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मंगलवार, मई 11, 2021
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saraikela-tabrej-mob-lynching-सरायकेला के तबरेज मॉब लींचिंग मामले में नया मोड़, डेढ़ साल बाद चोरी का मोबाइल ऑन होते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा आरिफ अंसारी

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पकड़ा गया अपराधी

सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिले के सरायकेला थाना अंतर्गत धातकीडीह गांव में करीब डेढ़ साल पहले घटी तथाकथित मॉब लिंचिंग और जेल में हुए चोरी के आरोपी तबरेज अंसारी की मौत का मामला अब लोगों के जेहन से लगभग मिटने लगा है, लेकिन पुलिस अब भी मामले पर अपनी सतर्क निगाहें बनाए हुए है. जिसमें उक्त दिन घटी चोरी की घटना में चोरी गई दो मोबाइलों के खरीददार खरसावां के कदमडीहा गांव निवासी आरिफ अंसारी को चोरी की मोबाइलों के साथ धर दबोचा है. बताया जा रहा है कि आरिफ अंसारी चोरी की मोबाइल खरीद-फरोख्त करता रहा है, और ऐसे मामलों में कई बार जेल भी जा चुका है. मामले के अनुसंधानकर्ता रहे थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी ने काफी सजगता के साथ मामले का अनुसंधान करते हुए आरोपी आरिफ को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. इससे साफ हो गया है कि तबरेज चोरी की घटना में शामिल था. जबकि उस वक्त परिजनों ने उसे अपने दोस्तों के साथ जमशेदपुर से लौटने की बात कही थी. गौरतलब है कि उक्त घटना को लेकर भारत के संसद में भी काफी हंगामा हुआ था और संसद सत्र के दौरान पीएम मोदी को सफाई देनी पड़ी थी. (नीचे पूरी खबरें पढ़े)

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जब्त मोबाइल

सर्विलांस पर था दोनों मोबाइल (नीचे पूरी खबरें पढ़े)

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17 जून 2019 को धातकीडीह गांव में घटी चोरी की घटना में गांव के हेमसागर प्रधान और राजेश प्रमाणिक के घर से दो मोबाइल के चोरी होने का मामला दर्ज कराया गया था. जिसके बाद से ही पुलिस ने दोनों मोबाइल का ईएमआई ट्रेसिंग करने को लेकर सर्विलांस पर रखा था. दो दिन पहले ही चोरी गए दोनों मोबाइलों के ऑन होते ही पुलिस ने आरिफ के घर पहुंच कर मोबाइल के साथ उसकी गिरफ्तारी की है. (नीचे पूरी खबरें पढ़े)

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मारा गया तबरेज का फ़ाइल फ़ोटो

क्या था देश चर्चित मामला (नीचे पूरी खबरें पढ़े)

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17 जून 2019 को सरायकेला थाना अंतर्गत धातकीडीह गांव में चोरी की घटना घटी थी. जिसमें ग्रामीणों ने मौके पर खदेड़ कर चोरी के एक आरोपी खरसावां के कदमडीहा निवासी तबरेज अंसारी को पकड़ा था, जबकि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर उसके दो अन्य साथी मोहम्मद इरफान और नुमेर अली फरार होने में सफल रहे थे. बाद में चलकर हाई प्रोफाइल बने उक्त मामले में आज तक पुलिस उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में असफल रही है. मजे की बात ये है, कि उक्त दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ उनके परिजनों द्वारा थाने में गुमशुदगी तक का मामला दर्ज नहीं कराया गया है. उस रात गांव के तीन घरों हेमसागर प्रधान, राजेश प्रमाणिक और कमल महतो के घरों में चोरी की घटना को अंजाम दिए जाने की बात बताई गई थी. बताए गए घटना के अनुसार मौके पर ग्रामीणों द्वारा घर आए आरोपी तबरेज अंसारी की गुस्साए ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना देते हुए पिटाई की भी गई थी, हालांकि इसके बाद पुलिस ने तबरेज को ग्रामीणों से अपने कब्जे में लेकर मेडिकल कराते हुए जेल भेज दिया था. जिसके तीन दिनों बाद सरायकेला मंडल कारा में तबरेज का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सदर अस्पताल लाया गया. जहां चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया था. जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले को देश चर्चित हाई प्रोफाइल मामला बना दिया गया था.

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