जंगलों में अधिक से अधिक फलदार पौधे लगायें : डॉ डीके तिवारीमुख्य सचिव ने की कैंपा की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षा बैठक

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चाकुलिया : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने झारखंड मंत्रालय में कैंपा (कॉपेंनसेंटरी एफॉरेस्ट्रेशन फंड मैनेजमेंट प्लानिंग ऑथोरिटी) की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में समीक्षा करते हुए वन विभाग को निर्देश दिया है कि वे जंगलों में अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाएं. इससे जहां आनेवाले समय में वन अधारित लोगों को फलों के रूप में आर्थिक लाभ होगा, वहीं वे इन पौधों को जलावन आदि के लिए काटने के बजाय संरक्षित करेंगे. इससे इको सिस्टम मजबूत होगा तथा इन पौधों के पेड़ बनने पर रखवाली का अतिरिक्त दबाव भी नहीं होगा. कहा कि अभी तक वन विभाग लगभग नगण्य फलदार वृक्ष लगाये है. मुख्य सचिव ने यह निर्देश दिया कि तत्काल कुल पौधारोपण का 20 प्रतिशत व आगे 50 प्रतिशत तक फलदार वृक्ष लगाएं.
सरकारी विभागों को निःशुल्क में मुहैया कराएं पौधे:मुख्य सचिव ने राज्य में पौधरोपण की गति को तेज करने पर बल देते हुए निर्देश दिया कि वन विभाग राज्य सरकार के विभागों को अधिकाधिक पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए उन्हें निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए.अभी तक वन विभाग पांच रुपये के टोकन मनी पर एक पौधा उपलब्ध कराता रहा है. मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग जहां वाटरशेड बना रही है वहां वे पौधरोपण कराएं. इससे मिट्टी का कटाव रुकेगा तथा जल संरक्षण भी होगा. वनों की मैपिंग कराए:
मुख्य सचिव ने वन क्षेत्र की मैपिंग कराने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे पता रहेगा कि वन विभाग की एक-एक इंच जमीन कहां और कितनी है. वन विभाग को अन्य विभागों से तालमेल कर पौधरोपण और जल संरक्षण पर बल देते हुए निर्देश दिया कि यह काम सिजन के तहत करें. 
वन विकास के लिए केंद्र से मिले 4,158 करोड़:कैंपा के तहत वन विकास के लिए झारखंड को इस बार 4,158 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. यह पूरे देश में झारखंड को मिलनेवाली चौथी बड़ी राशि है.मुख्य सचिव ने वन विभाग को इस राशि के अधिकाधिक सदुपयोग पर बल देते हुए कहा कि यह राज्य के लिए शुक्ल पक्ष जैसा है.इस राशि से वन प्रदेश झारखंड के जंगल को और सघन किया जा सकता है.

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पद्मश्री जमुना टुडू ने साझा किए अनुभव

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बैठक में पर्यावरण के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने राज्य में वनों के संरक्षण और विकास पर संतोष जताते हुए हाथियों से जान-माल की क्षति पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने राज्य सरकार से हाथियों से सुरक्षा पर फोकस करने पर बल दिया. मुख्य सचिव ने मौके पर वन विभाग को निर्देश दिया कि वे दलमा के इलाके से पश्चिम बंगाल जानेवाले हाथियों के लिए सुरक्षित करिडोर बनाएं. इसके लिए उन्होंने नेशनल हाइवे पर हाथियों के आवागमन को अवरुद्ध करने के लिए ओवर पास और अंडर पास करिडोर बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि वन विभाग अपनी लीडरशिप में इसे अंजाम दे तथा इसके लिए एनएचआई से अनुमति लेने का प्रस्ताव तैयार करे.बैठक में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव के .के खंडेलवाल, ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.

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