करीब 12 बजे वह अपने दोस्त आदित्य उर्फ टिंकू के साथ घर से निकला था और फिर लौट आया था. चूंकि, वह भी पुलिस बहाली के लिए तैयारी कर रहा था, इस कारण वह सुबह चार बजे निकल जाता था. यह संभावना जतायी जा रही है कि बुधवार की सुबह चार बजे वह निकला और फिर सीधे उसका शव मिला.

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घटनास्थल की जांच करते सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट व अन्य पदाधिकारी.

वैसे घटना की सूचना मिलने के बाद लड़की के घरवाले भी आ गये है. लड़की बागबेड़ा रिवर व्यू कॉलोनी के पास रहने वाले रेलवे के इंटरनल टेलीफोन एक्सचेंज के कर्मचारी राकेश कुमार सिंह की बेटी सिमरन सिंह है. सिमरन का एक भाई भी है, जो 4 क्लास का छात्र है.

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सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट का बयान.

सिमरन खुद दयानंद पब्लिक स्कूल की दसवीं की छात्रा थी. बताया जाता है कि सिमरन और उसका परिवार पहले बागबेड़ा लाल बिल्डिंग चौक के पास ही रहता था और अभी रिवर व्यू कॉलोनी में रहने लगा था और दोनों के बीच प्रेम संबंध था. यह संबंध कब से था, यह जानकारी नहीं मिल पायी है. पुलिस लड़के के दोस्त और लड़की की सहेलियों से भी पूछताछ कर रही है.

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मृतक युवक की फाइल तस्वीर.

लड़की के मां-बाप पहुंच चुके है जबकि लड़का का भी परिवार पहुंचा है, जिससे खुद सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट पूछताछ कर रहे है. इस पूरे मामले के अनुसंधान में यह बातें सामने आयी है कि दोनों की हत्या नहीं हुई है बल्कि आत्महत्या हुई है. बताया जाता है कि युवती भी सुबह चार बजे घर से निकली थी और फिर लौटी नहीं थी. घटनास्थल से तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा बरामद किया गया है, जिससे यह मालूम चल रहा है कि देशी पिस्तौल छह राउंड की थी और तीन राउंड गोली चली है और तीन गोली बच गयी थी.

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