एक अक्तूबर को रिटायर होंगे आनंद सेन, टाटा स्टील में प्रेसिडेंट का पद होगा समाप्त, टीएसपीडीएल, ब्लूस्कोप समेत कई कंपनियों के चेयरमैन व प्रेसिडेंट का भी पद हो जायेगा खाली !- जानिये पूरा मामला

Advertisement
Advertisement
आनंद सेन की तस्वीर.

जमशेदपुर : टाटा स्टील के प्रेसिडेंट टीक्यूएम एंड स्टील बिजनेस आनंद सेन एक अक्तूबर से रिटायर होने वाले है. अगस्त माह पूरा हो चुका है और सितंबर भफर उनकी नौकरी है. वैसे टाटा स्टील में किसी भी स्तर के अधिकारी के लिए एक थंब रूल (मानक) बन चुका है कि किसी भी स्तर का अधिकारी क्यों नहीं हो उसको किसी भी तरह का एक्सटेंशन नहीं दिया जायेगा. कर्मचारियों का भी मेडिकल एक्सटेंशन समाप्त हो चुका है. एक्सटेंशन नहीं देने की परिपाटी की शुरुआत होने के बाद से आनंद सेन को प्रेसिडेंट के पद पर रहते हुए भी एक्सटेंशन नहीं मिलने जा रहा है. आनंद सेन के रिटायरमेंट के बाद से टाटा स्टील में तत्काल प्रेसिडेंट का पद समाप्त हो सकता है. दरअसल, प्रेसिडेंट जैसे अगर किसी पद पर किसी अन्य अधिकारी को पदस्थापित किया जाता तो अक्सर देखा गया कि करीब एक या दो माह पहले पदस्थापन कर दिया जाता है ताकि पदस्थापित पदाधिकारी से होने वाले पदाधिकारी कामकाज समझ सके, लेकिन इस मामले में ऐसा अब तक नहीं हो पाया है, इस कारण यह संभावना जतायी जा रही है कि टाटा स्टील में प्रेसिडेंट का पद ही समाप्त हो जायेगा. दरअसल, अभी प्रेसिडेंट का एक ही पद है, जिस पर आनंद सेन है जबकि आनंद सेन के पहले कोई भी व्यक्ति प्रेसिडेंट के पद पर नहीं था और न ही प्रेसिडेंट का पद था. दरअसल, टाटा स्टील में एमडी टीवी नरेंद्रन को बनाया जाना था.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
आनंद सेन.

आनंद सेन सीनियर पदाधिकारी होते थे, लेकिन उनको एमडी नहीं बनाया जा रहा था, इस कारण उनके सम्मान को देखते हुए प्रेसिडेंट के पद पर उनको आसीन कर दिया गया था ताकि आनंद सेन को खराब नहीं लगे. हालांकि, इन सारी बातों को लेकर टाटा स्टील की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन कंपनी सूत्र यहीं कह रहे है. वैसे आनंद सेन फिलहाल टाटा स्टील में प्रेसिडेंट के अलावा टाटा स्टील प्रोसेसिंग व डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड में चेयरमैन, टाटा स्टील की ही नैटस्टील होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में चेयरमैन, टाटा ब्लूस्कोप, टिनप्लेट, जेसीएपीसीपीएल (जापान की निप्पन स्टील कारपोरेशन व टाटा स्टील की संयुक्त उद्यम) और टाटा स्टील भूषण स्टील के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में है.ह इसके अलावा वे भुवनेश्वर के एक्सआइएम में भी बोर्ड के सदस्य है. ऐसे में उपरोक्त सारी कंपनियों के पद पर वे बने रहेंगे या नहीं, इसको लेकर भी संशय की स्थिति है. फिलहाल, टाटा स्टील और आनंद सेन की ओर से कोई भी अधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है.

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement
एक अवार्ड समारोह में टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन के साथ आनंद सेन.

जानिये आनंद सेन के बारे में :
आनंद सेन वर्तमान में टाटा स्टील के प्रेसिडेंट टीक्यूएम स्टील बिजनेस के पद पर आसीन है. वे आइआइटी खड़गपुर से बीटेक ऑनर्स की डिग्री हासिल की है, जिसमें वे मेटलर्जिकल इंजीनियर रहे है. पहला पीजी की डिग्री उन्होंने आइआइएम-कोलकाता से हासिल की और उन्होंने फ्रांस के इंसेड सिडेप से एमबीए एक्जीक्यूटिव की डिग्री ली थी. वे टाटा स्टील में वे मार्केटिंग सेल्स, स्ट्रैटेजी व बिजनेस लीडरशिप, ऑपरेशन, मेंटेनेंस, टेक्नॉलॉजी, सप्लाइ चेन व प्रोजेक्ट जैसे काम देख चुके है. उनके नेतृत्व में ही टाटा स्टील ने 2008 में डेमिंग एप्लीकेशन प्राख़इज जीता और 2012 में डेमिंग ग्रांड प्राइज हासिल की. तकनीकी विकास के क्षेत्र में उनके ही नेतृत्व में कोटिंग मैटेरियल ग्रेफाइन का काम शुरू हुआ. श्री सेन इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मेटर के अध्यक्ष है जबकि एसोसिएश़ फॉर आयरन एंड स्टील टेक्नॉलॉजी का चेयरमैन भी है. सीआइआइ के लॉजिस्टिक व सप्लाइ चेन टास्क फोर्स इस्टर्न रिजन का वे चेयरमैन भी है जबकि सीआइआइ के नेशनल कमेटी ऑफ स्टील के सह अध्यक्ष के पद पर भी है.

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement