चांडिल : समाजसेवी हरेलाल महतो ने दिया चार गांवों के निवासियों को तोहफा, एक पुलिया ने चार आदिवासी बहुल गांवो की चांडिल से दूरी को किया कम

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अनिशा गोराई

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चांडिल : प्रखंड के दालग्राम, हिरमिली, बनडीह व चिंगड़ीडीह में 99 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजातियों की है. इन गांवो के निवासियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चांडिल, प्लस टू उच्च विद्यालय व चांडिल बाजार जाने के लिए कैनाल किनारे के अस्थायी कच्चे रास्ते से लंबी दूरी तय करना पड़ता था या खेत की मेढ़ से पैदल जाना पड़ता था. करीब तीन महीने पहले ग्रामीणों के आमंत्रण पर समाजसेवी हरेलाल महतो हिरमिली गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी समस्या सुनाते हुए कहा कि कैनाल किनारे के रास्ते से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्लस टू उच्च विद्यालय, मेडिकल स्टोर, छात्र-छात्राओं को कोचिंग संस्थान आदि जाने में समय की बर्बादी होती है. ग्रामीणों ने आग्रह किया कि बीच में एक जुड़िया है. उसमें एक पुलिया का निर्माण कराने से चार गांव के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी. हरेलाल महतो ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अतिशीघ्र पुलिया व रास्ता का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. एक सप्ताह के बाद हरेलाल महतो द्वारा निजी खर्च से पुलिया निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया. तीन महीने में पुलिया बनकर तैयार हो गयी. हिरमिली गांव निवासी लखिन्दर दास ने बताया कि पुलिया का निर्माण होने से चार गांवों के ग्रामीणों को अस्पताल, उच्च विद्यालय, हाट बाजार, बस ठहराव, रेलवे स्टेशन आदि जाने में समय की काफी बचत होने लगी है. श्री दास ने बताया कि सबसे अधिक सुविधा मरीज व छात्र-छात्राओं की हो रहा है. कम समय में मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चांडिल पहुंचाया जा रहा है और प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्कूल व कोचिंग संस्थानों में जाने में कम समय लग रहा है.

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