spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
366,914,671
Confirmed
Updated on January 28, 2022 10:36 AM
All countries
287,952,981
Recovered
Updated on January 28, 2022 10:36 AM
All countries
5,656,952
Deaths
Updated on January 28, 2022 10:36 AM
spot_img

jharkhand-court-action-झारखंड में आरटीआइ का जवाब नहीं देने पर 4 पदाधिकारियों के खिलाफ केस दायर करने का आदेश, जिला अवर निबंधक, उपसमाहर्ता समेत कई स्तर के अधिकारी फंसे, यह झारखंड का पहला ऐसा आदेश है

रांची : झारखंड में आरटीआइ यानी सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर चार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है. हजारीबाग कोर्ट के आदेश के आलोक में हजारीबाग के पूर्व अवर निबंधक वैभव मणि त्रिपाठी (जमशेदपुर, देवघर समेत कई जिले में अवर निबंधक रह चुके है), अवर निबंधक रुपेश कुमार, हजारीबाग के पूर्व अपर समाहर्ता रंजीत लाल और वर्तमान अपर समाहर्ता राकेश रोशन के खिलाफ एफआइआर दायर कने को कहा गया है. आरटीआइ कार्यकर्ता राजेश मिश्र ने हजारीबाग निबंधन कार्यालय से 28 जून 2021 की कार्य अवधि के दौरान कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज की सीटी मांगी थी, जो उनको उपलब्ध नहीं करायी गयी. यह बताया गया कि जो सूचना मांगी गयी है, वह आरटीआइ एक्ट के दायरे में नहीं आता है. बाद में कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज नहीं बना है. आरटीआइ स्पेशलिस्ट हाईकोर्ट के वकील सुनील महतो ने बताया कि झारखंड का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें सूचना नहीं देने पर एफआइआर दायर करने का आदेश दिया गया है. हालांकि, आइपीसी इसको इजाजत देता है लेकिन किसी ने अब तक ऐसी पहल नहीं की थी. राजेश मिश्र ने इस केस में अपने आपको झोंक दिया, जिसके बाद यह मुकाम हासिल हो पाया. आपको बता दें कि झारखंड में राज्य सूचना आयोग पिछले दो वर्षों से पूरी तरह बेकार पड़ा हुआ है. मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति नहीं होने से कोई सुनवाई नहीं हो रही है और लोगों को सूचना तक नहीं मिल पा रही है.

WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!