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गुरूवार, जून 17, 2021
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witch-hunting-case-ओड़िशा में मांस-मदिरा को रोकने वाली महिलाओं को डायन घोषित कर घर से निकाला, सरायकेला में महिलाओं को मिला शरण, गांव जाने में लग रहा डर, क्या वाकई भारत 21वीं सदी में प्रवेश कर चुका है ? चलिए पहले आपको हम इन महिलाओं का दर्द सुनाते हैं….

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सरायकेला : सुना आपने मांस मदिरा नहीं खाने पर पूरे परिवार को यह कहकर गांव से निकाल दिया गया कि उनके कारण गांव के लोग मांस-मदिरा से दूर हो रहे हैं. ये सभी डायन है इन्हें बाहर निकालो… ये सभी महिलाएं जान बचाकर उड़ीसा के रायरंगपुर से किसी तरह झारखंड के सरायकेला स्थित बीरबांस रिहैबिलिटेशन सेंटर पहुंची जहां पिछले 3 दिनों से सभी महिलाएं छुटनी महतो के यहां शरण लिए हुए हैं. वैसे छुटनी आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. खुद डायन प्रताड़ना का शिकार होने के बाद उसने समाज से इस कुरीति को समूल नष्ट करने का बीड़ा उठाया है. और साल 2002 से लगातार इस अभिशाप के खिलाफ आंदोलित है. और सैकड़ों महिलाओं को इंसाफ दिला कर उन्हें पुनर्वासित करा चुकी है, लेकिन आज भी यह कुप्रथा समाज में बदस्तूर जारी है. सरकार शासन और प्रशासन लाख दावे कर ले, लेकिन इस कुप्रथा को मिटाने में विफल ही रही है.

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वैसे न केवल झारखंड, बल्कि बिहार, बंगाल और ओडिशा में भी इस कुप्रथा का प्रचलन व्यापक पैमाने पर है. बहरहाल दर्जन भर महिलाएं ग्रामीणों के भय और ओड़िसा पुलिस के दमन से किसी तरह जान बचाकर सरायकेला के बीरबाँस सेंटर पहुंची है. वहीं छुटनी ने सभी प्रताड़ित महिलाओं को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया है. वैसे ओडिशा सरकार और प्रशासन की कलई खोलने के लिए इन महिलाओं के दर्द भरे दास्तान काफी है. बताया जाता है कि सभी गुरु मां के शिष्य हैं जिसकी आराधना करनेवाले मांस- मदिरा का सेवन नहीं करते हैं.

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